अमन @AmanChopra_ आपको सकुशल देखकर सचमुच अच्छा लगा।
अब ‘लोकतंत्र की हत्या’ का रट्टा लगाने वाले पालतू पत्रकार कहीं दिखाई नहीं देंगे। कंठ से आवाज़ भी नहीं निकलेगी।
ये पूरा ecosystem नितांत कपटाचारी है..सुविधा से नैरेटिव गढ़ता है और अपने ही बनाए शोर में सच को दबा देता है।
BIG______🔥🔥
नेपाल को..
पुनःवैदिक सनातन हिन्दू राष्ट्र अधिराज्य *घोषित* किया गया..
हिंदू एकजुट हो जाए तो
सबकुछ संभव है..
बधाई हो नेपाल के हिन्दू भाईयों🚩
दिल्ली की महिलाओं का अरविंद केजरीवाल से सीधा सवाल, लक्ष्मी योजना से AAP को परेशानी क्यों? AAP के 22 विधायकों ने विरोध क्यों किया? दिल्ली जवाब मांग रही है।
#महिला_विरोधी_केजरीवाल
“छात्रों के आंदोलन को अटकाने, भटकाने और लटकाने का काम कर रही है हेमंत सरकार।”
— छात्र नेता रविंद्र पासवान
झारखंड में छात्रों की आवाज़ दबाने के बजाय हेमंत सोरेन सरकार को उनकी जायज़ मांगों का जवाब देना चाहिए। युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर टालमटोल और बहानेबाज़ी नहीं, जवाबदेही चाहिए।
🚨 एंटी नक्सल ऑपरेशन को अंजाम तक पहुंचाने वाले CRPF के कोबरा कमांडो
⚡नक्सलवाद की मज़बूत जड़ें कोई उखाड़ फेंकेगा यह पिछले दशक तक कोई सोच नहीं सकता था लेकिन आज यह भारत की हकीकत बन चुका जिसे इन रण बांकुरों ने इतिहास के पन्नो में बंद कर दिया है।
@crpfindia
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के ISI कनेक्शन का दावा किया… तो उन्हें अचानक पद से क्यों हटा दिया गया?
सवाल सीधा है—
* अगर उन्होंने सिर्फ सच सामने रखा था, तो उन्हें हटाने की इतनी जल्दी क्यों?
* आखिर ऐसा क्या सच था, जिसकी कीमत एक पुलिस कमिश्नर को अपनी कुर्सी गंवाकर चुकानी पड़ी?
भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल जवाब दो — पंजाब और देश की जनता जानना चाहती है।
छात्रों के कल के विधानसभा घेराव को रोकने के लिए हेमंत सरकार की पूरी तैयारी।
अब कहाँ हैं राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल और उनके तिलचट्टे?
जो लोग दूसरे राज्यों में छात्रों के हर प्रदर्शन पर राजनीति चमकाने पहुँच जाते हैं, वे झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन पर चुप क्यों हैं?
क्या छात्रों का गुस्सा तभी “लोकतांत्रिक विरोध” होता है जब उससे BJP को घेरा जा सके?
झारखंड में छात्रों के सवालों पर भी वही पैमाना लागू होना चाहिए, जो विपक्ष BJP-शासित राज्यों में मांगता है।
चयनात्मक लोकतंत्र और सुविधानुसार छात्र राजनीति, अब जनता सब देख रही है।
'Make in India’ की तारीफ करने को अब तो खुद कांग्रेस अध्यक्ष भी मजबूर हैं!
राहुल गांधी जिस योजना को 'नामुमकिन' बताते नहीं थकते, आज उसी 'Make in India' का लोहा उनके अपने अध्यक्ष खड़गे जी मान रहे हैं।
जब देश के विकास का डंका पूरी दुनिया में बजता है, तो विरोधियों को भी सच स्वीकारना ही पड़ता है! 📈