बिहार के सारण में दर्दनाक और भयावह घटना हुई है!!
स्थानीय BJP सांसद राजीव प्रताप रूडी दिल्ली में क्रिकेट मैच खेल रहे हैं, मीडिया को क्रिकेट पर बाइट दे रहे हैं.
गैंगरेप के मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है, पीड़ित परिवार से मिलना के या उनके लिए 2 शब्द बोलने का अभी तक समय नहीं मिला है.
यूट्यूबर सलीम पर हमला करने वाला आरोपी एनकाउंटर में ढेर, CM योगी ने दी थी चेतावनी
गाजियाबाद के लोनी में यूट्��ूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने हमले के मुख्य आरोपी जीशान को मुठभेड़ में मार गिराया है. पुलिस के मुताबिक, एनकाउंटर के दौरान जीशान को दो गोलियां लगीं. उसे घायल हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. जीशान अमरोहा का रहने वाला था.
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2027 हम हारने नही देगें और 2029 हम मोदी को जितने नही देगें
यह हमारा वादा रहा तुमसे....
तुम्हारा मकसद UGC के नाम पर योगीजी को हराना है सिर्फ जातिवादी कुंटा है तुम्हारी....
लेकिन हम सच्च में 2029 मोदी को हराएगे UGC लाने पर.... जैसे 2024 में क्षत्रियों ने 240 पर पटक दिया था
पत्रकार: आप ब्राह्मणों के बड़े नेता हैं, UGC पर क्या कहेंगे?
@brajeshpathakup: इस समय प्रदेश में SIR की प्रक्रिया चल रही है, हम सब उसमें लगे हैं।
इन बामनों से तो @BhimArmyChief और @asadowaisi बहुत बेहतर हैं—कम से कम अपने समाज के लिए खड़े तो हैं।
कुछ मंत्री कह रहे थे कि UGC के नए नियमों का दुरुपयोग नहीं होगा, लेकिन हालात तो नियम लागू होने से पहले ही साफ दिखने लगे हैं।
जिन्हें मिलकर नक़ल माफिया और पेपर लीक के खिलाफ लड़ना था, वे आज जात-पात में बँट गए हैं। असली लड़ाई सिस्टम से होनी चाहिए थी, पर हम आपस में उलझ गए। एक फैसले ने ऐसी दरार पैदा कर दी है, जिसे भरने में शायद दशकों लग जाएँ।
बाराबंकी में मुख़्तार अंसारी के क़रीबी, बंकी के पूर्व ब्लॉक प्रमुख और वकील शोएब किदवई उर्फ़ बॉबी की बलेनो कार को चारों ओर से घेरकर गोलियां बरसाईं गईं. शोएब को 4 गोलियां लगी, मौत !
“हर व्यक्ति 'शंकराचार्य' नहीं हो सकता, अगर वह शंकराचार्य थे तो सपा वालों ने वाराणसी में उनके ऊपर लाठी क्यों चलवाई थी.
मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा, एक जिम्मेदार व्यक्ति कभी ऐसा आचरण नहीं कर सकता”: CM @myogiadityanath
- प्रधानमंत्री मोदी गर्व से स्वयं को पिछड़ा बोल सकते हैं....
- राष्ट्रपति स्वयं को गर्व से आदिवासी बोल सकती हैं...
- चंद्रशेखर रावण स्वयं को गर्व से चमार बोल सकता हैं...
- चंदिरा प्रियंगा स्वयं को गर्व से दलित बोल सकती हैं...
- अखिलेश यादव स्वयं को गर्व से अहीर बोल सकते हैं..
- राजकुमार भाटी स्वयं को गर्व से गुर्जर बोल सकता हैं....
तो आस्था सिंह ( आस्था ठाकुर ) ने गर्व से स्वयं को " ठाकुर हूँ मै... " बोल दिया तो इतना बवाल क्यों भाई... ?
आस्था सिंह के साथ बैंक सहकर्मी व उसका पति बदतमीजी कर रहा था... उसने गर्व से स्वयं को ठाकुर बोला तो गुनाह हो गया... ?
'दलित होने पर गर्व हो सकता हैं... आदिवासी होने पर गर्व हो सकता हैं... पिछड़ा बोलने में गर्व हो सकता हैं... अहीर बोलने में गर्व हो सकता हैं.... लेकिन स्वयं को गर्व से ठाकुर बोल दो त्राहिमाम त्रा��िमाम मच जाता हैं....'