उनका नाम प्रदीप कसन��� था।
वे हरियाणा प्रशासन में चौंतीस वर्षों तक अधिकारी रहे। इतने लंबे कार्यकाल में वे एक ऐसी संख्या के लिए प्रसिद्ध हो गए, जो यह बताती है कि इस देश में कभी-कभी सबसे ईमानदार लोगों के ��ाथ कैसा व्यवहार किया जाता है।
71 तबादले।
चौंतीस साल की सेवा में इकहत्तर तबादले।
यानी औसतन हर छह महीने में एक बार उन्हें अपना पद, अपना कार्यालय और अक्सर अपना शहर बदलना पड़ा।
नई पोस्टिंग, नई जगह, नई मेज़ — बार-बार, लगातार।
जहाँ अधिकांश अधिकारी एक दिशा में अपना करियर बनाते हैं, वहीं कसनी का करियर बार-बार किनारे धकेले जाने की कहानी बन गया।
उन्हें कभी काम में असफल होने के कारण नहीं हटाया गया।
बल्कि लगभग हर विवरण इसके विपरीत कहानी कहता है।
उनका तबादला इसलिए होता रहा क्योंकि वे नियमों के अनुसार काम करते थे और प्रभावशाली लोगों की इच्छा के अनुसार फाइलों को मोड़ने से इनकार कर देते थे।
उन्होंने एक बार कहा था कि कई बार आप��ो पहले से पता होता है कि सरकार या कोई मंत्री किसी फाइल के साथ क्या व्यवहार चाहता है। लेकिन जब वे नियमों के अनुसार अलग निर्णय लेते, तो शाम तक तबादले का आदेश पहुँच जाता।
सबसे बड़ा अपमान उनके करियर के बिल्कुल अंत में हुआ।
अपनी अंतिम पोस्टिंग पर उन्हें एक सरकारी बोर्ड में अधिकारी बनाकर भेजा गया।
जब वे वहाँ पहुँचे, तो उन्हें कुछ अजीब लगा।
न कोई फाइल थी, न कर्मचारी, और न ही कोई वास्तविक काम।
सच्चाई जानने के लिए उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) के तहत आवेदन किया।
जो जवाब मिला, वह लगभग अविश्वसनीय था।
जिस बोर्ड में उनकी पोस्टिंग की गई थी, वह वर्षों पहले ही आधिकारिक रूप से बंद हो चुका था।
उन्हें ऐसे विभाग में स्थानांतरित किया गया था, जिसका वास्तव में कोई अस्तित्व ही नहीं था।
और क्योंकि वह पद ही वास्तविक नहीं था, उन्हें अपने करियर के अंतिम छह महीनों का वेतन भी नहीं मिला।
वे सेवानिवृत्त हुए, लेकिन इस अन्याय के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रही।
उन्होंने कहा कि वे न्याय मिलने तक संघर्ष करते रहेंगे।
जिस व्यक्ति ने राज्य को अपने जीवन के चौंतीस ईमानदार वर्ष दिए, उसे अंत में एक ऐसे कार्यालय में भेज दिया गया जो था ही नहीं।
ऐसी कहानियाँ भारत को याद रखनी चाहिए।
श्री चंपत राय कट्टर रामभक्त हैं, पर CCTV का बैकअप क्यों नहीं लिया?
श्री चंपत राय दो ही धोती पहनते हैं, पर सहायक टिन्नू यादव करोड़ों का सोना-हार ले कर कभी रसीद नहीं देते!
श्री चंपत राय ने मंदिर आंदोलन में रक्त-स्वेद बहाया, पर चढ़ावे का कोई ऑडिट नहीं करवा पाए!
श्री चंपत राय कारसेवकपुरम की कुटिया में रहते हैं, पर जाँच ��ोने तक पद से हट नहीं पा रहे हैं।
Bharat Tiwari’s first mistake was that he was leading yatras for the cause of a Hindu Rashtra.
His second mistake was that he believed the so-called Hindutvawadi government in Bihar would stand with him. Instead, he was shot dead.
Om Shanti, Bhai. 🙏
12 सालों में अगर भ्रष्टाचार नहीं खत्म कर पाए तो क्या कर पाए तुम -
1- थानों में भ्रष्टाचार चरम पर है
2- लेखपाल, डीएम, SP, साइबर क्राइम थाना, सब भ्रष्ट हैं
3- तहसील, कचहरी, कृषि भवन, में भ्रष्टाचार भरा पड़ा है
4- प्रधान, बीडीसी, जिलापंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, सांसद, मंत्री , मुख्यमंत्री सब भ्रष्ट हैं।
5- भगवान के मंदिर में आपके नाक के नीचे से चोरी हो गई, ये कैसी चौकीदारी है?
ऐसे ट्रेनों में लूट होती है, ऐसे मारपीट की जाती है, ऐसे ट्रेनों में अवैध वसूली होती है, न देने पर यह हाल किया जाता है, देखो सब हंस रहे हैं मौन है और अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, मजाल है इसका सब मिलकर विरोध करे, बांकी RPF और रेलवे की बात ही अलग है उनका तो हिस्सा तयं है।
बुलंदशहर में पुलिस OYO होटल पर छापेमारी कर रही है। कोई बताएगा कि किस कानून के तहत ये लोग उन व्यक्तियों की वीडियो बनाते हैं, जो होटल में नियमानुसार कमरा लेकर ठहरे हुए हैं?
क्या किसी अतिथि की पहचान को सार्वजनिक करने का अधिकार पुलिस को है? यदि नहीं, तो ऐसी वीडियो रिकॉर्डिंग और उसका प्रसार किस कानूनी आधार पर किया जाता है?
@Uppolice@bulandshahrpol@dmbulandshahr@myogiadityanath
This is an issue in every state
Police
IAS
Lower Level Officers
Engineers
Traffic Police
Everyone is making reels for Views
Thanks to Yogi Ji for taking this up, no one talked about this till date
चुनाव आयेंगे, जाएंगे, सरकारें बनती रहेंगी, सांसद विधायक खरीदे जाएंगे, पार्टियां टूटती रहेंगी, घोटाला होता रहेगा, बाबू लोग करोड़ पति होते रहेंगे,
लेकिन गरीब लोग हमेशा ट्रेन में ऐसे ही ���फर करेंगे।
कारण - सांसद जी की फर्स्ट एसी में सीट रिजर्व है।
🚨 DISGUSTING: Jihadi predator caught red-handed luring minor Hindu schoolgirls for grooming & exploitation.
This filth preys on our daughters. Expose, beat & punish these monsters harshly.
No mercy.
मैथ्स मस्ती के संचालक विपिन सर मात्र एक फर्जी रिजल्ट दिखाने वाले विद्यार्थी का पोल खोले थे कल।
आज फैज़ल खान ने अपने सारे वीडियो को प्राइवेट कर दिया।
कल तक सारे वीडियो पब्लिक थे, आज प्राइवेट कर दिए गए।
जब आप ग़लत नहीं हैं तो सालों से पब्लिक रखा हुआ वीडियो अचानक कल ही क्यों आपको प्राइवेट करना पड़ गया ?
डर सबको लगता है, गला सबका सूखता है।
ये एक फ़ेमस टीचर एस के झा है। आप भी सुनिए फैजल ख़ान उर्फ़ ख़ान सर की वास्तविक कहानी झा सर की जुबानी.
@anjanaomkashyap मैडम आपको ऐसे सभी टीचरों को आजतक के मंच पर बुलाना चाहिए जो ख़ान को एक्सपोज कर रहे हैं।
रौशन आनन्द को जमानत मिली, पटना हाई कोर्ट सीनियर वकील रमाकांतशर्मा ने कहा
गुरु हैं, गुरु की तरह व्यवहार करें खान और रौशन आनन्द
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों से कहा
दोनों टीचर हैं, हेल्दी कम्पीटिशन करें, क्रिमिनल एक्टिविटी में इन्वॉल्व न हों
रौशन आनंद के वकील ने कहा, "रौशन घटना में शामिल नहीं था
खान ने हम पर अगर षड्यंत्र का आरोप लगाया तो बॉडीगार्ड की फायरिंग वाली बात क्यों छिपाई
ज्ञान बिंदु ( दारोगा फैक्ट्री ) के डायरेक्टर रौशन आनंद सर के छोटे भाई प्रिंस यादव की हत्या।
पहले फैज़ल खान के फर्जी बयान के आधार पर बड़े भाई को जेल भेजा गया अब छोटे भाई की हत्या हो गई
रौशन सर जेल मे हैं और उनका भाई का इस तरह से जाना बहुत दुख़द खबर है 😭🙏