विश्वास कोई एक या दो दिन की बात नहीं है,ये लगातार चलने वाला प्रोसेस है, जहां पर आप सामने वाले कि बातों और एक्शन पर ध्यान देते हैं,और अगर सामने वाला अपनी बातों और एक्शन में समान है,तो आप उनसे धीरे धीरे खुलने लगते हैं,अपने दिल की सारी बातें कहने लगते हैं,सब कुछ बताते हैं,