स्वतंत्र लेखनी #जोहार_उलगुलान#आदिकिसान 🏹️ (हक - अधिकार संस्कृति व सभ्यता कोई वस्तु नहीं जो खो जाये और मिल जाये, इसे बचाने के लिए क्रांतियाँ करनी पड़ती है)
दुनिया में नरक है या नहीं, इसका किसी को मालूम नहीं, परन्तु हर धर्म के धार्मिक कीड़ों ने इस धरती को जहन्नुम से बदतर ज़रूर बना दिया है।
जब तक हर धर्म के धार्मिक कीड़ो पर चून चून कर नस्ल भेदी एसिड़ नहीं डाला जायेगा तब तक दुनिया वापस जीने लायक नहीं बन पायेगी।। @Tribal_front#जोहार
उत्तर प्रदेश @myogiadityanath जी की डबल इंजन की सरकार ने अनुसूचित जनजाति का कोटा ही खत्म कर दिया है, जो कि असंवैधानिक है, आदिवासी समुद��य के ��ुवाओ के साथ कुठाराघात किया है।। @roat_mla @ravish_journo @HansrajMeena
क्या ED ED करने वाली सरकार 24 घंटे में नहीं पता कर सकती कि इन गुमनाम दलों के खाते में 4300 करोड़ किसने डाले और इन खातों से निकल कर किसकी जेब में गए? गुजरात की ख़बर है। वहाँ कैसे हो गया? ऐसी ख़बरें कैसे गुम हो जाती हैं। ऐसा लग रहा है कि इस देश पर ख़ास लोगों के गिरोह ने क़ब्ज़ा कर लिया है। सौरभ भारद्वाज के घर पर छापे मारने का सुराग मिल जाता है , इन दलों का कैसे पता नहीं चलता है? चुनाव आयोग ख़ुद से क्यों नहीं उजागर करता है? क्या इसके लिए भी राजनीतिक कार्यकर्ता पर दोष डालेगा कि हमें बताया नहीं तो हमने कुछ किया
नहीं । क्यों नहीं इसे लेकर हंगामा मचाया गया ?
बड़वानी जिले के राजपुर पलसूद के समीप ��क ग्राम में जन्मे वीर बिरजू नायक ने 1857 की क्रांति में आदिवासीयोद्धा खाज्या नायक, टंट्या भील तथा भीमा नायक के साथ अंग्रेजों के विरुद्ध कई विद्रोह किये एवं अंग्रेजी हुकूमत की नीव हिला दी
अमर क्रांतिवीर बिरजू नायक
शहादत दिवस पर कोटी कोटी नमन
प्रिय चंपई सोरेन जी,
मैं आपको यह पत्र लिखने के लिए प्रेरित हुआ हूँ क्योंकि मैं चाहता हूँ कि आप अपने निर्णय पर पुनः विचार करें। आपके द्वारा बीजेपी का रुख करने का निर्णय आदिवासियों के लिए किसी आघात से कम नहीं है।
आपके योगदान और संघर्ष ने हमें प्रेरित किया है और हम आपको एक सच्चे नेता के रूप में देखते हैं। लेकिन आपके इस निर्णय ने हमें निराश किया है और हमें लगता है कि यह निर्णय पार्टी और राज्य के हितों के विरुद्ध हो सकता है।
आपको याद दिलाना चाहता हूँ कि हेमंत सोरेन जी ने आपको अपनी कु��्सी सौंपी थी वे चाहते तो अपनी पत्नी, भाभी, भाई या अन्य विधायक को सीएम पद सौंप सकते थे लेकिन उन्होंने आपको सीएम बनाना ��चित समझा था क्योंकि वे जानते थे कि पार्टी की जड़ें और आदर्श आपके हृदय में कितनी गहराई से बसे हुए हैं। आपकी वर्षों की सेवा, आपका संघर्ष, आपका योगदान—यह सब कुछ वह कारण था जिससे उन्होंने आप पर विश्वास किया। इन सब बातों को ध्यान में रखकर हेमंत सोरेन जी ने आपको सीएम बनाना था जनता ने न गठबन्धन ने आपको सीएम नहीं चुना था हेमंत जी ने चुना था बीजेपी द्वारा झूठे मामले में जेल जाने के कारण
लेकिन आज, जब आपने बीजेपी का रुख किया है, तो यह हमारे लिए और हेमंत सोरेन के लिए किसी आघात से कम नहीं। पार्टी के लोग, और वह जनता जिसे आपने वर्षों तक सेवा दी है, सोचने पर मजबूर हैं कि क्या वह आदर्श और संघर्ष केवल शब्दों तक सीमित रह गए हैं?
आपसे हमारा अनुरोध है कि इस निर्णय पर पुनः विचार करें। आपने पार्टी के लिए, झारखंड के लिए, और सबसे बढ़कर, उन आदिवासी भाइयों और बहनों के लिए जिन्होंने हमेशा आप पर विश्वास किया है, उनके हितों को कभी न भूलें।
धन्यवाद,
मप्र मनावर विधायक डॉ हि��ालाल अलावा
@ChampaiSoren @HemantSorenJMM
बिहार, चंडीगढ़ और अब झारखण्ड! भाजपा ने एक ही हफ्ते में लोकतंत्र और संघवाद को तार-तार कर दिया है। चुनावी हार के डर से जाँच एजेंसियों की निष्पक्षता खत्म कर,एजेंसियों को बीजेपी का प्रकोष्ठ बनाकर, केंद्र सरकार क्या-क्या कर रही है अब यह बात किसी से छुपी नहीं है।
अहंकार से चूर भाजपा की हेकड़ी अब जनता तोड़ेगी। राजद @HemantSorenJMM जी के साथ खड़ी है। #Jharkhand #Bihar
जोहार !
आज झारखंड के मुख्यमंत्री के ���ौर पर शपथ ग्रहण किया। दिशोम गुरु आदरणीय शिबू सोरेन जी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार राज्य की आम जनता के हित में काम करती रहेगी।
हमारे गठबंधन की सरकार ने माननीय हेमन्त सोरेन जी के नेतृत्व में जो बुनियादी शुरुआत किया है, यहां के आदिवासियों, मूलवासियों एवं आम झारखंडियों का के सर्वांगीण विकास के लिए जो योजनाएं शुरू की गई हैं, हम उसे गति देने का काम करेंगे।
झारखण्ड प्रदेश में विपक्ष की ओर से झूठे प्रचार के दम पर, जिस प्रकार अस्थिरता का माहौल बनाया जा रहा है, उसे हमारे गठबंधन की एकता ने विफल कर दिया। पूरे देश ने देखा कि किस प्रकार एक आदिवासी सीएम हेमन्त बाबू के खिलाफ साजिश कर के, उन्हें अपस्थ किया गया। इन साजिशों को बेनकाब कर के, हम प्रदेश को विकास की राह में ले जाने का प्रयास करेंगे।
ये लड़ाई बरसों से है, इसका लंबा इतिहास है, जल जंगल जमीन के लिए हमारे पूर्वजों ने भी संघर्ष किया है। बा��ा तिलका मांझी, सिदो- कान्हू, चांद- भैरव, फूलो- झानो, भगवान बिरसा मुंडा, टाना भगत जैसे बहुत से आंदोलनकारी रहे हैं, जिन्होंने अस्तित्व की लड़ाई में अपने आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं किया।
हमारा प्रयास रहेगा कि भगवान बिरसा मुंडा, सिदो- कान्हू एवं बाबा तिलका मांझी समेत सभी शहीदों के आदर्शों को धरातल पर उतार कर, राज्य के आदिवासियों, मूलवासियों, दलितों एवं आम नागरिकों के जीवन स्तर में बदलाव लाया ज���ये।
जय हिन्द !
जय झारखंड !!