@RitikaChandola Ye Naye Naye Shehla Rashid Banne ke Prayashe lage hue hai esse kra koi puche ensab ke bolne per sab bawal hua or ye mast Shi Time per hospital nikal gye
अगर "गोदी मीडिया" कहना स्वीकार्य है, तो "पालतू मीडिया" पर चर्चा से परहेज़ क्यों?
मीडिया की विश्वसनीयता किसी विचारधारा से नहीं, बल्कि तथ्यों, निष्पक्षता और जवाबदेही से तय होती है। लोकतंत्र में नेताओं के साथ-साथ पत्रकार भी सवालों से ऊपर नहीं हो सकते।
#PaaltuMedia
Reservation rahe ya na rahe, ek sawaal zaroor banta hai—is mudde par fact-based discussion se itna darr kyun? 🤔
Apni rai comments mein rakhiye, lekin facts aur respect ke saath.
#Reservation#Debate#IndianPolitics#socialissues
बीजेपी को इसका भी इस्तीफा लेना चाहिए मुफ्त की मलाई खा रहा है आईटी सेल के नाम पर और आईटी सेल दो कौड़ी का भी काम नहीं कर रही है।
इससे अच्छा तो बीजेपी के सपोर्टर फ्री में कर रहे है।
बीजेपी पद देती ही सूतियों को है जिनको कुछ आता जाता नहीं है।
#बीजेपी
@amitmalviya ये बात दुनिया पहले दिन से जानती है,पर ये तुम्हारी सरकार की ये हार है एक टिपुंजिया के सामने तुम्हारे पूरी सरकार और पार्टी नत्मस्तक हो गई शर्म कर लो ओर जिस पद पर हो उसके साथ न्याय नहीं कर रहे तुमको भी जिम्मेदारी लेनी होगी
समस्या एक्शन में नहीं, टाइमिंग में होती है। ध्यान से पढ़िएगा, दुनिया के एक हिस्से में कोई तितली पंख फड़फड़ाए तो दूर किसी दूसरे हिस्से में तूफ़ान आ सकता है। ये सत्य है, वैज्ञानिक है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की टाइमिंग में ही सारा खेल छिपा है। बटरफ्लाई इफ़ेक्��� का अर्थ ये नहीं है कि हर तितली पंख फड़फड़ाएगी तो कहीं तूफान आएगा। टाइमिंग का खेल है।
मान लीजिए, आपने सुबह घर से निकलने में 30 सेकेण्ड की देर कर दी। बस छूट गई। अगले बस में किसी ऐसे व्यक्ति से आपकी मुलाक़ात हो गई जिसने आपको कोई बड़ा काम दिला दिया। आपने वो काम अच्छा किया और एक साल में ही आपका प्रमोशन हो गया। सोचिए, उस 30 सेकेण्ड की वजह से कितना बड़ा परिवर्तन हो गया आपके जीवन में। लेकिन, हर किसी के लिए हर 30 सेकेण्ड कोई बड़ा परिवर्तन लेकर नहीं आता। वही, तितली वाली बात...
किसी तितली के पंख फड़फड़ा��े से हवा में मामूली बदलाव हुआ और एक के बाद एक होते गए बदलावों से दूर किसी तूफ़ान की तीव्रता प्रभावित हो गई। दिशा बदल गई। तबाही आ गई।
Butterfly Effect ये कहता है कि एक के बाद एक से प्रभावित होकर घटनाओं की एक लंबी श्रृंखला बनती चली जाती है और अंत में कुछ बहुत बड़ा हो जाता है। ये समय बताता है कि वो 'बहुत बड़ा' सकारात्मक है या नकारात्मक।
याद कीजिए, 2024 में भी NEET को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था। सरकार संसद में क़ानून भी लेकर आ गई थी। फिर UGC को लेकर तगड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ। लेकिन, तब इस्तीफा नहीं हुआ। शुरू में कॉकरोचों का ख़ूब मजाक बना। AAP खुलकर इस आंदोलन की आग में घी डालने लगी क्योंकि पंजाब में चुनाव हैं। कांग्रेस को पिछड़ता देख राहुल गाँधी विदेश से लौटे और धरने पर बैठ गए। सपा की तरफ़ से डिंपल यादव ने कमान सँभालकर फुटेज लूटी। FOMO के चक्कर में एक के बाद एक खिलाड़ी जुड़ते गए और अंत में आधी रात को प्रधानमंत्री को रील्स बनानी पड़ी। फिर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ।
2024 में बहुमत से पिछड़ने के बाद जनता ने प्रधानमंत्री की आँखों में आँसू देखा तो महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम उनकी झोली में डाल दिया। एक के बाद एक जीत वाला जो मोमेंटम था उसे ��न कॉकरोचों ने डिरेल करने की कोशिश की है।
चुनाव में बेहतर प्रदर्शन ही BJP की शक्ति है और यूपी-उत्तराखंड में जीत के साथ ही नुक़सान की भरपाई होगी। पंजाब में क्या होता है, इसपर भी नज़र रहेगी। संवेदनशील राज्य है, सब आग लगाने की फ़िराक में हैं। UGC वाली तितली आम तितली नहीं थी। उसके पंख की फड़फड़ाहट आज भी सुनाई दे रही है। देखते हैं...
🚨 WATCH: CJP PROTESTERS ONCE AGAIN TARGETED POLICE AT JANTAR MANTAR WITH STONE-PELTING.
SEVERAL POLICE PERSONNEL WERE REPORTEDLY INJURED AS POLICE USED TEAR GAS TO CONTROL THE SITUATION.