आधुनिक शिक्षा,आधुनिक ज्ञान का एक ऐसा उदाहरण व्यावसायिक शिक्षा जो 12 वर्षों से राजकीय विद्यालय में चल रही हैं लेकिन ठेका प्रथा पर
शिक्षकों को 5 से 14माह से वेतन नहीं मिला हैं। यह किस प्रकार की व्यवस्था हैं? #Savevt#स्थाई_जॉब_पॉलिसी@pantlp@sharatjpr@hemantkumarnews@manojpehul
व्यावसायिक शिक्षा में लगे शिक्षकों ने ली कोर्ट की शरण -आज बेरोजगार हो रहें 2502 शिक्षकों के पक्ष में आया निर्णय
जिसमें माननीय हाई कोर्ट ने टेंडर पर स्टे और वर्तमान में कार्यरत व्यावसायिक शिक्षकों को लगातार रखने के आदेश जारी किए @sharatjpr@pantlp@AshutoshRanka@Kunal_Alwar
एक ���रफ व्यावसायिक शिक्षा के विषय को अनिवार्य किया जा रहा है दूसरी तरफ सरकार शिक्षकों का शोषण करने पर उतरी है ... शिक्षकों को 5 से 14माह हुए वेतन नहीं मिला हैं 12 वर्षों से ठेके पर दे रखी है 21 से ज्यादा कंपनियां
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व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य है तो व्यावसायिक प्रशिक्षकों का भविष्य भी सुरक्षित होना चाहिए!
सरकार द्वारा कक्षा 9 से व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य करने का निर्णय स्वागत योग्य है, लेकिन वर्षों से इस व्यवस्था को जमीन पर सफल बनाने वाले प्रशिक्षक आज भी अस्थायी रोजगार और एजेंसियों के भरोसे हैं।
एक तरफ शिक्षा अनिवार्य, दूसरी तरफ उसे पढ़ाने वाले प्रशिक्षकों की नौकरी अस्थायी—आखिर क्यों?
अब ��िर्फ विस्तार नहीं, व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए स्थायी जॉब पॉलिसी, सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन भी जरूरी है।
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सांसद राजकुमार रोत @roat_mla से मिले ��्यावसायिक शिक्षक, समस्याओं के समाधान की मांग
व्यावसायिक शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं एवं लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर व्यावसायिक शिक्षकों ने लोकसभा क्षेत्र बांसवाड़ा-डूंगरपुर के सांसद माननीय राजकुमार रोत से मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
शिक्षकों ने सांसद को बताया कि वे पिछले 12 वर्षों से राजकीय विद्यालयों में कक्षा 9 से 12 तक विद्यार्थियों को कौशल एवं व्यावसायिक शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी सेवाएं आज भी ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था के माध्यम से संचालित हो रही हैं। शिक्षकों ने कहा कि वर्षों का अनुभव होने के बाद भी उन्हें स्थायी रोजगार सुरक्षा नहीं मिल पाई है।
5 से 14 माह तक वेतन बकाया होने का मुद्दा उठाया
मुलाकात के दौरान शिक्षकों ने सबसे गंभीर समस्या वेतन भुगतान में देरी की रखी। शिक्षकों के अनुसार कई व्यावसायिक शिक्षकों को 5 से 14 ��ाह तक का वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
शिक्षकों ने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से कौशल शिक्षा देने के बावजूद स्वयं शिक्षक आर्थिक असुरक्षा में जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने सरकार एवं विभाग से बकाया वेतन का तत्काल भुगतान कराने की मांग की।
ठेका प्रथा समाप्त कर स्थायी जॉब पॉलिसी की मांग
व्यावसायिक शिक्षकों ने सांसद के सामने ठेका प्रथा समाप्त करने, स्थायी जॉब पॉलिसी लागू करने, समान कार्य के लिए समान वेतन, सामाजिक सुरक्षा तथा रोजगार की स्थिरता सहित विभिन्न मांगें रखीं।
मुख्य मांगें: बकाया वेतन का तत्काल भुगतान, ठेका प्रथा समाप्त करना, स्थायी जॉब पॉलिसी लागू करना, समान कार्य के लिए समान वेतन और व्यावसायिक शिक्षकों को सामाजिक सुरक्षा एवं रोजगार की गारंटी देना। @pantlp
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व्यावसायिक प्रशिक्षकों ��े उदयपुर जिला कलेक्टर एवं एडीपीसी को सौंपा ज्ञापन, बकाया मानदेय एवं 'हरियाणा मॉडल' लागू करने की मांग
उदयपुर। राजकीय विद्यालयों में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लंबे समय से बकाया वेतन/मानदेय भुगतान, राजकीय आदेशों की अवहेलना तथा राजस्थान में 'हरियाणा मॉडल' लागू करवाने को लेकर 'व्यावसायिक प्रशिक्षक संघर्ष समिति' द्वारा आज जिला कलेक्टर उदयपुर एवं अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक (ADPC), स��ग्र शिक्षा, उदयपुर को ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
ज्ञापन के माध्यम से समिति प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद द्वारा व्यावसायिक प्रशिक्षकों के बकाया देयकों के निस्तारण हेतु पूर्व में स्पष्ट एवं लिखित आदेश जारी किए गए थे। इसके साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा 6 अगस्त 2026 को संबंधित व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाताओं (VTPs) को 02 दिवस के भीतर बकाया भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
संघर्ष समिति ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि स्पष्ट लिखित आदेशों के बावजूद आज दिनांक तक VTP कंपनियों द्वारा मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। लगातार उपेक्षा के कारण व्यावसायिक प्रशिक्षक गंभीर आर्थिक संकट, मानसिक तनाव एवं सामाजिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।
ज्ञापन के माध्यम से रखी गईं प्रमुख मांगें:*ल
1. हरियाणा मॉडल लागू किया जाए: व्यावसायिक प्रशिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित करने एवं कंपनी (VTP) व्यवस्था के शोषण से मुक्ति दिलाने हेतु राजस्थान में भी 'हरियाणा मॉडल' (समान कार्य-समान वेतन एवं जॉब सिक्योरिटी) लागू किया जाए।
2. तत्काल मानदेय भुगतान: बकाया मानदेय एवं देयकों का समयबद्ध एवं त्वरित निस्तारण किया जाए।
3. जवाबदेही तय हो: विभागीय आदेशों की अवहेलना करने वाली VTP कंपनियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
4. आदेशों की अनुपालना: सरकारी आदेशों की धरातल पर तत्काल अनुपालना सुनिश्चित कराई जाए।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री शैलेंद्र कुमार, अनि��, पुष्पेंद्र पाराशर, सहित बड़ी संख्या में महिला प्रशिक्षक एवं सैकड़ों व्यावसायिक प्रशिक्षक उपस्थित रहे।
व्यावसायिक प्रशिक्षक संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन एवं विभाग द्वारा शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन राज्य स्तर पर लोकतांत्रिक एवं वैधानिक आंदोलन करने को बाध्य होगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग की होगी।
जागो राजस्थान सरकार
#हरिया���ा_मॉडल_लागू_करो
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#Jaipur: सामग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति से जुड़ा प्रकरण
राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस अनुरूप सिंघी ने पूरी निविदा प्रक्रिया पर लगाई रोक, संवेदक पवन गर्ग एवं अन्य ने दायर की है....
#RajasthanWithFirstIndia#JaipurNews@omsharma8888@vyaskamalkant
व्यावसायिक शिक्षा में 12वर्षों से व्याप्त कंपनियों के दीमक को रोकने के लिए आज राजस्थान हाई कोर्ट ने नई बिड पर रोक लगाई
पिछले 5 से 14माह से शिक्षकों को वेतन नहीं
21 से ज्यादा कंपनियां
कोई स्थाई पॉलिसी नहीं
शिक्षा मंत्री व विभाग शिक्षकों को अपना कर्मचारी तक नहीं मान रही @sharatjpr
खबरदार करता @aajtak - राजस्थान में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) ⚡️12 वर्षों से ठेका प्रथा पर
❎️शिक्षकों को 5 से 14 माह हुए वेतन नहीं मिला हैं
📌शिक्षा मंत्री जी बोल रहे हैं आप हमारे कर्मचारी नहीं हो
📃12 वर्षों से कोई स्थाई पॉलिसी नहीं
📑विभाग व शिक्षा मंत्री ठेका प्रथा कंपनियों के साथ मिलकर कर रहें शिक्षकों का शोषण
🤔21 से ज्यादा कंपनियां
आखिर न्याय कब???
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व्यावसायिक शिक्षा में कंपनियां क��स तरह विभाग को गुमराह कर रही देखें- new बिड में कार्य आवंटन किया गया हैं उन्होंने यह बोला हैं कि हमने बकाया भुगतान कर दिया किसको किया है वर्तमान स्थिति में 6 माह से ज्यादा वेतन बकाया हैं @rajeduofficial @sharatjpr @pantlp @aajtak @Kunal_Alwar
व्यावसायिक शिक्षा- आखिर ये कंपनियां विभाग के आदेश की पालना क्यों नहीं कर रही हैं? 6 अगस्त को बोला गया कि 2 दिन में बकाया भुगतान किया जाए लेकिन आज तक 1 रूपए का भुगतान नहीं किया। आखिर सरकार की कोई जवाबदेही नहीं बनती हैं क्या 5 से 14 माह का वेतन बकाया हैं
@pantlp@PMOIndia
व्यावसायिक शिक्षा में लगे शिक्षकों ने अपनी मांगे नही मानने व शिक्षा संकुल में जबरन धरना स्थल से उठाना,भूख हडताल पर बैठे शिक्षकों को घसीट करके ले जाने के कारण आगामी निकाय व पंचायती राज चुनाव का किया बहिष्कार-एक ही मांग स्थाई जॉब पॉलिसी लागू करो शिक्षकों का सम्मान बढाए @Kunal_Alwar