इस लड़की को कल्याण बैंसला ने ���ार से टक्कर मारकर गिरा दिया, शिकायत की तो उसके पक्ष में गुर्जर समाज ने महापंचायत बिठा दी।
सोशल मीडिया पर इनफ्लुएंसर, पॉलीटिशियन सब लड़की के ख़िलाफ़ लग गए।
अब पीड़िता को ही सफ़ाई देनी पड़ रही है।
जातिवादी इस हद तक गिर गए हैं।
मुस्लिम टीचर नौशाद अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी, ये न्यूज़ इंटरनेशनल मिडिय�� दिखा रहा है जबकि ये इंडिया के न्यूज़ चैनल का काम है
लेकिन गोदी मिडिया जलते दीपक दिखाने मे बिजी है
रामदेव नकली खाद्य पदार्थों के सम्राट हैं. कोई आदमी 2 हजार में घी नहीं बेच सकता है.
रामदेव की गाय कहां पाली गई हैं? काई भी वीडियो बनाकर दिखा दे कि ये रामदेव की ग���य हैं.
- बृजभूषण शरण सिंह
पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न - BJP और चुनाव आयोग मिलकर एक पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिन्ह छीन लिया जाता है।
जब पू��ी की पूरी पार्टी चोरी हो सकती है, तो करोड़ों भारतीयों के वोट चोरी होना भी हैरानी की बात नहीं।
वोट चोरी। सरकार चोरी। अब पार्टी चोरी - ये हमारे लोकतांत्रिक पतन के प्रतीक बन गए हैं।
ECI की संवैधानिक ज़ि��्मेदारी जनादेश की रक्षा करना है - मगर उल्टा वो उन ताकतों की मदद कर रहा है, जो जनता के फैसले को ही पलट देते हैं।
यह लड़ाई सिर्फ़ ममता बनर्जी जी की नहीं है। यह हर राजनीतिक दल, हर मतदाता की लड़ाई है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहता है।
उमर खालिद को दिल्ली हिंसा मामले में गिरफ्तार हुए आज 2100 से अधिक दिन हो चुके हैं। और सवाल आज भी यही है कि क्या शांतिपूर्वक एवं संवैधानिक तरीक़े से CAA का विरोध करने की सज़ा शर्जील से लेकर उमर को ऐसे दी जा रही है…🤔
#UmarSixYearsWithoutTrial
उमर खालिद को जेल गए 2100+ दिन हो चुके हैं। जेल जाने से पहले ‘उमर खालिद’ ने ये वीडियो बनाई थी, इसमें जो बातें उन्होंने कहीं थीं वो सुनिए…
#UmarSixYearsWithoutTrial
नाम बदलनेवाले अब ‘प्रेस वार्ता’ का नाम बदलकर ‘प्रेस एकालाप’ कर दें क्योंकि जब सिर्फ़ बयान दिया जाना है और प्रेस को सवाल पूछने का अधिकार ही नहीं है तो बिना वार्तालाप ‘वार्ता’ शब्द का क्���ा अर्थ रह जाता है? माननीय सबका समय क्यों ख़राब कर रहे हैं, प्रेस रिलीज़ भेजकर ही काम चलाएं और दोनों का समय बचाएं।
सत्य ये है कि उप्र में सवालों की भरमार है लेकिन इनके पास जवाब ही नहीं हैं। मुँह मोड़ कर जाना, मैदान छोड़कर भागना भी कहलाता है।
ये शासन में पक्षपात करते हैं और प्रेस वार्ता में एकतरफ़ा बयानबाज़ी। अब क्या ये भी कहेंगे कि ‘प्रश्न सुनने के मूड में नहीं है।’
#प्रेस_एकालाप
मध्यप्रदेश में 5 साल से एक भी दुधारू पशु नहीं बढ़ा, पर दूध उत्पादन 33.27 लाख टन बढ़ गया
#MadhyaPradesh#MilkProduction#DairyIndustry
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