एक तरफ बर्बाद बस्तियाँ – एक तरफ हो तुम।
एक तरफ डूबती कश्तियाँ – एक तरफ हो तुम।
अजी वाह! क्या बात तुम्हारी,
तुम तो पानी के व्योपारी,
गंगा-यमुना की छाती पर
कंकड़-पत्थर कूट रहे हो,
उफ!! तुम्हा��ी ये खुदगर्जी,
चलेगी कब तक ये मनमर्जी......
#गिर्दा
#गिरीशचंद्रतिवारी
क्या करें खबर ? उसका मुस्कुराना , या , होना उसका
उसके छूने का एहसास या एहसास होने का उसके...
उसका देखना छुपके से हाय ।
वो छूना मुझे तुम्हारा
था फेर नजर का या कोई बहाना
महसूस हुआ जो मुझे, महसूस किया क्या तुमने ?
@DrKumarVishwas@manojmuntashir@kavishala@Kavishala_Hindi
#कविता#शायरी#हिंदी
कैसा है, कौन है, गर पूछे कोई?
ठंडी छांव की तरफ इशारा कर देना ।
एक मुस्कान ही तो है जिसे हम जानते हैं,
जिसे पहचानते हैं बाकी कौन है , वो जिसे हम जानते हैं।।
वो मासूमियत उसकी मुस्कान में
जो झलकती है आंखों स , जो बहती है उसकी बातो में।