चित्रकूट सब दिन बसत प्रभु सिय लखन समेत।
राम नाम जप जापकहि तुलसी अभिमत देत॥
आज प्रभु श्री राम की तपोभूमि चित्रकूट में पावन कामदगिरि (कामता��ाथ) पर्वत की परिक्रमा कर मन अनिर्वचनीय शांति, श्रद्धा और भक्ति से अभिभूत है।
भगवान श्री कामतानाथ जी सभी भक्तों एवं प्रदेश वासियों का कल्याण करें, यही प्रार्थना है।