राजस्��ान के नर्सिंग विभाग के संविदाकर्मी sms हॉस्पिटल में धरने पर है...
शिक्षा विभाग के संविदाकर्मी बीकानेर निदेशालय पर धरने में है..
और @BJP4Rajasthan सरकार थियेटर में है
यह तो वही बात हो गई रोम लुट रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था।
@BhajanlalBjp @ashokgehlot51 @GovindDotasra
र��जस्थान के नर्सिंग विभाग के संविदाकर्मी sms हॉस्पिटल में धरने पर है...
शिक्षा विभाग के संविदाकर्मी बीकानेर निदेशालय पर धरने में है..
और @BJP4Rajasthan सरकार थियेटर में है
यह तो वही बात हो गई रोम लुट रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था।
@BhajanlalBjp @ashokgehlot51 @GovindDotasra
राजस्थान के नर्सिंग विभाग के संविदाकर्मी sms हॉस्पिटल में धरने पर है...
शिक्षा विभाग के संविदाकर्मी बीकानेर निदेशालय पर धरने में है..
और @BJP4Rajasthan सरकार थियेटर में है
यह तो वही बात हो गई रोम लुट रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था।
@BhajanlalBjp@ashokgehlot51@GovindDotasra
प्रदेश में #संविदाकर्मी धरने पर, सरकार थिएटर में,
इतना अहंकार ठीक नहीं हुज़ूर
जनता के ज़ख्मों पर मरहम नहीं,
सत्ता के गलियारों में मनोरंजन चल रहा है।
राजस्थान का रोम-रोम कांप रहा है,
और नीरो बंसी बजा रहा है।
पर जब जनता स्क्रीनिंग करती है, तो पूरी सरकार ही ‘ऑफ स्क्रीन’ हो जा��ी है
प्रदेश में #संविदाकर्मी धरने पर, सरकार थिएटर में,
इतना अहंकार ��ीक नहीं हुज़ूर
जनता के ज़ख्मों पर मरहम नहीं,
सत्ता के गलियारों में मनोरंजन चल रहा है।
राजस्थान का रोम-रोम कांप रहा है,
और नीरो बंसी बजा रहा है।
पर जब जनता स्क्रीनिंग करती है, तो पूरी सरकार ही ‘ऑफ स्क्रीन’ हो जाती है
जयपुर के महिला चिकित्सालय में संविदा पर कार्यरत नर्सिंगकर्मी श्री दीपक खारवाल जी की आत्महत्या का समाचार अत्यंत दुःखद, पीड़ादायक एवं झकझोर देने वाला है। शोक संतप्त परिवार के प्र��ि मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को संभालने वाले संविदा नर्सिंगकर्मियों को बेरोजगार करने के बाद सरकार अब उनकी पीड़ा सुनने को भी तैयार नहीं है। अपनी नौकरी बचाने के लिए धरने पर बैठे नर्सिंगकर्मियों में से एक युवा साथी का आत्महत्या कर लेना भाजपा सरकार की संवेदनहीनता और हठधर्मिता का दु:खद परिणाम है।
मुख्यमंत्री जी, यह केवल एक आत्महत्या नहीं, यह सिस्टम के द्वारा की गई हत्या है l आपकी सरकार ने असुरक्षा, बेरोजगारी और मानसिक तनाव के गर्त में धकेल दिया है। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पहले ही संकट में है, फिर भी नर्सिंगकर्मियों क��� हटाने का फैसला समझ से परे है।
सरकार जवाब दे, आखिर एक युवा स्वास्थ्यकर्मी को अपनी जान देने की नौबत क्यों आई? इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी कौन लेगा? संविदाकर्मियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी क्यों की जा रही ?
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति दें। ॐ शांति
जयपुर के महिला चिकित्सालय, सांगानेरी गेट में संवि��ा पर कार्यरत नर्सिंगकर्मी श्री दीपक खारवाल द्वारा नौकरी समाप्त होने से उत्पन्न मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या किए जाने का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।
संविदा पर नियुक्त नर्सिंगकर्मियों को सेवा से हटाने के राज्य सरकार के निर्णय के विरुद्ध पहले से ही व्यापक असंतोष व्याप्त था। अब इस दुखद घटना ��े प्रदेशभर के संविदा नर्सिंगकर्मियों में गहरा आक्रोश और चिंता पैदा कर दी है। यह घटना सरकार के असंवेदनशील रवैये तथा संविदाकर्मियों की समस्याओं के प्रति उदासीनता को उजागर करती है।
सरकार को चाहिए कि वह शोक संतप्त परिजनों की मांगों पर संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ विचार करे तथा संविदा पर कार्यरत नर्सिंगकर्मियों की समस्याओं, मांगों एवं भविष्य की सुरक्षा को लेकर तत्काल सकारात्मक पहल करे�� ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाना समय की आवश्यकता है।
प्रदेश में संविदाकर्मी धरने पर, सरकार थिएटर में,
इतना अहंकार ठीक नहीं हुज़ूर.
जनता के ज़ख्मों पर मरहम नहीं,
सत्ता के गलियारों में मनोरंजन चल रहा है।
राजस्था�� का रोम-रोम कांप रहा है,
और नीरो बंसी बजा रहा है।
पर जब जनता स्क्रीनिंग करती है, तो पूरी सरकार ही ‘ऑफ स्क्रीन’ हो जाती है
@ashokgehlot51 आपने रुल तो बना दिए लेकिन उन पर आज तक इंप्लीमेंट नहीं हुआ और न ही विपक्ष द्वारा सदन में इस मामले पर प्रश्न पूछा गया तो क्यों यह सरकार इन रूल्स को लागू करेगी
@ashokgehlot51 आपने रुल तो बना दिए लेकिन उन पर आज तक इंप्लीमेंट नहीं हुआ और न ही विपक्ष द्वारा सदन में इस मामले पर प्रश्न पूछा गया तो क्यों यह सरकार इन रूल्स को लागू करेगी
@ashokgehlot51 राजस्थान में इन csr रुल 2022 का अधिकारियों ने मजाक बना रखा है आज तक एक भी स��विदाकर्मी को नियमित पद पर नियुक्ति नहीं मिली है और भाजपा सरकार अपने तीनो बजट में 2 साल की छूट की घोषणा कर चुकी लेकिन आज तक उस का नोटिफिकेशन नहीं निकला है।
@BhajanlalBjp @BJP4Rajasthan @RajGovOfficial
राजस्थान में इन csr रुल 2022 का अधिकारियों ने मजाक बना रखा है आज तक एक भी संविदाकर्मी को नियमित पद पर नियुक्ति नहीं मिली है और भाजपा सरकार अपने तीनो बजट में 2 साल की छूट की घोषणा कर चुकी लेकिन आज तक उस का नोटिफिकेशन नहीं निकला है।
@BhajanlalBjp@BJP4Rajasthan@RajGovOfficial
हमारी सरकार ने 'राजस्थान कॉन्ट्रैक्टुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स रूल्स-2022' बनाकर प्रदेश के संविदा कर्मियों को नियमित करने और भविष्य सुरक्षित करने का ऐतिहासिक काम किया था। लेकिन आज भाजपा सरकार उसी नियम की आड़ में युवाओं को बेरोजगार कर रह�� है!
मुख्यमंत्री जी के खुद के गृह जिले भरतपुर का यह हाल है कि RBM और जनाना अस्पताल से एक झटके में 171 नर्सिंग कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसके विरोध में रात भर युवा अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे रहे और कार्य बहिष्कार करना पड़ा।
NICU-PICU जैसे संवेदनशील वार्डों का स्टाफ हटाने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है और जनता परेशान है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, युवाओं के पेट पर लात मारना बंद कीज���ए और इन अल्प आय वर्ग के कार्मिकों के हित में फैसला कीजिए।