Zindagi humein bohot kuch sikhati hai...
Lekin jab tak hum seekh paate hain, tab tak waqt badal chuka hota hai. Hum poori zindagi paisa kamane aur log jodne mein nikal dete hain. Par aakhiri mod par pata chalta hai ki...
Sukoon toh us bachpan ke purane khilone mein hi tha.
सबा
चाँद के हमराह रात के स��़र से गुज़र रहे हैं
दिले शादाँ की वो हुस्न-ए-नज़र से गुज़र रहे हैं
:
आसमाँ पे है केहकशाँ ज़मीं पे फूलों की ज़ीनत
लगता है माँ की दुआओं के असर से गुज़र रहे हैं
#सबा
@TausifRefai ↕️
#माँ #Mother
(साभार)
बज़्म काव्यमंच दैनिक प्रतियोगता
🗓️ दिनांक –07/01/2026 ✍️ विषय – कैप्शन
चाहे कविता हो, ग़ज़ल हो, लघुकथा हो या मुक्तक बस दिल की धरकनों को कागज़ पर उतरने दीजिए।
आज आपकी कलम किसी सीमा में बंधी नहीं है…जिस भाव में मन डूबे, जिस सोच मे�� दिल ठहरे उसे #बज़्म और #बज़्म_काव्यमंच पर अपनी अनोखी पहचान दीजिए। ✍️
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کل تک جس کے گرد تھا رقصاں اک انبوہ ستاروں کا
آج اسی کو تنہا پا کر میں تو بہت حیران ہوا
~ محسنؔ نقوی
कल तक जिस के गिर्द था रक़्साँ इक अम्बोह सितारों का
आज उसी को तन्हा पा कर मैं तो बहुत हैरान हुआ
~ मोहसिन नक़वी
kal tak jis ke gird tha raqsāñ ik amboh sitāroñ kā
aaj usī ko tanhā paa kar maiñ to bahot hairān huā
~ Mohsin Naqvi
#बज़्म #बज़्म_काव्य_मंच
#कल और आज