@Bishnoi________@ChunnaRam151515 Jb sb kuchh rules ke acording hua h to fir Rpsc ko bhi bol de bhai ye sb ki kyu faltu meetings le rhe ho or kyu kisi ko notice de rhe ho or kyu news bnwa rhe ho
@ChunnaRam151515 Jb sb kuchh rules ke acording hua h to fir Rpsc ko bhi bol de bhai ye sb ki kyu faltu meetings le rhe ho or kyu kisi ko notice de rhe ho or kyu news bnwa rhe ho
@sushilakajla2 जबरदस्ती हवाबाजी करने के लिए हर कुछ बोलना सही नहीं है , पेपर को देखकर समझकर फिर बोलो , पेपर नियमानुसार नहीं आने से कितने लोगों का जीवन बर्बाद हुआ है और उनकी क्या मनोदशा है वो तुम जैसे हवाबाज लोग नहीं समझ सकते, इसीलिए ऐसे पोस्ट कर पा रहे हो
@SantoshBishnoi_ जिन बहुत सारी परीक्षाओं की आप पैरवी कर रहे हो वो नई पद्धति और नए रूप से हो रही हैं लेकिन si परीक्षा में नए वर्तमान स्थिति के प्रतियोगी शामिल नहीं हैं इसलिए si परीक्षा के अन्याय को आपके इस बेबुनियाद और नाकाफी तर्क से नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता
कल SI का पेपर देखकर लगा कि शायद RPSC का मानस यह था जिसमें किसी का भी चयन न हो और सीटें खाली रह जाएँ। कठिन पेपर बनाने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि हम अभ्यर्थियों की बुद्धिमत्ता और योग्यता का मूल्यांकन कर रहे हैं या केवल ऐसे तथ्य पूछ रहे हैं, जिन्हें याद रखना ही मुश्किल है?
कल से कई वीडियो और गाइड के प्रचार देख रहा हूँ कि हमारे गाइड से इतने प्रश्न आ गए, इतने प्रश्न आ गए। लेकिन क्या कोई यह सोचता है कि बच्चा कितनी चीजें याद रख सकता है? आप कितना भी पढ़ लें, जब मामूली-से तथ्यात्मक बदलाव करके प्रश्न को जटिल बना दिया जाता है, तो अभ्यर्थी का मानसिक संतुलन प्रभावित होता है।
अप्लाइड प्रश्न बनाइए, बिल्कुल बनाइए, लेकिन ऐसे तथ्यात्मक प्रश्न का क्या औचित्य जो केवल डर पैदा करें। आज RPSC को लेकर बच्चों में एक भय का माहौल बनता जा रहा है, जो आगामी परीक्षाओं की तैयारी को भी प्रभावित करता है।
जो विद्वान यह प्रचार कर रहे हैं कि हमारे गाइड से इतने कठिन प्रश्न आ गए, यदि वे स्वयं इस पेपर को दें, तो शायद उन्हें भी हर प्रश्न का सही उत्तर निश्चित रूप से पता न हो। इसलिए केवल कठिन प्रश्न आने को अपनी सामग्री की सफलता बताना उचित नहीं है।
सबसे अधिक दुख उन अभ्यर्थियों के लिए है, जिन्होंने वर्षों तक ईमानदारी से मेहनत की है। परीक्षा का स्तर देखकर लगता है कि कितनी भी मेहनत कर लो, ऐसे प्रश्नपत्र में अपनी वास्तविक योग्यता प्रदर्शित करना बहुत कठिन हो सकता है।
हमें सोचना होगा कि हम कहाँ जा रहे हैं और किस प्रकार की योग्यता का चयन करना चाहते हैं। परीक्षा कठिन हो सकती है, लेकिन वह निष्पक्ष, संतुलित और अभ्यर्थियों की वास्तविक समझ का मूल्यांकन करने वाली भी होनी चाहिए।
डॉ धीर सिंह धाभाई
#siexam
#subinspectorexam
@HansrajMeena जिस दिन ख़ुद पे बीतेगी उस दिन तुम इस तरह की पोस्ट करके ऐसे सवाल नहीं पूछोगे , ऐसे लोगों के साथ ये ही होना चाहिए, सही किया है पुलिस ने हम समर्थन करते हैं ✌️
@JtrahulSaini जिस दिन ख़ुद के ऊपर बीतेगी उस दिन तुझे ये कार्यवाही सही लगेगी बाक़ी अभी तो तू और तेरे जैसे लोग सोशल मीडिया पर केवल ज्ञान ही बाटेंगे , एकदम सही कर रही है पुलिस जैसी करनी वैसी भरनी 👍🏻
@sudhirchaudhary तुम जैसे दलाल की दलाली देखकर तुम्हारे परिवार वाले भी रोजाना शर्मिंदा होते हैं कभी उनका भी ख्याल कर और जमीर को ज़िंदा रख जिससे अपने बच्चों से नज़रें मिला सके दल्ले आदमी
@AshokShrivasta6@Bhushanlalb अबे चुटिया आदमी कोई माँग नहीं हो रही कहीं तू बंद कमरे में बैठके बकचोदी कर रहा है नामक का कर्ज अदा कर रहा है दल्ले बिके हुए ग़ुलाम बीजेपी के टुकड़ों पर पलने वाले तू क्या देश के लोगों की बात करेगा
@chitraaum शर्म बेच दी ,लेकिन जनता तुम जैसे गोदी मीडिया को जान चुकी है , जनता के बीच अब तुम जैसे लोगों का दो कौड़ी का सम्मान नहीं बचा है घर परिवार में नजरें मिला सको इतना तो जमीर जिंदा रखो
@AshokShrivasta6 अबे मादरचोदो दलालो कितना बचाव करोगे ऐसे शो बना बना के , मुख्य बात जो तुम्हे सरकार से पूछनी चाहिए की इतने दिन तक प्रोटेस्ट करने वालों से बात करके मामले को सुलझाया क्यों नहीं , ऐसी स्थिति पैदा ही क्यों होंने दी सरकार ने ,या बीजपी ख़ुद चाहती थी की हिंसा हो जिससे कोई नया जूठ बोला जाए
@AmanChopra_@DhartiPutra1234 अबे ओ दलाल चन्दा छोरों का पॉडकास्ट कब करेगा , या फिर कभी किसी और धर्म के आकाओं का पॉडकास्ट करके दिखा बेशर्म जमीर बेचके कैसे घर परिवार मैं नज़रें मिलते हो तुम लोग , कोठे की तवायफ़ का दर्जा उच्च है तुम जैसे बेहरमों से तो
@izeennatrana@ghanshyam33781 पुलिस को 20 जुलाई से पहले नहीं पता था क्या इनके बारे में, अगर वो वांछित थे तो पुलिस ने उन्हें समय रहते पकड़ा क्यों नहीं , और अगर न्यायालय के आदेश से वो व्यक्ति बाहर हैं और किसी कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं तो इसमें कोई ग़लत नहीं है आजतक वाले फोकट चुतिया हरकतें बंद करदो