Teri Maa ka bh@sda bhench@d, jharkhand jaane ke liye tere bhadve baap ne paise nahi diye kya tujhe. R@ndi ke bache wahan jata kyun nahi. (Using gaaliyan bcoz they are democratic and cool as per CJP)
ये तो बता रहे हैं कि बातचीत से समाधान निकलता है। पिछले महीने तो बता रहे थे कि इस्तीफ़े से ही समाधान निकलता है। समाधान भी ग़ज़ब चीज है कि राहुल गांधी जहाँ से कहेंगे वहीं से निकल आयेगा ससुर!
अभिजीत दिपके से एक इंटरव्यू… और फिर सन्नाटा! 😶
रिपोर्टर: आप कहते हैं कि भारत को युवा प्रधानमंत्री चाहिए और मोदी जी अब फिट नहीं हैं। आधार क्या है?
अभिजीत: भारत की औसत उम्र 28–29 साल है। मोदी जी 75 के हैं। युवा समस्याओं को युवा ही बेहतर समझ सकता है।
रिपोर्टर: लेकिन मोदी जी को चुना किसने?
उन्हीं युवाओं ने!
2014 में…
2019 में…
और फिर 2024 में भी।
जनता ने बार-बार अपना फैसला सुनाया।
अभिजीत: मैं चुनाव की बात नहीं कर रहा। मैं उनकी फिटनेस की बात कर रहा हूं। वह रील बनाते हैं, इन्फ्लुएंसर बन गए हैं…
रिपोर्टर: तो सोशल मीडिया पर युवाओं से जुड़ना अय���ग्यता की निशानी है?
फिर Instagram और YouTube पर सक्रिय हर युवा नेता को राजनीति छोड़ देनी चाहिए?
और आप खुद सोशल मीडिया के जरिए ही लोकप्रिय हुए हैं—तो क्या वह भी गलत है? 😏
अभिजीत: मेरा मतलब है कि उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़कर फुल-टाइम इन्फ्लुएंसर बन जाना चाहिए।
रिपोर्टर: अच्छा! आपने AAP के साथ वर्षों तक काम किया। जब अरविंद केजरीवाल की उम्र बढ़ रही थी, तब क्या आपने उनके लिए भी यही मांग की थी?
या फिर उम्र का सिद्धांत सिर्फ BJP नेताओं पर लागू होता है?
सवाल खत्म नहीं हुए थे…
पेपर लीक की बात हुई।
बेरोजगारी की बात हुई।
युवाओं की निराशा की बात हुई।
रिपोर्टर: समस्याएं हैं, उन्हें नकारा नहीं जा सकता। लेकिन क्या सरकार के काम भी गिनेंगे?
🏠 गरीबों को करोड़ों आवास
🚽 करोड़ों शौचालय
🔥 करोड़ों गैस कनेक्शन
🏦 करोड़ों जनधन खाते
💉 विशाल स्तर पर कोविड टीकाकरण
इन उपलब्धियों को भी चर्चा में शामिल करेंगे या सिर्फ कमियां ही दिखाई देंगी?
अभिजीत: काम तो हुआ है, लेकिन युवा निराश हैं…
रिपोर्टर: ठीक है। आप युवा नेतृत्व चाहते हैं।
तो अपनी तरफ से तीन ऐसे युवा नेताओं के नाम बताइ�� जिन्होंने—
• किसी बड़े राज्य का नेतृत्व किया हो
• लाखों करोड़ का बजट संभाला हो
• राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे जटिल विषयों पर निर्णय लिए हों
• और कई चुनावों में जनता का भरोसा जीता हो।
तीन नाम बताइए।
अभिजीत: हमें वह जगह बनानी होगी…
रिपोर्टर:
बिल्कुल! पहले जगह बनाइए।
सोशल मीडिया पर बैठकर किसी निर्वाचित प्रधानमंत्री को अयोग्य घोषित करना आसान है।
लेकिन लोकतंत्र रील्स, ट्रेंड और वायरल पोस्ट से ���हीं चलता।
लोकतंत्र चलता है—
जनता के वोट से। 🇮🇳
और जनता अपना फैसला 2014, 2019 और 2024—तीन बार सुना चुकी है।
राय आपकी हो सकती है…
लेकिन प्रधानमंत्री चुनने का अधिकार जनता का है।
अभिजीत दिपके: 😶
“No comments…”
🔥 बहस खत्म।
A Mumbai student's speech goes viral -
"Chehre badalne walon ka itihas lamba hota hai"
"Not cockroaches... Hypocrisy survives every disaster"
"How can we blindly support a party when its entire manifesto is being unemployed?"
"They are taking advantage of the desperation of this generation"
"They call us Andhbhakt because you cannot see your own hypocrisy*
"Neutrality is not something that you declare; it is something that you demonstrate"
"24X7, you question the existing government. But why you undermine the reforms that this government has introduced?"
She took Abhijeet Dipke & cabal to the dumps with 0 abuse but brutal facts. Schools are conducting mock Parliament where students are busting CJP propaganda. India is in safe hands 🙌🏻