अजीब सी आदत हो गई है अब
हर रात
तकिये पर सिर रखते ही
पहला ख्याल
तुम्हारा आता है।
तुम
मेरे तकिये के
आधे हिस्से में सोते हो,
और
नींद उतरते ही ऐसा लगता है
जैसे तुम्हारी साँसें
मेरे गालों को छू रही हों।
और सच कहूँ
मैं अकेला सोती हूँ,
पर नींद
हर बार
तुम्हारे साथ ही आती है
@Turviisingh
एक जादू का तमाशा है सदा कोई नही
होंठ सबके हिल रहे हैं बोलता कोई नही
ज़लज़ले के बाद का मंज़र है मेरी ज़िन्दगी
किसको मैं आवाज़ दूँ अ��नी, जगा कोई नही
जाने कब मैं हॅंस पड़ूँ अब जाने कब मैं रो पडूँ
आजकल मेरी तबीयत का पता कोई नही
@Turviisingh
बेहिसाब दर्दों के
ताने-बाने बुन लिए थे , हमने
अपने इर्द-गिर्द जैसे लाखों
बिच्छुओं को पाल रखा था, हमने
मज़ाल है कि नींद में
मेरी कराह ना निकले
दर्दों को हमसायें की तरह यूँ
सफ़र में रख लिया था , हमने
#कलमाँजलि#अनकहे_अल्फाज़#पलकों_की_छांब_में#वाह_लाजबाब_हो_
तू पास हो तो हर धड़कन इकरार बन जाती है,
तेरी एक मुस्कान ही मेरी पहचान बन जाती है।
लफ़्ज़ कम पड़ जाएँ फिर भी प्रेम अधूरा न हो,
तू जो समझ ले ख़ामोशी, वही मेरी जान बन जाती है।
#कलमाँजलि#अनकहे_अल्फाज़#पलकों_की_छांब_में#वाह_लाजबाब_हो_
वो लड़कियां,
जो शब्दों से ज्यादा मौन समझती है,
वो लड़कियां ,
जो गानों से ज्यादा बाँसुरी की धुन पर झूमती है,
वो ��ड़कियां,
जो गुलाब से ज्यादा मोरपंख पर मरती है,
वो जानती है...प्रेम में "राधा"बनना...
तुम एक बार, कृष्ण की आँखों से उसे देखना जरूर ..!❤️
#कलमाँजलि
#अनकहे_अल्फाज़
ठंड से कांपते
हम सबके शरीर
एक रोज़
अपने अपने प्रेमियों
के आगोश में
राहत पाएंगे।
हमारे प्रेयस
अपनी हथेलियों में कैद
बसन्त करेंगे आज़ाद
हमारे बदनों पे।
उनकी गर्माहट से
यूँ सबका दिसंबर ख़त्म होगा।
ईश्वर यही चाहता था।।
@Turviisingh