IIT बॉम्बे में प्रोफेसर कैसे पिछड़े क्षेत्र से आने वाले साधारण परिवारों से आने वाले छात्रों की मानसिक प्रताड़ना करते है, इसकी पूरी संघर्ष की कहानी IIT बॉम्बे के छात्र रहे दीपक बघेल ने बताई है।
दीपक बघेल आज इंदौर में बहुत सफल एग्रो बिज़नेस चला रहे है। लेकिन अपने रूट से आज भी पूरी तरह जुड़े हुए है। 👇👇🫶
भारतीय UPI पेमेंट मार्केट का तकरीबन 86% हिस्सा दो अमेरिकी कंपनियों के पास है।
फोनपे की मुख्य पेरेंट कंपनी Walmart है जिसकी फोनपे में सबसे बड़ी 71.77% की हिस्सेदारी है। यानी मालिकाना उसी के पास है।
गूगल पे का मालिकाना हक गूगल और इसकी मूल कंपनी अल्फाबेट इंक के पास है।
108, Stellar Okas, Shushant golf city lko
Its address
He is someone Ashish yadav
Md of hostela group which governing shreya hostels in lucknow and he is not refunding 13000/-security money of many of girls of theirs Shreya hostel
.. so what should we do now
शुभांगी मिश्रा BBC की वह खोजी रिपोर्टर और साहसी पत्रकार हैं, जिन्होंने गुजरात में बनी RUPP श्रेणी की पार्टियों के ‘बंद शटर’ खोलकर ‘हवाला’ और टैक्स चोरी के खेल को उजागर किया.
इसी की रोशनी में ECI के ‘अंधे’ बनकर सब कुछ नज़रअंदाज़ कर देने के बड़े खेल को भी समझा जा सकता है!
आज उत्तर भारत के पेरिया��� कहे जाने वाले ललई सिंह यादव जी की जयंती है। सामाजिक गैर-बराबरी, जातिगत वर्चस्व, पाखंड और अन्याय के विरुद्ध तर्क और विचार की मशाल लेकर आजीवन संघर्ष करने वाले ललई सिंह यादव को उनकी जयंती पर सादर नमन।
कौन हैं श्याम लाल यादव, श्याम लाल यादव भारत के टॉप इन्वेस्टिगेटिव पत्रकार में से एक है , इनकी किताब RTI से पत्रकारिता अपने आप में एक बड़ी खोजी रिपोर्ट का संकलन है , इन्हें भारतीय खोजी पत्रकारिता का गॉड फादर कहना गलत नहीं होगा
इनकी रिपोर्ट ने किस तरह अमिताभ बच्चन , ऐश्वर्या रॉय, अरुणाचल के सीएम, यूपी stf के चीफ अमिताभ यश , जयंत सिन्हा इत्यादि की पोल खोल दी थी, लिंक कमेंट बॉक्स में है स्टोरी का
ये गोदी मीडिया के स्टूडियो में बैठकर teleprompter पढ़ने वाले पत्रकार नहीं है इन्हें इंडियन मीडिया इंडस्ट्री और भारत के बड़े सुलझे पत्रकारों में गिनती होती है , बस अफ़सोस की बात यह है कि ये कैमरा पर बैठकर ये गमछे पहनकर बातों क��� घुमाना इन्हें आता नहीं, सोचिए इन्होंने एक रिपोर्ट को करने के लिए लाखों पन्ने को पढ़कर और RTI के जरिए अपनी पत्रकारिता को धारदार बनाया
आरक्षण का विरोध करने वालों के पास जब तर्क कम पड़ जाते हैं, तो अक्सर वे सवाल उठाने वाले व्यक्ति पर सवाल उठाने लगते हैं
श्याम लाल यादव The Indian Express के वरिष्ठ investigative journalist हैं। उनकी पहचान ऐसी पत्रकारिता से बनी है जिसमें आरोपों से ज्यादा महत्व RTI, सरकारी दस्तावेजों, leaked records और financial documents का होता है
उनकी चर्चित पड़तालों में अयोध्या की जमीन, Supreme Court judges की assets disclosure, Panama Papers और Paradise Papers जैसी investigations शामिल हैं।
अयोध्या की जमीन से लेकर Supreme Court तक
1. राम मंदिर पर Supreme Court के फैसले के बाद अयोध्या में जमीन की कीमत और महत्व तेजी से बढ़ा। Indian Express की उनकी रिपोर्टिंग ने यह पड़ताल की कि किस तरह कुछ ��धिकारियों, नेताओं और उनसे जुड़े परिवारों ने अयोध्या में जमीन खरीदी और इन transactions में क्या असामान्यताएं थीं। जमीन के records और registry documents के आधार पर की गई इस रिपोर्टिंग ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में सवाल खड़े किए।
2. 18 सितंबर 2024 की उनकी रिपोर्ट ने Supreme Court की transparency पर भी गंभीर सवाल उठाया। उस समय 33 serving judges में से 27 ने अपनी personal assets CJI के office में जमा की थीं, लेकिन उनकी संपत्तियों का विवरण सार्वजनिक रूप से Supreme Court की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं था। सवाल सीधा था—जब assets declaration लिया जा रहा है, तो उसे public domain में क्यों नहीं रखा जाता?
3. Panama Papers: offshore दुनिया का भारतीय connection
Panama Papers में Mossack Fonseca के करीब 11.5 million leaked documents थे। Indian Express ने इनमें भारतीय connections की जांच की और Amitabh Bachchan, Aishwarya Rai Bachchan, K. P. Singh, Vinod Adani, Iqbal Mirchi, Shishir Bajoria और Anurag Kejriwal जैसे चर्चित नामों से जुड़े offshore records की पड़ताल की।
लेकिन असली कहानी सिर्फ नामों की सूची नहीं थी। Documents को corporate records, addresses और financial information से cross-check किया गया। बाद की RTI-based investigation में सामने आया कि Indian tax authorities ने Panama Papers के बाद ₹20,078 करोड़ के undeclared assets identify किए थे। 46 prosecutions और 83 searches/surveys की जानकारी भी सामने आई।
4.Paradise Papers: offshore system कितना बड़ा है?
2017 के Paradise Papers में करीब 13.4 million documents थे। Indian Express ने लगभग 10 महीने की investigation में 714 भारतीयों के links की पड़ताल की।
सबसे उल्लेखनीय findings में Sun Group से जुड़ी 118 offshore entities शामिल थीं। Investigation ने यह भी दिखाया कि offshore finance केवल businessmen की कहानी नहीं है। इसके पीछे law firms, accountants, banks और corporate service providers का पूरा professional ecosystem काम करता है।
इन structures का इस्तेमाल tax planning, assets रखने, aircraft/yachts, real estate, offshore accounts और corporate restructuring जैसे उद्देश्यों के लिए किया जाता था। इनमें से offshore investment अपने-आप में अपराध नहीं है; सवाल disclosure, legality और वास्तविक beneficial ownership का है।
इनकी सारी ख़बरों राम मंदिर, पनामा पेपर्स पैरा��ाइस पेपर्स का लिंक कमेंट बॉक्स में है
आप भारत के तमाम भ्रष्टाचार की परत खोलती किताब Journalism through RTI को ऑर्डर करके पढ़ सकते है , पत्रकारिता के नए बच्चों को ये किताब जरूर पढ़ना चाहिए
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