जब एक पॉडकास्ट में मशहूर शिक्षक विकास दिव्यकीर्ति ने कांग्रेस आलाकमान की तारीफ़ की🔥🔥
विकास दिव्यकीर्ति — कांग्रेस में कोई कितना भी बड़ा नेता हो जाए लेकिन र��हुल गांधी की जगह नहीं ले सकता है।
लेकिन जब प्रधानमंत्री बनने की बारी आई तो केवल मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री बनाया गया
लेकिन मनमोहन सिंह इसलिए नहीं बने की वो बहुत बड़े नेता थे , बल्कि इसलिए बने की वो कांग्रेस आलाकमान के बहुत भरोसेमंद नेता थे।
Narendra Modi ऑस्ट्रेलिया के विपक्ष के नेता से मिले, जो कि एक अच्छी बात है।
लेकिन सवाल यह है कि जब विदेशी नेता भारत आते हैं, तो वे उन्हें हमारे विपक्ष के नेता Rahul Gandhi से मिलने से क्यों रोकते हैं?
राहुल गांधी 5 नवंबर 2023 को केदारनाथ दर्शन करने गए जहां उनकी मुलाकात "मौनी बाबा" से हुई
मौनी बाबा लगातार 11 वर्षों से मौन व्रत पर थे, तो राहुल गांधी जी कागज पर लिखकर बात हुई।
राहुल गांधी मौनी बाबा की कुटिया में गए, और बाबा के साथ बैठकर खाना खाया,
राहुल गांधी मौनी बाबा के साथ बिताए पल का वो वीडियो "भय मन का वहम है" लिखकर साझा किया।
• राजस्थान के व्यापारी दिलीप सिंह राठौड़ के पास पत्थर की खदान के ठेके हैं
• दिलीप सिंह राठौड़ का कहना है कि मैं राम मंदिर के लिए मुफ्त में पत्थर देने के लिए तै��ार था
• राम मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों ने उनसे पत्थर लेने से मना कर दिया और फिर 500 रुपए स्क्वायर फिट के दाम पर पत्थर खरीदे गए
• L&T ने कहा था कि हम 1 रुपए में मंदिर निर्माण कर देंगे, तो फिर निर्माण में 2100 करोड़ रुपए कैसे लग गए?
• आज ट्रस्ट दान के आभूषण दिखा रहा है, लेकिन सवाल है- बाकी छोटे-छोटे आभूषण कहां हैं, सिंधी समाज की तरफ से दी गईं 200 किलो चांदी की ईंटें कहां है?
• निर्मोही अखाड़े ने मंदिर आंदो���न के समय कहा था कि VHP के लोग 1,500 करोड़ रुपए का चंदा खा गए, वो कहां है?
नरेंद्र मोदी, BJP-RSS ने सबसे बड़ा पाप तो यह किया कि ट्रस्ट को राजनीतिक अड्डा बना दिया और उसमें धर्माचार्यों को नहीं रखा।
शायद ट्रस्ट में धर्माचार्यों को इसलिए भी नहीं रखा गया, क्योंकि इन्हें लूट करनी थी।
: @ssrajputINC जी
�� दिल्ली
जनता अब जागरूक हो कर सरकार से सवाल कर रही है🔥🔥
🚨चंदा चोरी से लेकर पेपर लीक होने तक
🚨रेल हादसे से लेकर पीएम केयर फंड तक
🚨 पेपर लीक लेकर से लेकर एथेनॉल की मिलावट तक
🚨 पहलगाम से लेकर मणिपुर तक की खामोशी तक
सरकार हर जगह जवाब देने से बच रही है लेकिन जब युवा जागरूक होंगे तो जवाब सबको देना ही पड़ेगा।
"अगर चंपत राय, गोपाल राव और गोपाल मिश्रा 3 दिन के भीतर अयोध्या नहीं छोड़ते और उन्हें जेल नहीं भेजा जाता, तो हम पूरे अयोध्या को जाम कर देंगे।"
— अयोध्या के वकील
अब लोगों को समझ में आ रहा है कि भाजपा अयोध्या क्यों हारी।
हमारी मांग-
⦿ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पद से हटाया जाए
⦿ रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाया जाए
⦿ राजनाथ सिंह के झूठ में साथ देने के लिए नरेंद्र मोदी और BJP सांसद माफी मांगें
⦿ अग्निवीर योजना को पूरी तरह से खत्म किया जाए
: AICC एक्स-सर्विसमैन विभाग के चेयरमैन @ColRohitChaudry जी
📍 दिल्ली
राहुल गांधी: बदलाव की नई उम्मीद 🔥
कोटा में छात्रों का हुंकार साफ संदेश दे रहा है।
युवा अब सिर्फ सुन नहीं रहे, सवाल भी पूछ रहे हैं।
राहुल गांधी उनकी आवाज़ बनकर सामने हैं,
और यही आवाज़ बदलाव की नींव बनेगी।
यह भीड़ नहीं, आन�� वाले कल की दस्तक है।
#ChhatronKiGoonj #KotaMahaRally #RahulGandhi #BharatJodo
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ़ एक वसूली तंत्र बन गई है।
ज़रा सोचिए - देशभर के परिवार जितना पैसा सिर्फ़ NEET की तैयारी पर ख़र्च करते हैं, वो भारत सरकार के पूरे शिक्षा बजट के बराबर है।
आज कोटा से, और देश के हर कोने से, लाखों युवा एक सुर में कह रहे हैं - इस व्यवस्था ने हमारे साथ अन्याय किया है।
हर युवा अलग है, पर सबकी कहानी एक - या तो सपने देखने नहीं दिए गए, या देखे हुए सपने तोड़ दिए गए।
‘छात्रों की गूंज’ सिर्फ़ अभियान नहीं - एक क्रांति है। हमें एक ऐसी व्यवस्था बनानी है जो आपको बड़े सपने देखने का हक़ दे और आपकी ज़िंदगी गिरवी रखे बिना, उन्हें पूरा करने में आपका साथ दे।
#ChhatronKiGoonj
CBSE अध्यक्ष - ट्रांसफ़र।
CBSE सचिव - ट्रांसफ़र।
एक-सदस्यीय “जाँच” समिति - गठित।
और असल ज़िम्मेदार, धर्मेंद्र प्रधान - सुरक्षित।
अधिकारियों को हटा दिया। मंत्री को बचा लिया।
यह जवाबदेही नहीं - यह cover-up है।
हमारी माँग आज भी वही है: शिक्षा मंत्री को बर्ख़ास्त किया जाए और स्वतंत्र न्यायिक जाँच हो - ये मांगें कोई मोदी सरकार की एक महीने पुरानी अंदरूनी फ़ाइल नहीं जो यूं ही भुला दी जाए।
अगर प्रधानमंत्री को 18.5 लाख CBSE छात्रों की परवाह होती - धर्मेंद्र प्रधान जी कब के हटाए जा चुके होते।
ऑटो ड्राइवर — हमारे दर्द को सुनने वाला कोई नहीं है।
राहुल गांधी — अपनी बात मुझसे साझा कीजिए, मैं आपकी आवाज़ संसद में उठाऊंगा।
ऑटो ड्राइवर — आप कम से कम हमारी बात तो सुन रहे हैं, वरना हमारी सुनता ही कौन है।
चाहे छात्र हों या गरीब, उनके साथ खड़े होने और उनकी आवाज़ उठाने का काम स���र्फ राहुल गांधी कर रहे हैं।
सांसद अभिषेक बनर्जी जी पर सोनारपुर में हुआ हमला बेहद निंदनीय है।
एक सांसद पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर हमला नहीं - यह उस जनता पर है जिसने उन्हें चुना, और उस लोकतंत्र पर है जो हम सबकी साझी विरासत है।
यह BJP की बदले की राजनीति का घिनौना रूप है। राजनीतिक मतभेद कभी हिंसा का कारण नहीं बन सकते।
केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार - दोनों दोषियों पर तत्काल कार्रवाई करें, और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जन-प्रतिनिधि, किसी भी दल का हो, अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित न रहे।
अभिषेक जी, मेरी संवेदनाएँ आपके और आपके परिवार के साथ हैं। आप जल्द स्वस्थ हों।
जब मोदी जी इटली में टॉफी खिलाते हुए reels बना रहे थे - पेपर लीक से त्रस्त भारत के युवा सड़कों पर न्याय मांग रहे थे।
क्योंकि NEET Paper Leak ने लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर दिया। कई बच्चों ने तो अपनी जान तक गंवा दी।
और मोदी जी ने न ज़िम्मेदारी ली, न धर्मेंद्र प्रधान क��� हटाया, न एक शब्द कहा।
अब जब छात्र, NSUI और INC के कार्यकर्ता न्याय की आवाज़ उठा रहे हैं - BJP की प्रदेश सरकारें उन पर लाठियाँ बरसा रही हैं।
जो सरकार छात्रों के सवालों का जवाब लाठी से देती है, वो जवाबदेही से नहीं - डर से चलती है।
पर हम डरने वाले नहीं हैं।
हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते और देश में पेपर लीक रोकने के लिए एक मज़बूत और सुरक्षित सिस्टम नहीं बनता।
यह लड़ाई हर उस छात्र के लिए है जिसका भविष्य इस नाकाम सरकार ने चुराया।
🚨 हार्वर्ड में रजत शर्मा को पत्रकार नहीं, BJP एजेंट कहा गया!
छात्र ने खुली कुंडली पढ़ दी —
▪️तुम ABVP के हो
▪️अरुण जेटली, विजय गोयल के दोस्त हो
▪️बीजेपी-बसपा गठबंधन करवाया था
▪️मोदी के ख़ास हो
▪️बीजेपी को चुनाव में मदद करते हो
▪️पद्मविभूषण ,अरुण जेटली की सिफ़ारि�� पर मिला ।
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में मध्यप्रदेश की करीब 41 हजार दवा दुकानें आज बंद में हैं। सिर्फ अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को ही खुला रखा गया है।
यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) की ओर से ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुलाया गया है।
दवा विक्रेताओं का दावा है क�� यह मुद्दा सीधे आम लोगों की सेहत से जुड़ा है। घर-घर पहुंच रही ऑनलाइन दवाओं की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर अभी स्पष्ट सिस्टम नहीं है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
मैं सरकार से माँग करता हूँ कि दवा विक्रेताओं की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करें और उन्हें न्याय प्रदान करें, ताकि प्रदेश के दवा विक्रेताओं और आम नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
आर्थिक तूफ़ान सर पर है, और हमारे प्रधानमंत्री इटली में टॉफ़ी बाँट रहे हैं!
किसान, युवा, महिलाएँ, मज़दूर और छोटे व्यापारी सब रो रहे हैं - PM हंसकर रील बना रहे हैं, और BJP वाले ताली बजा रहे हैं।
यह नेतृत्व नहीं, नौटंकी है।