हरदोई म��ं सनबीम की प्रिंसिपल ने एक अभिभावक संग जो अभद्र व्यवहार किया उसकी मेरे सरीखे तमाम नागरिकों ने पुरज़ोर निंदा की, कड़ा सबक सिखाने को लेकर ज़िम्मेदार तंत्र से आग्रह किया। इस मामले को अभिभावकों संग निजी स्कूलों की ज़्यादती के तौर पर लिया जाना चाहिए था।
नोटिस-निंदा-जुर्माना होता तो समझ आता लेकिन इस मामले में एससी/एसटी एक्ट लगाना अतार्किक-असंगत है, गैर ज़रूरी-ग़ैर वाजिब है। इसकी कड़ी आलोचना होनी चाहिए, इस एक्ट के दुरुपयोग की गाथा में एक और पन्ना जुड़ गया है।
@priyanshu__63 Aapka ek reply k baad koi reply nhi aaya itne comments me. I hope ki aap iska bhi reply nhi denge sir.. agr किसी सवर्ण ने किसी को कुछ कहा तो inquiry अगर किसी और ने सवर्ण को कुछ कहा तब? सवर्णों को तो कब से गाली दी जाती है। I hope aapko pata hi hoga...