जंतर-मंतर पर जुनैद भाई के पैर दबाते Gen Z छात्र।
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Narendra Modi ऑस्ट्रेलिया के विपक्ष के नेता से मिले, जो कि एक अच्छी बात है।
लेकिन सवाल यह है कि जब विदेशी नेता भारत आते हैं, तो वे उन्हें हमारे विपक्ष के नेता Rahul Gandhi से मिलने से क्यों रोकते हैं?
हम अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं और इसमें परिवार की गाढ़ी कमाई लगती है, लेकिन फिर पेपर लीक हो जाता है.
मोदी सरकार ने हमारे भरोसे की धज्जियां उड़ा दीं हैं. असल में नरेंद्र मोदी को देश और छात्रो�� की परवाह ही नहीं है.
निशब्द हूँ
ट्रेन की एक भरी बोगी में इस देश के एक युवा ने तड़प तड़प के दम तोड़ दिया
यह सच कैसे स्वीकारा जाए - यह कितना भयावह है
इतना बेबस तो मेरा देश कभी नहीं था
"ये (पीएम मोदी) नेहरू को कैसे पछाड़ सकते हैं? नेहरू ने तो इतनी किताबें लिखी, इतने ज्ञानी थे। देश के नींव रखी, नेहरू 17 साल पीएम रहे, जबकि मोदी को अभी 12 साल हुए हैं"
-प्रोफेसर राम पुनियानी (लेखक)
@rpuni
शिवानंद चौरसिया की 9 महीने पहले नौकरी लगी थी
अमेरिकी हमले में मौत हो गई. परिवार का अकेला कमाने वाला चला गया
ग़रीब पिता के आँसू नहीं थम रहे
वहीं नरेंद्र मोदी को सैर सपाटा करने से फुर्सत नहीं
इसके लिए अलग लेवल की बेशर्मी चाहिए
अयोध्या के राम मंदिर का चढ़ावा चोरी नहीं हुआ होगा; उसे तो पाकिस्तान के हाथों में पड़ने से बचाया गया ��ोगा.
जरूर पाकिस्तान के जासूस मंदिर का चढ़ावा चुराने भारत आए रहे होंगे…पूरी कहानी जाननी हो तो देखिए धुरंधर-पार्ट 3
18 घंटे काम करने का दावा अपनी जगह, ��ेकिन शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और महंगाई पर नतीजे क्या हैं?
नेता की मेहनत नहीं, जनता की ज़िंदगी बेहतर हुई या नहीं — असली पैमाना यही है।