@vikrantgupta73 और किस्सों की पूरी परत खुलती जा रही है। यह वाकई सुकून देने वाला है। आज के डिजिटल पत्रकारिता के कीचड़ में आप जैसे लोग ही हैं जो खबरों को स्वच्छता और साख को बचाए हुए हैं। https://t.co/68SH8OWVAN पॉडकास्ट की लिंक।
विक्रांत सर @vikrantgupta73 को मैंने 2020 से सुनना देखना शुरू किया। उससे पहले खेलों की खबर के लिए BBC के खेल पत्रकार आदेश कुमार गुप्ता सर को रेडियो पर ��ुना करता था। बीते 6 सालों में विक्रांत सर आपकी एक एक शो देखा है।
@vikrantgupta73 लेकिन ग्रेट कपिल देव जी के ��ाथ आपने जो हाल में पॉडकास्ट किया है वह अद्भुत है। मैं पूरी ईमानदारी और गारंटी के साथ कह सकता हूं कि सिर्फ खेल ही नहीं, किसी भी क्षेत्र में इससे बेहतर पॉडकास्ट मैंने नहीं देखा है। दोनों अपने अपने क्षेत्र के महारथी कितनी शालीनता से बात कर रहे हैं।
उतनी दूर मत ब्याहना बाबा! / निर्मला पुतुल ( पूरी कविता 👇 )
बाबा!
मुझे उतनी दूर मत ब्याहना
जहाँ मुझसे मिलने जाने ख़ातिर
घर की बकरियाँ बेचनी पड़े तुम्हे
मत ब्याहना उस देश ��ें
जहाँ आदमी से ज़्यादा
ईश्वर बसते हों
जंगल नदी पहाड़ नहीं हों जहाँ
वहाँ मत कर आना मेरा लगन
वहाँ तो कतई नहीं
जहाँ की सड़कों पर
मान से भी ज़्यादा तेज़ दौड़ती हों मोटर-गाडियाँ
ऊँचे-ऊँचे मकान
और दुकानें हों बड़ी-बड़ी
उस घर से मत जोड़ना मेरा रिश्ता
जिस में बड़ा-सा खुला आँगन न हो
मुर्ग़े की बाँग पर होती नहीं हो जहाँ सुबह
और शाम पिछवाड़े से जहाँ
पहाड़ी पर डूबता सूरज न दिखे
मत चुनना ऐसा वर
��ो पोचई और हड़िया में डूबा रहता हो अक्सर
काहिल-निकम्मा हो
माहिर हो मेले से लड़कियाँ उड़ा ले जाने में
ऐसा वर मत चुनना मेरी ख़ातिर
कोई थारी-लोटा तो नहीं
कि बाद में जब चाहूँगी बदल लूँगी
अच्छा-ख़राब होने पर
जो बात-बात में
बात करे लाठी-डंडा की
निकाले तीर-धनुष, कुल्हाड़ी
जब चाहे चला जाए बंगाल, असम या कश्मीर
ऐसा वर नहीं चाहिए हमें
और उसके हाथ में मत देना मेरा हाथ
जिसके हाथों ने कभी कोई पेड़ नहीं लगाए
फ़सलें नहीं उगाईं जिन हाथों ने
जिन हाथों ने दिया नहीं कभी किसी का साथ
किसी का बोझ नहीं उठाया
और तो और!
जो हाथ लिखना नहीं जानता हो ‘ह’ से हाथ
उसके हाथ मत देना कभी मेरा हाथ!
ब्याहना हो तो वहाँ ब्याहना
जहाँ सुबह जाकर
शाम तक ���ौट सको पैदल
मैं जो कभी दुख में रोऊँ इस घाट
तो उस घाट नदी में स्नान करते तुम
सुनकर आ सको मेरा करुण विलाप
महुआ की लट और
खजूर का गुड़ बनाकर भेज सकूँ संदेश तुम्हारी ख़ातिर
उधर से आते-जाते किसी के हाथ
भेज सकूँ कद्दू-कोहड़ा, खेखसा, बरबट्टी
समय-समय पर गोगो के लिए भी
मेला-हाट-बाज़ार आते-जाते
मिल सके कोई अपन��� जो
बता सके घर-गाँव का हाल-चाल
चितकबरी गैया के बियाने की ख़बर
दे सके जो कोई उधर से गुज़रते
ऐसी जगह मुझे ब्याहना!
उस देश में ब्याहना
जहाँ ईश्वर कम आदमी ज़्यादा रहते हों
बकरी और शेर
एक घाट पानी पीते हों जहाँ
वहीं ब्याहना मुझे!
उसी के संग ब्याहना जो
कबूतर के जोड़े और पंडुक पक्षी की तरह
रहे हरदम हाथ
घर-बाहर खेतों में काम करने से लेकर
रात सुख-दुख बाँटने तक
चुनना वर ऐसा
जो बजाता हो बाँसुरी सुरीली
और ढोल-माँदल बजाने में हो पारंगत
वसंत के दिनों में ला सके जो रोज़
मेरे जूड़े के ख़ातिर पलाश के फूल
जिससे खाया नहीं जाए
मेरे भूखे रहने पर
उसी से ब्याहना मुझे!
“No loss for the board if Bangladesh skips the World Cup. Loss is only for players.”
That’s the logic from Najmul, A BCB official.
He said : “There will be no loss for the Bangladesh Cricket Board (if we don’t take part in the World Cup), as the loss will be for the players.. Up to 2027, our revenue will not be hampered because in the 2022 ICC financial meeting, this was already fixed. Future World Cups or future bilateral or international events may have relevance, for example, whether teams will come to us under the FTP. Those are valid questions. But this World Cup does not affect that," he added. The players will lose because when they play, they receive a match fee for every match. If someone participates in a match, or becomes man of the match, or has some kind of special performance, then according to ICC rules and match regulations, they get what is due to them. That money belongs exactly to the player. The board has no connection with that. Meaning the board does not gain or lose anything from this.” (CB)
Three mysteries in Indian ODI setup:
1) Nitish Reddy, considered an allrounder, bowls not more than 2 overs at bats at No.7 - neither here nor there - so this fascination must stop.
2) Arshdeep Singh: How on Earth do they keep benching him, for just about every fast bowler in the country. And if they say, oh, he’s being rested due to World Cup, why’s it not the same with Harshit Rana?
3) Ravindra Jadeja: a GOAT but numbers receding quicker than my hairline, both batting and bowling
#IndvsNZ
एक प��लेयर नहीं; महानता का नाम है विराट कोहली। खिलाड़ी आए, हाइप क्रिएट की और चले गए। कागज की तरह जले और एक कुछ क्षणों में बुझ गए। लेकिन विराट अलग थे, हैं, उन्होंने अपनी आग अपनी भूख जिंदा रखी और हर पीढ़ी के खिलाड़ियों को खुद से नीचे रखा। वे एक जलता बारूद हैं
https://t.co/6Jtybdr1lQ
Friends, I have been cheated by fraudsters. A person posing as an Indian Army officer cheated me out of a sum of ₹61,000 under the pretext of renting my house. This type of scam is known as the Army-OLX Fraud. 1/4 🧵
8 Feb की शाम को लड़की अपने रूम से गायब हो जाती है, दो दिन बाद अपने परिजनों को डरे सहमे हुए, व्हाट्सएप पर अपने खतरे में होने की सूचना देती है. तमाम सुराग होने के बावजूद @jhansipolice अब तक लड़की को नहीं ढूंढ़ पा रह���. @Uppolice @rangejhansi @AnuraagJhansi Plz look at this matter.
सोचिए देश में न्याय की क्या दशा है। Zee न्यूज जूनियर्स को प्रताड़ित करता है यह बात पूरी तरह सही है। न्यू ज्वाइनी या तो 6 महीने में नौकरी छोड़ देते हैं या ��न्हें निकाल दिया जाता है। लड़कियों के साथ बदतर व्यवहार का जीनत सिद्दीकी केस साक्षात एग्जांपल है।
ये मेरा UNLAWFUL TERMINATION ORDER जिसे मैं बिना किसी शर्म के आप लोगों के सामने रख रही हूं, अब ये जानिए ये मुझे दिया कैसे गया
मैं रोज़ की तरह ऑफिस गई, दिन शनिवार , जिस दिन 70 प���रतिशत STAFF/HR DEPARTMENT OFFICE नहीं आता ।
((-1-वक्त सुबह 10.20 मिनट, मेरी घेरेबंदी कर ज़बरदस्ती एक मीटिंग में ले जाया गया, मेरा सामान (बैग-मोबाइल) अपने कब्ज़ में ले लिए गए थे, मुझे एक कमरे में बंधक बना लिया गया था, न WASHROOM जाने की इजाज़त थी न अपनी मां से ही फोन पर बात ��रने की, घेरेबंदी ऐसी की कभी महिला गार्ड दिखती तो कभी मेरे पास से मुस्कुरा कर निकलता कोई आदमी, दहशत के मारे में मैं वापस जाने की ज़िद करने लगी, मुझे चाय दी गई मैनें नहीं पी, मुझे महिला गार्ड कहती है अरे मैडम पी लीजिए कुछ मिलाया नहीं है, मैं पी कर दिखाऊं, मैनें कहा दीदी आप पी लीजिए, मैं नहीं पीऊंगी, क्यों नहीं पीओगी, पीना पड़ेगा, नही मैनें नहीं पीना तो नहीं पीना, काफी देर बाद फिर बिस्किट लाए गए, कहा गया अरे सर ने भेजा है मैडम को बिल्किट खिलाओ।
((2-मेरी धड़कने तेज़ होने लगी थी, मैं रोने लगी, फिर अमित बंसल नाम का व्यक्ति आता है, मुझ से जितनी बत्तमीज़ी से बो बात कर सकता था उसने की, डराया-धमकाया-चिल्लाया-अपना रौब दिखाया, नौकरी से निकाल देने की धमकी दी, POSH की बहुत शिकायतों को निपटाने का दावा किया, मेरी कुर्सी के आस-पास घूमना चिल्लाना सब हो रहा था। मैनें मीटिंग का AGENDA पूछा नहीं बताया, मैनें उस से उसका नाम पूछा नहीं बताया, ख़ैर मैनें बाद में मालूम किया तो पता चला ((सिक्योरिटी डिपार्टमेंट का कोई हेड है))
((-मैं-उसे बार-बार अपनी POSH की शिकायत के बारे में बता रही थी, ICC ने कैसे काऩून की धज्जिया उड़ाई जांच के नाम पर कैसे एक-तरफा कारर्वाई की सब बताया, मुझ से जांच के नाम पर कैसे MISOGYNIST सवाल किए कमेटी ने वो बताया, नहीं सुनवाई हुई,
((-3-फिर ज़बरन मुझ से RESIGNATION पर साइन कराने की कोशिश हुई मैनें साइन नहीं किए और वहां से जाने के लिए उठी, मुझे ज़बरन रोकते हुए बोले तुम नहीं जा सकती, इसे TERMINATE करो, जानलेवा तरीके से मुझे बंधक बनाया हुआ था, मैं जाने के लिए फिर खड़ी हुई तो महिला गार्ड्स ने घेरा, मैं जैसे तैसे उस कमरे से बाहर निकली, अपने बैग की तरफ, मेरे सामान से छेड़खानी की गई, मैं बेसुध पहले खड़ी रही, और अचानक कांपते हुए बै�� गई, एक महिला गार्ड ने मुझे छुआ बोलीं मेडम आपका शरीर ठंडा पड़ चुका है, दूसरी महिला गार्ड कहतीं I-CARD दीजिए, इस दहशत भरे माहौल मे मेरे PERIODS शुरु हो चुके थे, मगर मेरी हालत कुछ बोलने की नहीं, मैं फफक-फफक कर रोने लगी और थोड़ी देर बाद सब घेर कर मुझे नीचे लाए, एक व्यक्ति पहले से लिफ्ट के पास लिफ्ट रोके खड़ा था।
(-4-मैं जैसे ही नीचे आई फिर बैठ गई, मेरा शरीर हरकत नहीं कर पा रहा था, मुझे एक-एक सांस लेने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था, एक महिला गार्ड को शायद मुझ पर दया आई, उन्होंने मेरा हाथ मला, इस पूरे घटनाक्रम में अमित बंसल नाम मेरे आसपास घूमता रहा, मैं थोड़ी सामान्य हुई तो जैसे-तैसे सब की घेरेबंदी में ही ऑफिस से बाहर निकली और गुप्ता चौक के पास एक पेड़ के नीचे बैठ गई। सोचिए जो हो रहा था वो मेरे परिवार को या मेरे किसी परिचित तक को नहीं पता था कि मैं किसी मीटिंग में हूं या क्या होने वाला है मेरे साथ।
((-5-मैनें बहुत कम ���ें बताने की कोशिश की है, ये ��ब 2 घंटे से ज़्यादा तक चलता रहा, जैसे-तैसे मैं घर पहुंची पहले से HR HEAD POOJA DUGGAL के साइन से तैयार TERMINATION ORDERमेरे निजी EMAIL पर भेजा जा चुका था ये सब इसलिए किया गया ताकि आदतन लड़कियों को तंग करने वाले रमेश चंद्रा को बचाया जा सके, जैसे 2019 में भी बचाया गया था और पीड़िता को ही तरह तरह से यातनाएं दे कर TERMINATE कर दिया गया।
((-6-मैं सोमवार को फिर ऑफिस गई HR HEAD POOJA DUGGAL से मिलने और अपना निजी सामान लेने, कोई सहयोग नहीं मिला मैनें 112 पर कॉ��� की और फिर लिखित मे थाने में जाकर शिकायत दी, 5 फरवरी से अब तक FIR नहीं हुई है सोचिए ZEE NEWS का दवाब कितना ज़्यादा होगा पुलिस महकमे पर, अकूत संपत्ती और साम्राज्य के आगे मैं कहीं खड़ी नहीं हो पाऊंगी आप लोगों के सहयोग के बिना मेरी मदद कीजिए।
नोएडा पुलिस FIR दर्ज करो आरोपियों के खिलाफ
#Mediakajungalraj
#ToothlessPOSH
उम्मीद है कि समान नागरिक संहिता यानी UCC के मुद्दे पर मूल अधिकारों और निदेशक तत्वों के बीच टकराव उत्पन्न होने पर कोई भी कांग्रेसी और नेहरू का पैरोकार हो हल्ला नहीं मचाएगा। और कांग्रेस पार्टी UCC का समर्थन करेगी।
संविधान के चौथे संशोधन के प्रस्ताव पर लोकसभा में बोलते हुए नेहरू ने कहा था कि - "यदि मूल अधिकारों और राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों के बीच कोई टकराव उत्पन्न हो तो नीति निदेशक सिद्धांतों को प्रधानता मिलनी चाहिए। "
My grandfather is in critical condition. Currently he is in a private hospital in Darbhanga (Bihar), and the medical expenses have already taken a toll on us. 1/2
इमरोज के लिए पूरी हमदर्दी लेकिन आज कोई भी ऐसा सोच नहीं सकता। एक साथ ���ई लोगों को टुकड़ों में चाहना मेरे ख्याल से खुद को नहीं, लेकिन ��ामने वाला जो आपसे से बेइंतेहा मोहब्बत करता हो, उसे धीरे धीरे जहर देकर मार डालना है। समझ नहीं आता अमृता प्रीतम के दोहरेपन या तीहरेपन को क्या नाम दूं।
भैया एक बात कहूं, बुरा मत मानिएगा प्लीज। प्रेम त्रिकोण का तीसरा कोण होना दुखदाई होता है। वो चाहे आपके ह��ारे लिए हो या फिर इमरोज के लिए। असल में अमृता प्रीतम इमरोज को छल रही थीं और इमरोज हंसकर खुद को छलाये जा रहे थे। मेरे ख्याल से ये प्यार से ज्यादा गुलामी और चुटियापे का संकेत है।