इसीलिए कहा जाता है - "भैंस के आगे बीन बजावे, भैंस रही पगुराई''। अरे ओ दलितों के फर्जी ठेकेदार, प्रोपेगंडा के चक्कर में ऐसे वन लाइनर मार कर अपने मूर्ख समर्थकों से RT तो कमा लोगे लेकिन इससे तुम्हारी शैक्षिक योग्यता का स्तर भी पता ���लता है।
नींबू-मिर्ची क्यों टाँगा जाता है दरवाजे पर, अब ये भी जान लो। नींबू और मिर्ची कीट-पतंगों से बचने के लिए सामान्यतः घर के दरवाजे पर टाँगे जाते हैं। कई होटल भी ये तरीका अपनाते हैं । वो टेबल पर नींबू-मिर्ची रख देते हैं, ताकि भोजन के आसपास कीड़े न उड़ें। नींबू-मिर्ची को कॉटन के धागे से बाँधा जाता है एक साथ। इसकी खासियत ये होती है कि ये नींबू का जूस और मिर्ची का कैप्साइसिन अब्सॉर्ब करता है और आसपास के वातावरण में से दुर्गंध को मिटाता है।
ये परंपरा कैसे शुरू हुई? प्राचीन काल में लोगों को लंबी दूरी की यात्राएँ पैदल ही करनी होती थीं और जंगलों की तरफ से भी गुजरना पड़ता था। ऐसे में वो अपने साथ नींबू और मिर्ची ज़रूर रखते थे। कारण ये कि नींबू की एकाध बूँद भी पानी में डाल दी जाती थी तो उसे पीने के बाद वो ज़्यादा समय तक हाइड्रेटेड रहते थे। नींबू में विटामिन सी होती है, ऊर्जा मिलती है। मिर्ची का यहाँ बड़ा ही महत्वपूर्ण इस्तेमाल था। अगर रास्ते मे साँप वगैरह ने काट लिया तो तुरंत मिर्ची में से हल्का सा चख कर ये पता लगाया जाता था कि साँप ज़हरीला था या नहीं। अगर मिर्ची का टेस्ट नहीं आ रहा, इसका सीधा अर्थ है कि ज़हर ने Nerves को जाम कर दिया है। फिर तुरंत इसका उपाय किया जाता था या वैद्य के पास भागते थे।
तो 'लिख लोढ़ा पढ़ पत्थर' की औलाद, नींबू-मिर्ची के 3 बड़े फायदे जान ले - Natural Frangrance, Natural Pesticide & Useful in Travel. लेकिन, तुम तो ठहरे नीलचट्टा। विदेशी रेस्टॉरेंट में खाना खाने के बा��� पानी में नींबू गाड़ कर देते हैं तो तुरंत हाथ धो लेते हो और 'कूल' बनते हो, भारत के ऋषियों-मनीषियों ने यही बात हजारों साल पहले बता दी तो उस पर हँसते हो और मजाक बनाते हो। नींबू-मिर्ची टाँगने के आध्यात्मिक लाभ और जो मान्यताएँ हैं, वो तुम्हें बताऊँगा तो भी समझ नहीं आएगा। इसीलिए, फिलहाल इतनी ही जानकारी अपनी गाँ%$# में डाल लो और अगले प्रोपेगंडा की तरफ लग जाओ।
हनुमानजी के यह 12 नाम, देते हैं 5 बड़े लाभ...अवश्य पढ़ें
अंजनी पुत्र बजरंगबली के 12 नाम का स्मरण करने से ना सिर्फ उम्र में वृद्धि होती है बल्कि समस्त सांसारिक सुखों की प्राप्ति भी होती है। बारह नामों को 11 बार लेनेवाला व्यक्ति दीर्घायु होता है।इन 12 नामों का निरंतर जप करने वाले व्यक्ति की श्री हनुमान जी महाराज दसों दिशाओं एवं आकाश-पाताल से रक्षा करते हैं।
श्री हनुमान जी के 12 चमत्कारी नाम :
1. ॐ हनुमान
2. ॐ अंजनी सुत
3. ॐ वायु पुत्र
4. ॐ महाबल
5. ॐ रामेष्ठ
6. ॐ फाल्गुण सखा
6. ॐ फाल्गुण सखा
7. ॐ पिंगाक्ष
8. ॐ अमित विक्रम
9. ॐ उदधिक्रमण
10. ॐ ���ीता शोक विनाशन
11. ॐ लक्ष्मण प्राण दाता
12. ॐ दशग्रीव दर्पहा
नित्य नियम के समय नाम लेने से इष्ट की प्राप्ति होती है।प्रात: काल सो कर उठते ही जिस अवस्था में भी हो बारह नामों को 11 बार लेनेवाला व्यक्ति दीर्घायु होता है
दोपहर में नाम लेनेवाला व्यक्ति धनवान होता है दोपहर संध्या के समय नाम लेनेवाला व्यक्ति पारिवारिक सुखों से तृप्त होता है।- रात्रि को सोते समय नाम लेनेवाले व्यक्ति की शत्रु से जीत होती है।
लाल स्याही से मंगलवार को भोजपत्र पर बारह नाम लिखकर मंगलवार के दिन ही ताबीज बांधने से कभी सिरदर्द नहीं होता।गले या बाजू में तांबे का ताबीज ज्यादा उत्तम है। भोजपत्र पर लिखने वाला पेन नया होना चाहिए। उपरोक्त समय के अतिरिक्त इन बारह नामों का निरंतर जप क��ने वाले व्यक्ति की श्री हनुमानजी महाराज दसों दिशाओं एवं आकाश पाताल से रक्षा करते हैं..
जय श्रीराम, जय बजरंगबली, जय गोविंदा ✨🙏💖🕉️
यूपी पुलिस का मानवतावादी रूप।
बिजनौर, धामपुर इंस्पेक्टर अनुज कुमार तोमर नगीना रोड पर गश्त पर थे तभी कांवर लेकर चल रहे पिता पुत्र की जोड़ी पर नज़र पड़ी जो बुरी तरह थके हुए थे व चल नहीं पा रहे थे।
फिर इंस्पेक्टर ने दोनों को अपनी गाड़ी में बैठाया और कांवर उठाया। #हर_हर_महादेव🚩
इतिहास में पहली बार जैनाचार्य की कर्नाटक में हत्या कर, शरीर को कई भागों में काटकर, फेंक दिया।
आचार्य लोकेशजी ने अमेरिका में उपवास रखकर सभी संतों व धर्म प्रेमियों से घटना के खिलाफ आवाज़ उठाने की अपील की #Jain#Jainism#JainMuni
कर्नाटक के बेलगावी की चिक्कोडी तालुक में दिगंबर जैन मुनि कामकुमार नंदी महाराज की हत्या की गई है।
आरोपियों ने मुनि जी का अपहरण किया उन्हें पहले करंट देकर प्रताड़ित किया, इसके बाद उनके शव के 9 टुकड़े कर दिए ,
उन्हें गांव में एक बंद पड़े बोरवेल में फेंक दिया। पुलिस ने पूरे मामले में दो लोगों नारायण बसप्पा माडी और हसन दलायथ को अरेस्ट किया है। जैन ��माज आक्रोशित है। बार बार इस प्रकार के प्रहार सहन शक्ति से बाहर है इसके विरोध में सकल जैन समाज एकजुट है
आरोपियों को मिले सख्त सजा मिले, ऐसा सबक़ दिया जाये कि इस प्रकार की घटनाएँ न हों।
@CMofKarnataka @narendramodi
स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार जैनाचार्य की कर्नाटक में हत्या कर, शरीर को कई भागों में काटकर, फेंक दिया।
जैन आचार्य लोकेशजी ने अमेरिका में उपवास रखकर जैन व भारतीय समुदाय के साथ सभी संतों व मानवतावादी सज्जनों से इस घटना के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाने की अपील की
कर्नाटक में जैन मुनि कामकुमारा नंदी जी के टुकड़े टुकड़े
हसन दलायत व उसके साथी ने जैन मुनि को टुकड़ों में काटा और बोरवेल में फेंक दिया
आखिर ये कैसी मोहब्बत की दुकान है ?
जो जैन समाज एक मच्छर तक नहीं मारता, जो जैन समाज अहिंसा की सीख देता, कर्नाटक के बेलगावी में उस जैन समाज के जैनाचार्य की ISIS के अंदाज में हत्या क्यों ?
#JusticeForJainMuni
दिगंबर जैन मुनि जी की हत्या बिजली का झटका देकर की गई और फिर उनके शरीर को कई टुकड़ों में काट दिया गया था।😡😡🥹
यह भ���ावह हत्या जैनियों के खिलाफ गहरी साजिश और नकारात्मक सामाजिक व्यवहार की ओर इशारा कर रही है।
इस अपराध के पीछे ताकतवर लोग रहे होगे?
किसी आम व्यक्ति में इतनी क्षमता नहीं।
#JusticeForAcharyaNandiJi #Jainism #Jain #Jainmuni #India
Jain muni Shri Nandi Maharaj was Kidnapped and chopped into pieces and thrown away in jungles of chikodi karnataka.
Hassan Dalayath and Narayan Mouli are arrested.
We the Real Minorities of India Expecting some Strong Action against the Culprits.
@siddaramaiah@DKShivakumar.
कर्नाटक में दिगंबर जैन संत पूज्य आचार्य कामनंदी जी महाराज की अपहरण के पश्चात हत्या कर दी गई है।
कर्नाटक में कांग्रेस के कुशासन में अब जैन संत भी सुरक्षित नहीं बचे हैं, महामहिम राज्यपाल श्री @TCGEHLOT जी से आग्रह है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच हो हत्यारे कोई भी हो बचना नहीं चाहिये।
Such big news, related to the real minority community & it couldn't make into MSM.. Just imagine the media headlines & SM trends if it was a MauIana instead of Jain Monk.
https://t.co/FTKFLJpbcK
आज का दिन मेरे लिए एक सौभाग्य की सौगात वाला रहा। दरअसल मुझे पता चला कि जैन मुनि, राष्ट्रीय संत श्री सुधा सागर जी महाराज मुरेना तीर्थ से विहार कर धोलपुर होते हुए आगरा जा रहे हैं। मैं तुरंत आवास के बाहर गई और महाराज जी से घर में प्रवेश करने के लिए आग्रह किया।
श्री सुधा सागर जी महाराज जी के पास समय का अभाव था। लेकिन मैंने निवेदन किया कि यदि उनके चरण क���ल मेरे आवास में पड़ जाए तो मैं अपने आपको धन्य समझूंगी। ईश्वर की कृपा से महाराज जी मेरे आवास राजनिवास पैलेस आए। जहां उनके पांव धोने तथा श्रीफल भेंटकर मंगल आरती उतारने का मुझे सौभाग्य मिला।
जैन मुनि ने कहा कि धर्म और सत्य की राह पर चलने वाले व्यक्ति हमेशा खुश रहते हैं तथा उन्हें सदैव ईश्वर का साथ मिलता है। उनके आशीर्वचनों ने मानो मेरे उत्साह को दोगुना कर दिया था। सुधा सागर जी महाराज का आशीर्���ाद पाकर मैंने विहार में उनके साथ कुछ सफर भी तय किया।
इस दौरान जैन मुनि के साथ चल रहे श्रावकों के आग्रह पर गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष में आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन किया तथा उन्हें शुभकामनाएं भी दी।
#SudhaSagarJiMaharaj
"महामहिम राज्यपाल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील श्री विष्���ु शंकर जैन को "साँस्कृतिक योद्धा पुरस्कार" से किया सम्मानित"
वरिष्ठ वकील हरिशंकर जैन क�� सुपुत्र विष्णु शंकर जैन द्वारा मथुरा ,काशी ,भोज शाला व सनातन धर्मस्थलों एवं संस्कृति को बचाने के लिए किए जा रहे संघर्ष के लिए सांस्कृतिक योद्धा के रूप में एक लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान किया गया..!!
ज्ञात हो कि हरि शंकर जैन जी और विष्णु शंकर जैन ,पिता-पुत्र की जोड़ी ने सनातन धर्म की अस्मिता से जुड़े 102 मुकदमे अब तक लड़ चुके हैं ,हरिशंकर जैन 1990 से मथुरा का शाही ईदगाह का मुकदमा लड़ रहे हैं। इनके अलावा दिल्ली में कुतुबमीनार और कुव्वत उल इस्लाम कथित मस्जिद, लखनऊ स्थित टीला वाला मस्जिद ,मध्य प्रदेश के धार जिले में भोजशाला और अन्य धार्मिक स्थलों का मुक़दमा जारी है
एक समय था जब अखिलेश यादव की अगुआई वाली उत्तर प्रदेश की सरकार ने आतंकियों का मुकदमा वापस लेने की कोशिश की थी तब हरिशंकर जैन ही थे जिन्होंने अदालत का द��वाजा खटखटाया था और चुनौती दी थी...
उस समय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव की सरकार को कड़ी फटकार भी लगाई थी .. पिता पुत्र की जोड़ी कई हिंदू संगठन भी चलाते हैं। हरिशंकर जैन भगवा रक्षा वाहिनी के संस्थापक और विष्णु जैन हिंदू साम्राज्य पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। विष्णु शंकर जैन हिंदू फ्रंट आफ जस्टिस के प्रवक्ता हैैं।
आज प्रदेश की योगी सरकार द्वारा पुरस्कृत होने पर
विष्णु शंकर जी को बहुत बहुत बधाई... ♥️🥳
जय श्री राधे कृष्ण ❣️🙏🚩
मनु समृति को बिना पढ़े जलाने वालों महर्षि मनु को गाली बकने वालों…भगवान तुम्हारा भला करे ! ये वीडियो मत देख लेना वरना तुम्हारा हार्ट ज़रूर फेल हो जाएगा मेरी कोई गारंटी नहीं है !
गुरुत्वाकर्षण की खोज पहले किसने की ?
कहते हैं न्यूटन ने सेब फल को गिरते देखा और गुरुत्वाकर्षण का पता लगाया, एक सेब को गिरते देख लिया और पृथ्वी के अंदर गुरुत्वाकर्षण खोज लिया।
इसमे भी कोई मतभे�� नही हैं कि सर आजएक न्यूटन ने आधुनिक युग मे गुरुत्वाकर्षण की खोज की परन्तु जरा सोचिए और पूरा पढ़िये 👇
क्या आपने कभी सोचा है कि कितनी चीजें ऊपर को उठ रही थी, भाप बनकर जल ऊपर उठता है, पौधे बनकर बीज ऊपर उठते हैं, अग्नि को कहीं भी जलाओ ऊपर की तरफ उठती है, फिर ये नियम क्यों नहीं खोजा की ये ऊपर किस कारण उठते हैं।
ऋषि कणाद ने हजारों साल पहले वैशेषिक दर्शन में गुरुत्वाकर्षण का कारण बताया है।
संयोगाभाव��� गुरुत्वातपतनम--५-१-७
यानी कोई भी वस्तु जब तक कही न कहीं उसका जुड़ाव है वो नीचे नहीं गिरेगी, जैसे आम या सेब का टहनी से संयोग,जब तक संयोग है तब तक पृथ्वी में कितना भी आकर्षण है वो वस्तु को अपनी तरफ खींच नहीं सकती जैसे ही संयोग का अभाव हुआ गुरुत्व के कारण वस्तु खुद पृथ्वी पर गिर जाएगी।
2--संस्काराभावे गुरुत्वात पतनम--५-१-१८
आगे बढ़ते हुए ऋषि कणाद कहते हैं कि अगर किसी वस्तु में संस्कार है तब भी पृथ्वी उसे अपनी तरफ नहीं खींच सकती,, संस्कार का अभाव होने पर ही वस्तु गुरुत्व के कारण पृथ्वी पर गिरेगी
संस्कार ऋषि ने तीन प्रकार के बताए,
1-वेग,
2-भावना,
3-स्थितिस्थापक,
तो इन तीन में से वेग संस्कार जिस वस्तु में है। जैसे तीर में हम धनुष से वेग उत्त्पन्न करते हैं, तो वह गति करता है, जैसे ही वेग संस्कार खत्म होगा, उतनी दूर जाकर वह अपने गुरुत्व के कारण जमीन पर गिर जाएगा।
पूरी पृथ्वी पर हमारे वैदिक ऋषियों के सिद्धांत हैं, लेकिन फिर भी हम उन्हें दूसरों के नाम से पढ़ने पर मजबूर हैं।
अपने वेद शास्त्रों पर गर्व कीजिये, कुछ नहीं है अंधी पश्चिमी दौड़ मे
अपनी सनातन संस्कृति अपना गौरव।
जय श्री राम, जय श्री हरि विष्णु 🙏