>हर जाति वर्ग के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की फीस बराबर रखी जाये,
>या तो सबके लिए शून्य की जाये या फिर सबसे बराबर पैसे लिए जाएँ,
>जब आरक्षण जाति के आधार पर होता है तो फीस जाति देखकर क्यूँ ली जाती है?
>अब आंदोल��� ट्विटर तक सीमित नहीं रहेगा ,अब हर छात्र की आवाजें सड़कों से गूंजेगी
जय सोमनाथ !
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का आज से शुभारंभ हो रहा है। एक हजार वर्ष पूर्व, जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर ने अपने इतिहास का पहला आक्रमण झेला था। साल 1026 का आक्रमण और उसके बाद हुए अनेक हमले भी हमारी शाश्वत आस्था को ��िगा नहीं सके। बल्कि इनसे भारत की सांस्कृतिक एकता की भावना और सशक्त हुई और सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार होता रहा।
मैं सोमनाथ की अपनी पिछली यात्राओं की कुछ तस्वीरें साझा कर रहा हूं। यदि आप भी सोमनाथ गए हैं, तो अपनी तस्वीरें #SomnathSwabhimanParv के साथ जरूर शेयर करें।
श्री सोमनाथ महादेव की कृपा और आशीर्वाद से सबका कल्याण हो।
सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्।
भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शर���ं प्रपद्ये॥
हमारी महान संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत अनगिनत हमलों की भी साक्षी रही है। यह देशवासियों की सामूहिक शक्ति ही है, जिसने हमारी सांस्कृतिक धरोहर को हमेशा अक्षुण्ण रखा है।
वनानि दहतो वह्नेः सखा भवति मारुतः।
स एव दीपनाशाय कृशे कस्यास्ति सौहृदम् ।।
आदरणीय अटल जी की जन्म-जयंती हम सबके लिए उनके जीवन से प्रेरणा लेने का एक विशेष अवसर है। उनका आचरण, शालीनता, वैचारिक दृढ़ता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भारतीय राजनीति के लिए एक आदर्श मानक है। उन्होंने अपने जीवन से यह सिद्ध किया कि श्रेष्ठता पद से नहीं, आचरण से स्थापित होती है और वही समाज को दिशा देती है।
इस अवसर पर मैं इस सुभाषित को साझा कर रहा हूं, जो उनके जीवन के एक पहलू को परिभाषित करता है:
यद्यदाचरति श्रेष्ठस्तत्तदेवेतरो जनः।
स यत्प्रमाणं कुरुते लोकस्तदनुवर्तते॥