शिक्षा मंत्री मानसिक दिवालियापन के शिकार हैं.. इसका एक और रूप देखिए
आखिर शिक्षा मंत्री को किसी भी शिक्षिका का मोबाइल चेक करने का अधिकार किसने दिया? ये केवल निजता का सवाल नहीं, बल्कि सम्मान और गरिमा का भी प्रश्न है।
शिक्षा मंत्री को शिक्षको�� के मोबाइल नहीं, अपनी नाकामियों की फाइल चेक करनी चाहिए। असली सच्चाई वहीं मिलेगी।
जब युद्ध शुरू हुआ— तो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 1,000 रुपये बढ़ाई गई थी।
जब युद्ध खत्म हुआ— तो कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में सिर्फ़ 183.50 रुपये की कट���ती की गई है।
पूरे 1000 कम क्यों नहीं किए गए— मोदी जी ये किस तरह की मैथ है??
पहले पेट्रोल महंगा था, अब रंगीन भी हो गया,
ये सब महामानव के कारण ही संभव हो पाया ।
पेट्रोल का कलर क्या चेंज क्या हो गया ,गाड़ियों खराब क्या हो गई एंटी नेशनल लोग सरकार से सवाल पूछने लगे ।
जवाब देना कही सरकार का काम है क्या , अंधभक्त किसलिये है वो देंगे जवाब इनका ढंग से सीधे पाकिस्तान छोड़ के आयेंगे ।
सोशल मीडिया से कई वो वीडियो हटवाए गए जहां गाड़ी मालिक, मैकेनिक या कंटेट क्रिएटर ने सीधे एथेनाल वाले पेट्रोल कि हकीकत बताई है।
गडकरी जी अपने पुत्र कि कम्पनी को मालामाल करने के चक्कर मे भारत कि जनता का माल कबाड़ कर रहे है।
इसमें देखिए कैसे इंजन बैठ गया और ��ेट्रोल पानी हो गया है।
तहसीन पूनावाला ने ट्वीट कर कहा है कि वह 5 जुलाई को जंतर-मंतर पर E20 पेट्रोल के विरोध में प्रदर्शन करेंगे. ट्वीट में उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ��ह 'बेटा बढ़ाओ योजना' पर काम कर रहे हैं...
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सरकार अब तक कोरोना से मरने वालों का आँकड़ा नहीं दे पाई। नोटबंदी का फ़ायदा नहीं बता पाई। राममंदिर में जनता का पैसा चंपत करने वालों पर FIR नहीं कर पाई ।
एक साल में एथेनॉल का असर बता देगी ?
“…इथेनॉल का माइलेज 30 फ़ीसदी कम होता है…”
अनुराग सरावगी, भारत पेट्रोलियम कॉर्पो��ेशन लिमिटेड (BPCL) के बायोफ्यूल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर
Video Credit : ANI https://t.co/WWxnk5ZztN
मेहनत की कमाई से जिंदगी भर की पूंजी लगाकर लोग कार-बाइक खरीदते हैं, सपने देखते हैं।
लेकिन आज E20 पेट्रोल पंपों से गन्ने juice जैसा पीला पानी निकल रहा है।
इंजन खराब, माइलेज घटने की बात लोग ख़ुद बोल रहे है नई गाड़ियां तक बेकार हो रही हैं।
वही सुप्रीम कोर्ट में सरकार खुद कह रही कि ये ongoing experiment है, नतीजे अगले साल आएंगे।
तो क्या आम आदमी की गाड़ियां सरकार के लिए प्रयोग की लैब Experiment हैं? करोड़ों लोगों की मेहनत की कमाई और सपनों के साथ खिलवाड़ आख़िर किसके लिए ?
इतने सारे आरोप लोग लगा रहे है ! किसी के पास कोई जवाब नहीं है! और है तो हमेशा की तरह चुप्पी !
मैं रेलवे GROUP D के इस कटऑफ को देखकर हैरान हो गया, आप भी होने वाले हैं।
"रांची" जोन में EWS का कटऑफ ST (अनुसूचित जनजाति) से भी कम गया है।
OBC और EWS में 10 नंबर का अंतर है।
क्या आरक्षण के साथ खिलवाड़ नहीं हो रहा है?!
बड़ी खबर 💥
पेट्रोल 20 रुपए और डीजल 25 रुपए सस्ता हो गया. सरकार ने लोगों की भलाई का सोचते हुए ये फैसला लिया है.
कच्चे तेल के दाम बहुत कम हो गए हैं. इसलिए सरकार ने जनता को महंगाई से राहत दी है.
श्रीलंका की सरकार ने ये शानदार फैसला लिया है.
इथेनॉल ने डिफेंडर गाड़ी का भी ब्रेक डाउन करवा दिया। लेकिन; सरकार तो प्रयोग कर रही है। नतीजे आने में अभी एक साल लगेंगे। तब तक आपकी कोई भी गाड़ी क्यों ना हो, खराब होती तो सरकार की टेंशन बिल्कुल भी नहीं है।