अविश्वासं सदा तिष्ठेत्संधिना विग्रहेण च।
द्वैधीभावं समाश्रित्य पापे शत्रौ बलीयसि॥
मनुष्य को चाहिए कि वह संधि (शांति) और विग्रह (युद्���), दोनों में सदा सावधानीपूर्वक अविश्वास रखे। जब शत्रु पापी तथा अधिक शक्तिशाली हो, तब द्वैधीभाव (कूटनीति) का आश्रय लेकर कार्य करे। #पञ्चतन्त्र 3.52
Non-Christian colleagues innocently wish their Christian colleague “Happy Good Friday.”
Without knowing the history behind this day.
The end of this video will crack you up 😭😂
A great Indian history resource out there is the YT channel of Vinay Lal. His work puts a damper on the idea that academic historians haven't done enough public outreach.
In some videos, he perceptively explains the many parallels betw colonial Britain & contemporary America:
कम से कम जाते हुए मुझसे निगाहें न बदल,
कल तुझे मुझसे कोई ��ाम भी पड़ सकता है
दर्द तो तय ही है मेरे साथ ही जाएगा मगर,
तुम चले आओ तो आराम भी पड़ सकता है
तुम तो तफ़रीह में कह देते हो पागल मुझको,
रफ्ता-रफ्ता ये मेरा नाम भी पड़ सकता है
- आदिल राशिद
~~~~~
मायूस ज़िंदगी से तुझे दरकिनार कर,
बैठी हुई हूँ अपने मुक़द्दर से हार कर,
मैं कमनसीब उसके दिलासे में आ गई,
उसने कहा था मुझसे,मेरा इंतज़ार कर...
~~~~~
Credit - Social Media/Ig