बिग ब्रेकिंग
ललितपुर जिला कारागार में बंदी ज्ञानेंद्र ढाका के पास कीपैड मोबाइल बरामद होने के कारण जेलर जीवन सिंह, उपकारागार पाल प्रिंस बाबू एवं जेल वार्डन आकाश कुशवाहा को निलंबित कर दिया गया।
@DgPrisons @DMLalitpur
क्षत्रिय कुटुबंः वही हुआ जिसकी आशंका थी। दरअसल जातीय समूह बनाए ही इसीलिए जाते हैं। बहुत शर्म की बात है कि जिस जातिं के अंतर्मन में सबके कल्याण की भावना है, जीवन बलिदान कियाा, सैकड़ों युद्ध लड़े। उस जाति समूह को अपने कल्याण के लिए कुटुंब बनाना पड़ता है।
@news24tvchannel आस्था अंर्तमन से होती है। इस क्रिकेटर को लगता है कि उसके प्रभु ने इस जीत में मदद की है तो अच्छी बात है। आस्था की आलोचना नहीं होनी चाहिए। मैं भगवान कृष्ण के प्रति आस्थावान हूं तो किसी को आलोचना का अधिकार नहीं है।
अगर मौलाना तौकीर रजा को 2010 में ही बरेली दंगों को कराने की सजा दे दी गई होती, तो यह व्यक्ति इतना दुस्साहस न करता। तत्कालीन पुलिस ने इसको 24 घंटे के अंदर रहा कर दिया, जबकि बरेली जलता रहा और एक महीने तक कर्फ्यू लगा रहा। @myogiadityanath@RahulGandhi@mediacellsp@SudhanshuTrived
@KDanishAli@myogiadityanath मो बिन कासिम के समय 3000 ऊंटों पर बैठकर भारत सिंध पर आक्रमण करने पहुंचे थे। आज आठ लाख वर्ग किमी क्षेत्र का पाकिस्तान, साढ़े छह लाख वर्ग किमी क्षेत्र बांग्ला देश आपको कम पड़ रहा है। अब 19 करोड़ भारत में भी हो गए। हिंदू कबतक नहीं बोलेगा।
@Yogesh_PSingh@myogiadityanath साफ साफ गलती ठाकुर साहब की दिख रही है। सच तो यह है इनके कर्म से ठाकुर समाज का अपमान जरूर हुआ है। भाई बुरा न मानना, सही के साथ खड़ा होना ही क्षत्रित्व है।
11वे नंबर पर कैसरगंज के @mediacellsp विधायक आनंद यादव का नाम है। यानी बहराइच में डिप्टी सीएम केशव मौर्य @kpmaurya1 की बैठक में इन्हें अधिकृत रूप से बुलाया गया था। बैठक में शामिल न कराना विधायक का अपमान है।
यूपी के 75 जिलों में सिर्फ 12 जिलों के डीएम ठाकुर हैं। ऐसे में अगर जातिगत अनुपात की बात करें तो यह आंकड़ा 16 फीसदी है। जबकि हमने वर्ष 2014 और 2015 में 12 से 14 के बीच में ठाकुर जिलाधिकारी तैनात थे। https://t.co/xjWJkt9aSN
यूपी के 75 जिलों में सिर्फ 12 जिलों के डीएम ठाकुर हैं। ऐसे में अगर जातिगत अनुपात की बात करें तो यह आंकड़ा 16 फीसदी है। जबकि हमने वर्ष 2014 और 2015 में 12 से 14 के बीच में ठाकुर जिलाधिकारी तैनात थे। https://t.co/xjWJkt9aSN
उपाध्याय जी, तीन दिन पहले आईपीएस अफसरों का तबादला हुआ है। इसके बावजूद भी वर्तमान में 26.6 फीसदी जिलों में ब्राम्हण एसपी है। यानी चौथाई यूपी में ब्राम्हणों का कब्जा। 16 फीसदी में ठाकुर.. @myogioffice@ravish_journo@mediacellsp@ppbajpai
https://t.co/MHg6NtoPQl
आखिर क्यों की जा रही हैं ये स्वजातीय नियुक्तियां? मकसद क्या है?
इस पर भी तो सोचना होगा!!
लखनऊ के हजरतगंज थाने का उदाहरण लीजिए।
ये मेरे खुद के मामले से जुड़ा हुआ है।
एसओ- विक्रम सिंह
IO- एसआई आलोक कुमार सिंह
IO- एसआई मधुकर सिंह
एक के बाद एक तीन फर्जी एफआईआर!!
सब की सब ख़बर पर।
न योगी आदित्यनाथ के हटाए गए मीडिया सलाहकार की तरह राशिद नसीम सरीखे भगौड़े से लेनदेन पर।
न ही सोनभद्र अवैध माइनिंग की सीएजी रिपोर्ट में नाम आने पर।
चार्जशीट इस तरह से कि अगर कोई कानून का जानकार देख ले तो इंग्लैंड के चीफ जस्टिस रहे लॉर्ड हेवार्ट के मशहूर कथन,
"न्याय होना ही नहीं चाहिए, न्याय होते हुए दीखना भी चाहिए"
के पन्नों का एक बलशाली मुगदर बनाकर अपना सिर पीट ले!!!
बड़ी बात ये कि एक भी एफआईआर में एफआईआर कराने वाला मनुष्य या फिर एफआईआर के पीछे खड़ा 'ईश्वर', स्टोरी के एक भी तथ्य को गलत नहीं कह सका है।
बस आरोप है कि उसके कथित मान की हानि हो गई।
धरती के नए ईश्वर की अवमानना हुई।
प्रदेश में दंगा भड़क जाने का खतरा है और इनके पीछे फॉरेन फंडिग है।
जैसे 1984 लिखने वाले जॉर्ज ओरवेल का 'ओरवेलियन स्टेट' मुंह बाए खड़ा हो और तानाशाही व निरंकुशता के जबड़े फैलाए अपने खिलाफ उठी हर आवाज़ को निगल जाने के लिए छटपटा रहा हो!!
मैं लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर, डीजीपी राजीव कृष्ण, मुख्य सचिव शशि गोयल के साथ ही पीएमओ और गृह मंत्रालय तक से ये मांग करता हूं कि कम से कम इस मामले में एक उदाहरण सेट किया जाए।
इन तीनों वर्दीधारियों के सारे कॉल रिकार्ड्स खंगाले जाएं। इनकी लोकेशन एस्टैबलिश की जाए। इन पर काउंटर इंटेलीजेंस एक्टिवेट किया जाए।
मैं दावे के साथ कहता हूं कि महज एक हफ्ते या फिर उससे भी कम समय में वो चौकाने वाली रिपोर्ट सामने आएगी,
कि अमेरिका के राष्ट्रपति निक्सन को इस्तीफा देने के लिए मजबूर करने वाला वाटरगेट स्कैंडल भी फीका पड़ जाएगा!!
ये एक टेस्ट केस होगा कि आखिर क्यों जगह-जगह एक खास तरह की नियक्तियों का पैटर्न एस्टैबलिश किया जा रहा है,
और उस पैटर्न की आड़ में निहित स्वार्थों की बारिश का कौन सा डकवर्थ-लुईस नियम एक्टिवेट किया जा रहा है?
ये जांच जनहित में होगी। ये न्याय हित मे होगी।
ये प्रभु श्रीराम के जिस रामराज्य की आप अनुशंसा करते हैं, ये उनके निष्पक्ष लोकजीवन का आदर्श बनेगी।
इस जांच में आपको मेरी जो भी मदद चाहिए।अवश्य बताइएगा।
मैं शायद 24 घंटे के भीतर ही आपको निष्कर्ष तक पहुंचा सकने में सक्षम होउंगा।
मेरा अनुरोध है कि तटस्थ मत रहिएगा। इस पर एक्शन अवश्य लीजिएगा।
मेरे बेहद प्रिय कवि, इस राष्ट्र के कवि रामधारी सिंह दिनकर अपनी महान रचना परशुराम की प्रतीक्षा में लिख गए हैं-
"समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध
जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध!!"
सो समय से डरिए और एक बार ही सही, सत्ता के भय को छोड़कर अंतरात्मा की आवाज सुनिए।
ये सत्ता तो कुछ ही वक्त में कच्छ के बालू की रेत की तरह फिसल जाएगी पर अंतरात्मा सदैव रहेगी। उसका अवश्य मान कीजिए।
@dgpup@lkopolice@PMOIndia@HMOIndia@AmitShah@narendramodi@ChiefSecyUP
“गवाँर हो तभी बॉर्डर पे भेज दिए गए हो”
“तभी तुम्हारे बच्चे विकलांग पैदा होते हैं और बॉर्डर पे शहीद हो जाते हैं”
“भेज तुझे जहाँ भेजनी हो रिकॉर्डिंग”
@HDFC_Bank जरा अपने ऐसे कर्मचारी को बतायें कि अब रिकॉर्डिंग सही जगह पहुँच गई है।