माननीय @OfficeOfKNath जी (पूर्व मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश )को जन्मदिन की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन कि कामना करता हूँ !
मार्च 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने दिया था OBC को 27% आरक्षण।
लेकिन भाजपा सरकार कोर���ट का सहारा लेकर पिछड़े वर्ग को गुमराह कर रही है.
कोर्ट का बहाना बनाकर पिछड़े वर्ग के बच्चों को गुमराह करना बंद करें.
पिछड़े वर्ग के पीठ में छुरा घोपने का काम बंद करें.
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@OfficeOfKNath सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट सब OBC को 27% आरक्षण देना चाहते हैं लेकिन भाजपा नामक डकैत हम OBC भाइयों का हक छीनने में लगी है ,देश की 55% जनता इसक��� जवाब अगले चुनाव में जरूर देगी।
माननीय उच्चतम न्यायालय ने एक बार ��िर मध्य प्रदेश सरकार से पूछा है कि OBC को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण क्यों नहीं दिया जा रहा है?
पहले हाईकोर्ट और अब सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी लगातार इस बात को उजागर कर रही है कि भाजपा सरकार जानबूझकर OBC को उसके आरक्षण के हक़ से वंचित कर रही है।
अपने ��ुख्यमंत्री कार्यकाल में 2019 में मैंने प्रदेश में OBC वर्ग को 27% आरक्षण दिया था। लेकिन इस आरक्षण को सही तरीक़े से लागू करने की जगह भाजपा सरकार पिछले छह साल से इस आरक्षण को ख़त्म करने का षड्यंत्र कर रही है।
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में भी प्रदेश की जनता ने देखा कि किस तरह प्रदेश सरकार के वक़ील मामले की सुनवाई आगे बढ़ाने में लगे हैं और जानबूझकर बिना तैयारी के सुप्रीम कोर्ट में पहुँच रहे हैं।
इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार ने जानबूझकर OBC की 13 प्रतिशत पद होल्ड कराए थे।
सुप्रीम कोर्ट इससे पहले भी कई बार यह स्पष्ट कर चुका है कि 27 प्रतिशत आरक्षण पर कोई रोक नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने विगत में यह भी पूछा है कि आरक्षण लागू करने में आखिर दिक़्क़त क्या है?
लेकिन इस सबके बावजूद भाजपा सरकार की कोशिश है कि किसी तरह मामले को लटकाया जाए और आरक्षण को समाप्त कर दिया जाए।
जनता के सामने अब यह स्थ���ति स्पष्ट हो चुकी है कि कांग्रेस पार्टी आरक्षण देती है और ��ाजपा आरक्षण छीनती है।
मध्यप्रदेश अस���स्टेंट प्रोफेसर भर्ती का सच 👇
EWS वर्ग की 12 सीटों में चयनित अभ्यर्थी —
👉 ब्राह्मण – 9
👉 बनिया – 1
👉 जैन – 1
👉 कायस्थ – 1
यानी तथाकथित “आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)” में भी 75% पदों पर ब्राह्मणों का कब्ज़ा!
अब सवाल यह है —
जब EWS का लाभ भी उन्हीं सवर्ण वर्गों को मिल रहा है जो पहले से सत्ता और संसाधनों पर काबिज़ हैं,
तो गरीब OBC, SC, ST युवाओं के लिए न्याय कहाँ है?
EWS का वर्गीकरण होना चाहिए —
ताकि इसका लाभ सचमुच ���मज़ोर वर्गों तक पहुँचे,
ना कि सिर्फ सवर्ण वर्चस्व का नया चेहरा बन जाए।
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