Nepal, 5DayWeekandFairPLI, AIBOC,SaveAshram, SaveNepal and NepalFloods.
Reel बाज भी अब एक बीमारी बनते जा रहे है जहां इंसान जिंदगी और मौत से जूझ रहा हो वहां ये चू#तिये पहुंचकर दर्द से कराह रहे लोगों की भावनाओं का फायदा उठाते है।
इस इंसान को देख लो किस तरह से सर पर चश्मा रखकर mobile को फेंककर कीचड़ के बीच Resque कर रहा है।
ऐसे लोगों से केवल भारत ही नहीं हर द���श परेशान होने लगा है।
जहां लोगों अपनो को खोज रहे है वहां ऐसे लोग भावनाओं का फायदा उठाकर Reel बना रहे है।
👉Untouchability is a crime.
👉The Shuddhikaran of the stage after Congress President Kharge ji's speech in Uttarakhand is 𝗨𝗡𝗧𝗢𝗨𝗖𝗛𝗔𝗕𝗜��𝗜𝗧𝗬.
👉 We demand justice. The state and central governments must ensure Kharge ji gets justice.
: LoP Shri @RahulGandhi
📍 Delhi
देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से मृत्यु तक, हर जगह, हर कदम अपमान किया जाता है।
उनकी जितनी बुलंद आवाज़ होती है, उनपर उतना तेज़ हमला होता है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी के साथ हल्द्वानी में जो भी हुआ वो "शुद्धिकरण" का नाम दे कर उनके खिलाफ़ छुआछूत है - और छुआछूत भारत के संविधान के अनुसार दंडनीय अपराध है।
इस बात को 20 दिन हो गए - मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं ���ी गई, कोई FIR दर्ज नहीं हुई।
नरेंद्र मोदी जी, देश के हर दलित व्यक्ति को आपकी यह दलित विरोधी विचारधारा साफ़ दिखाई दे रही है।
अब गेंद BJP के पाले में है - जल्द से जल्द SC-ST क़ानून के तहत FIR दर्ज हो, कार्रवाई हो और न्याय हो - वरना कांग्रेस पार्टी न्याय हासिल करना अच्छे से जानती है।
Wah, @navikakumar ji wah! Love your journalism. 👏😂
Last evening, @TimesNow put out a poll on X asking whether it was time to consider ‘Quota Reform’.
A grand total of 17 people participated in this so-called ‘poll/survey’.
And by 10:30 PM, Times Now was already flashing the ‘results’: 87% said YES to quota reform.
17 respondents. National television. ‘Survey’ results declared.
Peak journalism! 🫡🤣
सरमथुरा धौलपुर करौली टाइगर रिजर्व को रद्द करवाने को लेकर धरना रक्षाबंधन के दिन भी जारी रहा धरना, हजारों लोगों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया।
भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और खुशियों के त्योहार रक्षाबंधन के बीच भी ग्रामीण अपने हक और अपनी जमीन की लड़ाई लड़ रहे हैं। टाइगर रिजर्व रद्द करवाने की मांग को लेकर हजारों लोग धरने में बढ़-चढ़कर शामिल हुए। लोगों के चेहरों पर चिंता और आंखों में अपने घर-परिवार व भविष्य की चिंता साफ दिखाई दी।
ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा-“जब घर नहीं रहेगा, जमीन नहीं बचेगी और परिवार का भविष्य ही सुरक्षित नहीं रहेगा, तो त्योहार किस बात का?”
रक्षाबंधन के दिन भी संघर्ष जारी रहना इस आंदोलन की गंभीरता और ग्रामीणों के दर्द को बयां करता है। @RajCMO@Sanjay4India1@BhajanlalBjp
सरकार ने आरक्षण में आखिर कौन-सा बदलाव करने का आश्वासन दिया है? क्या सरकार आरक्षण की मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था में बदलाव करने जा रही है? क्या @JPNadda ने आरक्षण विरोधी आंदोलन की मांगों पर सहमति या कोई आश्वासन दिया है? अगर नहीं, तो हर्ष दुबे ऐसा दावा किस आधार पर कर रहे हैं? क्या प्रधानमंत्री @narendramodi जी और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्ड�� देश के सामने स्पष्ट करेंगे कि आरक्षण को लेकर सरकार की वास्तविक नीति क्या है? SC, ST और OBC समाज को जवाब चाहिए। आरक्षण कोई राजनीतिक सौदेबाजी नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व का संवैधानिक अधिकार है।
कल आदरणीय कप्तान छुट्टन लाल जी की जयंती के अवसर पर अलवर के भूगोर तिराहे (Bugur Tiraha) का नामकरण उनके नाम पर किया जाएगा।
इस अवसर पर कल शाम 7 बजे भूगोर तिराहे पर आयोजित नामकरण कार्यक्रम में शामिल रहूँगा।
समाज के सभी गणमान्य साथी एवं सम्मानित जन इस अवसर ���र कल शाम 7 बजे अधिक से अधिक संख्या में अवश्य पहुँचें और इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनें
इंक़लाब जिंदाबाद।
सोशल मीडिया पर बैठकर लिख देना कि “मीणाओं का आरक्षण खत्म कर दो” आसान है, लेकिन उन बच्चों का संघर्ष देखना मुश्किल, जो अभावों में पढ़कर अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं।
आरक्षण खैरात नहीं, ऐतिहासिक अन्याय के खिलाफ संवैधानिक अधिकार है। पहले संघर्ष समझिए, फिर अधिकार पर सवाल उठाइए।
#reservation #आरक्षण