विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन की स्थापना दिवस और शताब्दी वर्षपूर्ति की हार्दिक शुभकामनाएं ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा त्याग, निःस्वार्थ सेवा, राष्ट्र निर्माण और अनुशासन की अद्भुत मिसाल है।
#RSS100Years
आज से 100 साल पहले विजयादशमी के दिन ह��� समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना हुई थी। लंबे कालखंड के दौरान असंख्य स्वयंसेवकों ने इस संकल्प को साकार करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इसे लेकर मैंने अपने विचारों को शब्दों में ढालने का प्रयास किया है…
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सत्य, सन्मार्ग, संस्कार, सदाचार और सनातन मूल्यों की शाश्वत व��जय के पावन प्रतीक महापर्व विजयादशमी की सभी श्रद्धालुओं एवं प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई!
प्रभु श्री राम की कृपा से हर हृदय धर्म और सत्य के आलोक से आलोकित हो���
सियावर रामचंद्र की जय
ॐ रां रामाय नमः!
धर्म, धैर्य, सत्य एवं न्याय की विजय के महापर्व विजयादशमी की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
अधर्म पर धर्म की विजय के इस पावन पर्व पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की शिक्षाओं को आत्मसात करें।
आइए, क्रोध, ईर्ष्या, लोभ, अहंकार रूपी रावणों का दहन कर आदर्श समाज के निर्माण का संकल्प लें। तभी विजयादशमी का पर्व सच्चे अर्थों में सार्थक होगा।
जय श्री राम!
विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन @RSSOrg के शताब्दी स्थापना दिवस पर सभी स्वयंसेवकों को हार्दिक शुभकामनाएँ।
सेवा, समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रभावना के अद्वितीय संकल्प के साथ संघ ने बीते सौ वर्षों में समाज के प्रत्येक वर्ग में जागरूकता, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय एकता का भाव सुदृढ़ किया है।
“राष्ट्र प्रथम” की भावना पर आधारित शताब्दी वर्ष तक की यह यात्रा केवल संगठन की नहीं, बल्कि राष्ट्र की सामूहिक साधना, चेतना और चिंतन का जीवंत प्रतीक है।
इस पावन अवसर पर, हर परिस्थिति में समर्पित और एकनिष्ठ भाव से काम करने वाले उन असंख्य स्वयंसेवकों के तप ��र त्याग को नमन है।
भारत माता की जय!
#RSS100Years
विजयादशमी की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
विजयादशमी का महापर्व अधर्म, असत्य और अन्याय पर धर्म, सत्य और न्याय की जीत का उत्सव है। प्रभु श्रीराम से सभी के कल्याण की प्रार्थना करता हूँ।
जय श्रीराम।
राष्ट्र निर्माण में @RSSorg का योगदान अप्रतिम और अतुलनीय है। अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूरे कर च���के राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की यात्रा नए भारत के निर्माण की नींव है।आज ‘ दैनिक जागरण’ में प्रकाशित लेख में मैंने राष्ट्र निर्माण में संघ के योगदान को रेखांकित किया है। आप भी पढ़िए। @JagranNews
सुप्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र जी के निध�� से अत्यंत दुख हुआ है। वे जीवनपर्यंत भारतीय कला और संस्कृति की समृद्धि के लिए समर्पित रहे। उन्होंने शास्त्रीय संगीत को जन-जन तक पहुंचाने के साथ ही भारतीय परंपरा को ��िश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने में भी अपना अमूल्य योगदान दिया। यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे सदैव उनका स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा। साल 2014 में वे वाराणसी सीट से मेरे प्रस्तावक भी रहे थे। शोक की इस घड़ी में मैं उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता हूं। ओम शांति!
माँ भारती की सेवा, राष्ट्रीय एकता और सनातन संस्कृति के संवर्धन को समर्पित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने क�� सभी स्वयंसेवकों को हार्दिक बधाई!
विश्व के सबसे विशाल सांस्कृतिक संगठन @RSSorg की शतकीय यात्रा राष्ट्रचेतना के पुनर्जागरण का अमर अध्याय है। संघ ने शाखा की अनुशासित पंक्ति में राष्ट्रप्रेम के संस्कार बोये, समाज के प्रत्येक क्षेत्र में सेवा, समरसता और संगठन का भाव जगाया।
भारत की आत्मा को आत्मविश्वास दिया, बिखरे समाज को एकात्मता के सूत्र में पिरोया, राष्ट्रवाद को जीवन का आधार बनाया और अखंड भा���त के निर्माण के दिव्य संकल्प से जन-जन को जोड़ने का कार्य किया।
‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से दीप्त यह संगठन करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
#RSS100Years
विजयादशमी बुराई और असत्य पर अच्छाई और सत्य की विजय का प्रतीक है। मेरी कामना है कि इस पावन अवसर पर हर किसी को साहस, बुद्धि और भक्ति के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने की प्रेरणा मिले।
देशभर के मेरे परिवारजनों को विजयादशमी की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
संघ ने सेवा भारती से लेकर वनवासी कल्याण आश्रम जैसे अपने अलग-अलग संगठनों के माध्यम से दुर्गम से दुर्गम क्षेत्रों में भी अतुलनीय कार्य किए हैं। हमारे आदिवासी भाई-बहनों के सशक्तिकरण में इसने अहम भूमिका निभाई है।
2047 का भारत तत्वज्ञान और विज्ञान के साथ सेवा और समरसता से गढ़ा हुआ वैभवशाली भारत होगा। यही संघ की द���ष्टि है, यही हम सभी स्वयंसेवकों की साधना है और यही हमारा संकल्प है।