आप स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो सुनिए और सोचिए...
खुले मंच से इतना सब कहने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने सिर्फ एक मामूली FIR दर्ज की, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया।
जबकि इस मामले में हत्या के प्रयास की धारा लगनी चाहिए थी, लेकिन यह धारा नहीं लगाई गई।
:महिला क���ंग्रेस अध्यक्ष @LambaAlka जी
@HaryanaPMC
निशु, घबराने की ज़रूरत नहीं है। मैं तुम्हारे साथ हूँ।
साफ है कि तुम्हें इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि तुम अपने समुदाय और छात्रों के हक़ की आवाज़ उठाती हो।
अमित शाह की दिल्ली पुलिस एक तरफ़ छात्रों के साथ अमानवीय बर्बरता करती है। दूसरी तरफ़ एक दलित लड़की के पिता का सिर फोड़ने वाला अपराधी खुलेआम घूम रहा है।
@narendramodi जी, @AmitShah जी - ऐसे अपराधी को आपका और आपकी पार्टी के लोगों का संरक्षण क्यों है? अब भी कार्रवाई होगी या किसी को बचाते रहेंगे?
निशु, तुम्हारी लड़ाई अकेली नहीं है। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
जय भीम। जय संविधान।
It is really fascinating how the tone immediately changes the second one starts to question the government narrative. It is like a light switch.
NDTV might have forgotten, but you must remember: It is healthy to question narratives and statistics.
इस 15 साल की बच्ची का मोदी की ट्रोल आर्मी ने जीना हराम कर दिया है।
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री 15 साल की बच्ची से लड़ रहे हैं।
ग़ज़ब हाल है।
NCLT - “नेता-कंपनी लूट ट्रिब्यूनल”
किसान 50 हज़ार न चुकाए तो ज़मीन नीलाम हो जाती है। Salaried एक EMI न भर पाएं तो घर पर बैंक के गुंडे पहुंच जाते हैं। गरीब छात्रों को तो शिक्षा तक के लिए लोन नहीं मिलता।
मगर, चुनिंदा "मित्रों" के लिए बैंक का पैसा निजी संपत्ति है - कितना भी निकालो, जो मर्ज़ी चुकाओ।
मोदी सरकार ने देश में दो व्यवस्थाएं बना रखी हैं - एक चंद अरबपतियों के लिए, दूसरी बाक़ी सबके लिए।