सत्र 2026-27 के शैक्षणिक कैलेंडर में अवकाश कटौती के विरोध में @RESMA_7 द्वारा 7 अप्रैल को जिला स्तर पर कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा
मुख्य मांगें:
• प्रधानाचार्य अवकाश 2 दिन यथावत रहें
• ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई–30 जून किया जाए
• शी��कालीन अवकाश 26 दिसम्बर–10 जनवरी किया जाए
सत्र 2026-27 के शैक्षणिक कैलेंडर में अवकाश कटौती के विरोध में @RESMA_7 द्वारा 7 अप्रैल को जिला स्तर पर कलेक्टर को ज्ञापन दिया जाएगा
मुख्य मांगें:
• प्रधानाचार्य अवकाश 2 दिन यथावत रहें
• ग्रीष्मकालीन अवकाश 17 मई–30 जून किया जाए
• शीतकालीन अवकाश 26 दिसम्बर–10 जनवरी किया जाए !
मैंने social media पर सबसे ज्यादा नफरत किसी के लिए देखी है तो वो अध्यापक के लिए🙏
बल्कि ईमानदारी से कहूं तो सबसे कम भ्रष्ट इस देश में कोई नौकरी है तो वो अध्यापक की है और जो कुछ भी लिखते हो इस योग्य भी किसी न किसी अध्यापक ने ही बनाया।
खैर इसे शास्त्रों में नमक हराम बोला जाता है
@Boat@amangupta0303@RockWithboAt
Ticket no 64365887
I registered complaint regarding this product warranty on 9th Jan. Even after 3 months have passed, there has been no solution. I had ordered the product from boAthead lifestyle trusting this company. I am being misled every time.
My parcel has not been picked up yet. One day an agent came but he had a two wheeler. As the parcel was big, he said that he would come in a four wheeler and went back. After that no one came to pick it up. I am troubled for a long time. Please solve my problem.
@boAt
@boAtSupport1 My complaint has been closed without resolving my issue. I have been upset for two months. I am currently filing a case in the consumer court. @boAtSupport1
@boAtSupport1 I received this message but the technician hasn't come to my house. Please solve my problem.
I've been troubled for a long time.
@boAtSupport
@boAtSupport1 I registered a warranty claim on 9 January, and one month has passed, but no solution yet. Is the service of boAt company really poor? The customer has been facing trouble for a month and has not received any resolution. When
I am very distressed.
@boAtSupport1@RockWithboAt
@boAtSupport1 The ticket- 62964503 was issued on 9th January, the problem has not been resolved yet, I am very worried, please help.
@boAtSupport1@RockWithboAt
सेवा में,
माननीया वित्त मंत्री महोदया,
राजस्थान सरकार, जयपुर।
विषय : सेवारत शिक्षकों की बी.एड. इंटर्नशिप अवधि को कर्तव्य (Duty) अथवा सवेतन अध्ययन अवकाश घोषित किए जाने के संबंध में।
महोदया,
सविनय निवेदन है कि राजस्थान राज्य के अनेक सेवारत शिक्षक वर्तमान में बी.एड. ��ाठ्यक्रम कर रहे हैं। बी.एड. अब शिक्षण सेवा हेतु आवश्यक योग्यता है। इसके अंतर्गत इंटर्नशिप अवधि में शिक्षक विद्यालयों में उपस्थित रहकर नियमित शिक्षण कार्य करते हैं, फिर भी RSR नियम 7(8)(b) का हवाला देकर उनका वेतन रोका जा रहा है।
जबकि RSR नियम 7(8)(b) के अनुसार सरकार किसी अध्ययन या प्रशिक्षण अवधि को कर्तव्य घोषित कर सकती है। पूर्व में कई ��िलों में ऐसी इंटर्नशिप अवधि को सवेतन माना गया है। वर्तमान निर्णय से शिक्षक आर्थिक व मानसिक परेशानी में हैं, जो न्यायसंगत नहीं है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि
- बी.एड. इंटर्नशिप अवधि को कर्तव्य (Duty) घोषित किया जाए,
अथवा
- उक्त अवधि को सवेतन अध्ययन अवकाश मानते हुए रोका गया वेतन जारी करने के आदेश दिए जाएँ।
हमें पूर्ण विश्वास है कि आप शिक्षक हित एवं शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सकारात���मक निर्णय लेंगी।
सधन्यवाद।
भवदीय,
(प्रदेश अध्यक्ष)
राजस्थान एकीकृत शिक्षक महासंघ
@RajCMO @KumariDiya @8PMnoCM @BhajanlalBjp
#झालावाड़ स्कूल हादसे में कार्रवाई करते हुए 5 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया...
यही तो होता आया है, जो सबसे कमजोर होता है, उसे ही बलि का बकरा बनाय�� जाता है।
स्कूल बिल्डिंग की जर्जर हालत इस हादसे की मुख्य वजह बनी, और ये तो जाहिर है कि भवन एक दिन में जर्जर नहीं हुआ होगा।
अगर हुआ भी, तो उसकी मरम्मत कराने, सर्वे करवाने और निगरानी रखने की जिम्मेदारी किसी न किसी की होगी ,लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं!
ये हादसा एक आपराधिक लापरवाही है। सरकार को चाहिए कि वह असली गुनहगारों को सजा दे।
@kaankit जी के दमदार तर्क जरूर सुनिए
एक दौर था जब मंत्री नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दिया करते थे...
अब हालात ये हैं कि घटना के बाद बस ट्विटर पर दुख जताना,
मौके पर फोटो खिंचवाना, और SIT या कमेटी बना देना ही रस्म बन गई है।
कार्रवाई के नाम पर सिर्फ़ स्कूल टीचर या अधिकारी सस्पेंड,
आख़िर जवाबदेही सरकार में तय कब होगी?
सरकारी स्कूल क्यों बदहाल हैं?
टेंडर का 20% नेता लेते हैं,
20% नौकरशाह लेते हैं,
20% ठेकेदार रख लेता है,
20% लेबर-मिस्त्री को देना पड़ता है,
मटेरियल पर केवल 20% खर्च होता है।
(कोई और कारण हो तो आप बताएं)