मेरा अकाउंट वापस बहाल हो गया, इसके लिए X टीम का धन्यवाद 🙏
लेकिन एक सवाल मेरा ,
क्या सिर्फ एक रिपोर्ट के आधार पर किसी का अकाउंट सस्पेंड कर देना सही और न्यायसंगत है?
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हर यूज़र अपनी मेहनत, समय और पहचान बनाता है,
ऐसे में बिना किसी वार्निंग के सीधा सस्पेंशन करना क्या उचित है,
मुझे लगता है कहीं न कहीं प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है,
अगर कोई कंटेंट नियमों के विरुद्ध पाया जाता है,
तो पहले स्पष्ट चेतावनी, कारण की जानकारी और सुधार का अवसर देना चाहिए ,
जोकि अधिक संतुलित और न्यायपूर्ण कदम हो सकता है,
उम्मीद है कि
आगे से ऐसी स्थितियों में पारदर्शिता, निष्पक्षता और अधिक मजबूत किया जाएगा,
ताकि यूज़र्स का विश्वास बना रहे और वो लगातार जुड़े रहे...
सूरज डूब र���ा है रेगिस्तान की गोद में,
मैं चाय की प्याली में डूबी हूँ तेरे ख्यालों में।
रेत की लहरें गुनगुना रही हैं कोई पुरानी धुन,
और मैं भाप के साथ उड़ चली हूँ तेरे ख्वाबों में।
# सुकून
# चाय
# शुभ रात्रि
क्या तुम्हें याद है???
हां, मुझे याद है...
तन्हा शामों में तेरा चुपके से आना याद है,
गेट के पीछे खड़े होकर मुझे डराना याद है।
उंगलियां बालों में सहलाकर जगाना याद है,
अदरक वाली चाय बनाकर पिलाना याद है।।