सौ काम छोड़कर भोजन कर ले, हज़ार काम छोड़कर स्नान कर ले, लाख काम छोड़कर दान, पुण्य, शुभ कर्म कर ले, लेकिन करोड़ों काम छोड़कर हरि का ज्ञान और हरि का ध्यान धर ले, इसी से तेरा मंगल है, इसी से तेरा ��ल्याण है।
#AsharamjiBapuQuotes
अपने जीवन में एक व्रत ऐसा ले आओ कि बस हम एक ऐसी चीज पाएं, ऐसे पद को पाएं जहां से फिर पतन ना हो।
अमेरिका गए, यूरोप गए तो क्या हो गया, स्वर्ग चले गए तो भी क्या हो गया? आखिर तो पुण्य ही नष्ट हो गया (उन जगहों के भोग आदि भोग कर)।
अतः आप ऐसी जगह जाओ (आत्म - परमात्म पद में) कि जहां से फिर गिरने का (पतन ह���ने का) दुर्भाग्य ना आए।
#AsharamjiBapuQuotes
ध्यान वो रसायन है कि रस और तृप्ति के साथ यात्रा होती है और सारी सृष्टि का जो पालक, पोषक और आनंद का उदगम स्थान है, उस परमात्मा से एकत्व करा देता है ध्यान!
ध्यान के समान कोई तीर्थ नहीं है, ध्यान के समान कोई यज्ञ नहीं, यज्ञ में वस्तु, स्वधा स्वाहा होती है, ध्यान में अपने ही कुसंस्कार स्वाहा होते हैं, ध्यान से आवश्यक सामर्थ्य की प्राप्ति होती है और अवांछनीय दो���ों की निवृत्ति होती है।
#AsharamjiBapuQuotes
बालक के जन्म से 7 साल तक मूलाधार केंद्र सुविकसित होता है, उन 7 वर्षों में बच्चा अगर निरोग रह गया, तो जीवन भर वह स्वस्थ रह सकता है।
आप बच्चों का ख्याल रखना, तो बच्चों का ख्याल रखने के लिए देवियां, माताऐं दो से तीन तुलसी के पत्ते और एक बूंद शहद रगड़कर बच्चों को चटा दिया करो। बच्चे मजबूत रहेंगें, जीवन भर उनको एक दमड़ी(अबका रुपया कह दो) भी न दो फिर भी उनको स्वास्थ्य का दान तुमने कर दिया और बड़े ओजस्वी और प्रभावशाली होंगें।
#AsharamjiBapuQuotes
इसमें आपको एक दिव्य सच्चाई मिलेगी भागवत में । मंगलाचरण में क्या बोल रहे हैं.. सच्चिदानंद । ऐसा नहीं कि अर्जुन के रथ पर बैठे हुए कृष्ण...नहीं ।देखलो ये सना���न धर्म के ग्रंथों की विशेषता देख लो । हमारी बुद्धि में कितना कुछ भगवद रस, भगवद ज्ञान स्पष्टता से भर देते हैं।
#AsharamjiBapuQuotes
आदमी की सुषुप्त संभावनाएं, सुषुप्त शक्तियां, सुषुप्त आनंद, सुषुप्त प्रेम, सुषुप्त त्याग, सुषुप्त सहानुभूतियां जगाने के लिए कुंडली योग एक अद्भुत योग इस युग के लिए सिद्ध हो रहा है। कुंडलिनी शक्ति जागृत होते ही आदमी की सुषुप्त योग्यताएं विकसित होती हैं वह दानव में से मानव बनता है और मानव में से महेश्वर बन जाता है यह कुंडली योग का चमत्कार है।
#AsharamjiBapuQuotes
13 मई : अपरा एकादशी
बदरिकाश्रम की यात्रा के समय केदारनाथ के दर्शन से और बदरीतीर्थ के सेवन से जो पुण्य होता है, सूर्यग्रहण में कुरुक्षेत्र में स्नान, जप, यज्ञ और दान करने से जो फल होता है वही फल अपरा एकादशी के व्रत से प्राप्त हो जाता है ।
#RishiPrasad#AsharamjiBapu#AparaEkadashi
उद्देश्य और रुचि एक हो जाए और उसके पीछे लग जाए तो व्यक्ति का कल्याण, जाति का कल्याण, समाज का कल्याण, देश का कल्याण एवं विश्व का कल्याण आसानी से हो सकता है...… जिनके हृदय का विकास रुक जाता है और केवल बुद्धि के विकास पर ध्यान दिया जाता है उनका जीवन मशीन जैसा हो जाता है।
#AsharamjiBapuQuotes