राजस्थान के सीकर की सड़को पर छात्रों और युवाओं की आवाज गूंज रही है.
कांग्रेस पार्टी और अन्य विपक्षी दल शुरू से NEET के मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं. NSUI ने हर राज्य में आंदोलन किया. इसके बावजूद कुछ लोग कह रहे विपक्ष कुछ नही करता. विपक्ष कुछ नही करता, तो सीकर की सड़कों पर ये जनसैलाब क्या कर रहा है.
सोनम वांगचुक ने सुबह बोला ये अंडों7आज़ादी का दूसरा आंदोलन है. शाम होते होते स्टैंड बदल लिए, अब सोनम वांगचुक बोल रहे हैं अगर सरकार वादा करे पार्लियामेंट में शिक्षा के जवाबदेही पर चर्चा करेगी तो अनशन तोड़कर मौसंबी जूस पियेंगे. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मुद्दा कहां गया ?
मध्यप्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में शांतिपूर्ण जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल कर रहे आदिवासियों को जिस तरह पुलिस बल के दम पर हटाया गया, वह लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारो पर सीधा हमला है। क्या सरकार के पास आदिवासियों की आवाज सुनने की संवेदनशीलता खत्म हो गई है?
मुंबई से लौटते ही अपने आवास पर आराम करने की जगह नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद देर रात 2:45 पर जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे छात्रों के बीच पहुंचे 👇🏻
चन्द्रशेखर आजाद के इसी समर्पण व संघर्ष का तो यह पूरा देश दीवाना है ❤️
नितिन गन्नाकरी बोले-"प्रधानमंत्री लोकतंत्र के विरोध में बात कर रहे हैं।"
भ्रष्ट सरकार और नेताओं के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन करना इस देश में लोकतांत्रिक अधिकार है।
बस बात थोड़ी पुरानी हो गई है इसलिए एकबार फिर से बोल देते तो छात्रों को समर्थन मिल जाता।
नरेंद्र मोदी इतने आत्ममुग्ध प्रधानमंत्री हैं कि उनके कैबिनेट मंत्री अपनी मर्ज़ी से अपने ऑफिस का एक गमला तक नहीं बदल सकते हैं। सब नरेंद्र मोदी करते हैं।
इस्तीफ़ा भी केवल नरेंद्र मोदी का ही चाहिए।
MP के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के नाम पर आदिवासियों के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है।
बिना मुआवज़े और उचित पुनर्वास के इस परियोजना का निर्माण विकास के नाम पर किसी कलंक से कम नहीं है।
आदिवासी लोग आज जिंदा लाश बनकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
सिस्टम के बांस करते हुए नेता जी...
आगरा की एक पॉश कॉलोनी का यह हाल है कि सड़क में पाताललोक जाने का रास्ता बन चुका है। सपा नेता नितिन कोहली जी सीढ़ी लगाकर उस गहराई को नापते हुए।
उत्तराखंड की रहने वाली मानवी ने देहरादून-ऋषिकेश हाईवे परियोजना के लिए करीब 4 हजार पेड़ों की कटाई के विरोध में अपना मुंडन करा लिया।
उन्होंने पेड़ों की कटाई का खुलकर विरोध किया और सरकार से इसे रोकने की मांग की। उनका वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हो गए।
बढ़ते विरोध के बीच उत्तराखंड सरकार ने फिलहाल पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कही है।
चौकीदार चोर है वाले नारे की नौबत कैसे आई?
उन्होंने कहा पेपर लीक रोको, नहीं रोके।
कहा शिक्षामंत्री इस्तीफा दो, नहीं सुने।
फिर कहा PM मोदी बात करो, सोनम को उठवा लिए।
अब स्टूडेंट्स जान गए हैं ऐसे काम नहीं चलेगा।
जबतक मोदी पर बात नहीं आएगी, फर्क नहीं पड़ेगा।
दिल्ली के जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठी JNU की छात्रा और AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा जिंदगी और मौत से जूझ रही है और अब इनकी हालत देखकर डर लग रहा है,
नेहा बोरा का भूख हड़ताल का आज 22 वां दिन है और इन 22 दिनों में नेहा का शरीर जवाब दे , नेहा अब चल फिर नहीं सकती , उन्हें अब वाशरूम जाने के लिये भी व्हील चेयर का इस्तेमाल करना पड़ रहा है , नेहा का वजन 8 kg से ज़्यादा कम हो गया ,
शुगर लेवल काफी कम हो गया , शरीर को रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो गयी , जिसका मतलब शरीर में अब संक्रमण फैलना शुरू हो सकता है , शरीर के कई हिस्सों में लकवा जैसी बीमारी हो सकती है , कोमा में जाने का खतरा बढ़ सकता है,
AISA की अध्यक्ष नेहा से उनके साथी रोज पूछ रहे है कि अगर आप अपनी हालत और दर्द सहन नहीं कर पा रही है तो अपना अनशन तोड़ सकती है लेकिन नेहा के हौसले आज भी चट्टान जैसे अटल है , शरीर का त्याग कर देंगे लेकिन हम झुकने वाले नहीं है ,
हमें उम्मीद है नेहा बोरा जल्द ही स्वस्थ होगी और उसी बेबाकी से आवाज उठाएगी , जैसे JNU और अन्य प्रदर्शनों में आवाज़ उठाती थी , 22 दिन की भूख हड़ताल नेहा का हौसला नहीं तोड़ सकती ,