सिंधुपति राजा दाहिरसेन - बलिदान-दिवस / 20 जून, 712
भारत को लूटने पश्चिम के रेगिस्तानों से आने वाले हमलावरों का वार सबसे पहले सिन्ध की वीरभूमि को ही झेलना पड़ता था। इसी सिन्ध के राजा थे दाहिरसेन, जिन्होंने युद्धभूमि में लड़ते हुए प्राणाहुति द���।
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शिक्षा, चिकित्सा एवं पथ विकास ही राष्ट्र का सर्वांगीण विकास है। इस विकास से प्रजा स्वयं अपना सर्वांगीण विकास कर लेता है।
Education,Health treatment and Road development is total development of Nation.From these development, citizens bring own total development self.
भगत सिंह के गुरु करतार सिंह सराभा - जन्म दिवस 24 मई 1896
अदालत ने करतार सिंह सराभा समेत सभी 24 क्रांतिकारियों को फांसी की सजा सुनाई। 16 नवंबर, 1915 को करतार सिंह सराभा और उनके 6 साथियों को फांसी दे दी गई। उस समय करतार सिंह सराभा की उम्र सिर्फ 19 साल थी।
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प्रसिद्ध पर्यावरणवि��� और चिपको आंदोलन के प्रणेता रहे सुंदर लाल बहुगुणा का निधन हो गया। एम्स ऋषिकेश में शुक्रवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि डायबिटीज के साथ वह कोविड निमोनिया से पीड़ित ��े।
राजा राममोहन राय - जन्म दिवस 22 मई 1772
राजा राममोहन राय का भारतीय सामाजिक और धार्मिक पुनर्जागरण के क्षेत्र में विशिष्ट स्थान है। वे ब्रह्म समाज के संस्थापक, भारतीय भाषायी प्रेस के प्रवर्तक, जनजागरण और सामाजिक सुधार आंदोलन के प्रणेता तथा बंगाल में नव-जागरण युग के पितामह थे।
“मैं 85 वर्ष का हो चुक�� हूँ, जीवन देख लिया है, लेकिन अगर उस स्त्री का पति मर गया तो बच्चे अनाथ हो जायेंगे, इसलिए मेरा कर्तव्य है कि मैं उस व्यक्ति के प्राण बचाऊं।'' ऐसा कह कर कोरोना पीडित @RSSorg के स्वयंसेवक श्री नारायण जी ने अपना बेड उस मरीज़ को दे दिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने आज हरिद्वार में दो घाटों का लोकार्पण किया तथा एक घाट का अवलोकन किया. सरसंघचालक जी ने गंगा पूजन व आरती की.
स्वामी दयानंद सरस्वतीजी का जन्म 12 फरवरी 1824 में गुजरात में हुआ था.
दयानंद सरस्वतीजी आर्यसमाज के संस्थापक थे, जिन्हें आधुनिक पुनर्जागरण के प्रणेता भी कहा जाता है। इन्होंने भारतीय समाज में कई सुधार किेए। इन्होंने एक सच्चे देशभक्त की तरह अपने देश के लिए कई संघर्ष किए .
“मनुष्य जैसा सोचता है वैसा ही बन जाता है| जो अपने आप को दुर्बल या शक्तिशाली समझता है वह क्रमशः दुर्बल या शक्तिशाली बन जाता है| मनुष्य की जिस प्रकार की भावना होती है उसी प्रकार की सिद्धि उसे प्राप्त होती है|” - सुभाष चंद्र बोस #NetajiSubhashChandraBose
Physical education, character building and patriotic education are universally essential for nation building – Mahamana Madan Mohan Malviya #महामना_की_शिक्षा
Physical education, character building and patriotic education are universally essential for nation building – Mahamana Madan Mohan Malviya #महामना_की_शिक्षा
मैं आपको मातृभूमि के गौरव के लिए उसी प्रकार की स्वातंत्र्य प्रेम तथा आत्म त्याग की भावना का अपने में संचय करने का उपदेश देता हूं केवल इसी तरह से हम लोग पुनः एक शक्तिशाली राष्ट्र बना सकते हैं।– महामना मदन मोहन मालवीय #महामना_की_शिक्षा, #વિદ્યાભારતી_ગુજરાત