इस समय तमाम 'हिंदू नेता' दलित बच्ची को रेप थ्रेट देने वाले स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में आंदोलन कर रहे हैं।
इन लफंगों को अपनी जाति के दरिंदे भी संस्कारी लगते हैं।
कुछ दलित आज भी खुद को गर्व से हिंदू बताते हैं। देख लो मूर्खों, तुम्हारे बहन-बेटियों के प्रति इनकी सोच क्या है!
केंद्रीय मंत्री @iChiragPaswan ने खुलकर निशू आज़ाद के पक्ष में स्टैंड लिया है और उस गुंडे स्वतंत्र भारद्वाज से किसी भी तरह के रिश्ते से इंकार किया है . इसके लिए चिराग़ की तारीफ की जानी चाहिए . क्या कपिल मिश्रा ज��से बीजेपी नेता यही बात कह सकते हैं ?
मैं आज आपके सामने देश की कुछ बेटियों का जिक्र करूंगी।
1. निशु आजाद
2. शाहीन खान और नफीसा खान
3. आकृति चौधरी
4. रुचिका सिंह
निशु आजाद स्कूल में पढ़ती हैं और दलित समाज के अधिकारों के लिए आवाज उठाती हैं।
निशु ने जंतर-मंतर के आंदोलन में हिस्सा लिया और लोकतांत्रिक तरीकों से अपनी बात को रखा, जहां BJP राइट विंग के हिंसक लोगों ने उनके पिता से मारपीट की।
मारपीट करने वाले का नाम है- स्वतंत्र भारद्वाज, जिसका बड़े-बड़े चैनल इंटरव्यू कर रहे हैं। अपने इंटरव्यू में स्वतंत्र भारद्वाज बड़ी ही बेशर्मी से अपने हिंसक किस्से सुना रहा है।
दलित समाज के लिए अपमानसूचक शब्द का इस्तेमाल कर रहा है, लेकिन इसके खिलाफ किसी धारा में कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा।
: महिला कांग्रेस अध्यक्ष @LambaAlka जी
📍 दिल्ली
Delhi Police must answer: Why did the police ask Shaheen and Nafeesa their names and then beat them? Why were they subjected to such inhuman treatment?
Is Delhi Police acting as an extension of the RSS to harass minorities?
BJP के साथ गठबंधन किए हुए नेताओं ने देश को ज़्यादा नुक़सान पहुंचाया है। सत्ता में बने रहने की लत में इन्होंने देश का बंटाधार किया है।
चिराग जी आरक्षित सीट से लड़ते हैं और आरक्षण के ख़िला��़ बोलने वाली पार्टी के साथ गठबंधन करके पावर एंजॉय करते हैं।
दलित तबके की बेटी के साथ अन्याय करने वाले आतंकी इनको अपना बड़ा भाई बताता है।
जिनके साथ ये सत्ता सुख ले रहे हैं, वही भाजपाई खड़गे जी के जाने के बाद ज़मीन की शुद्धिकरण करते हैं। फिर ये शुद्धिकरण के ख़िलाफ़ बोलते हैं लेकिन इतनी हिम्मत नहीं कि BJP के ख़िलाफ़ खड़े हों।
उल्टे आतंकियों को संरक्षित कर रहे हैं। अच्छा ही है रामबिलास जी को ये सब देखना नहीं पड़ा! न जाने उन पर क्या बीतती!
जोशी के लिए आतंकी भारद्वाज और निशु आजाद बराबर की गुनहगार लगती है!
रंग और जाति के आधार पर जब तक मीडिया मे��� एंकर बनाए जाएंगे, मनुवादी मीडिया ऐसे ही एक्सपोज होती रहेगी!
दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर पत्रकारों शाहीन और नफीसा को पुलिस द्वारा कथित रूप से मारते-पीटते थाने ले जाने, गाली-गलौज करने, धमकाने और उनके सा�� दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप यह बताता है कि World Press Freedom Index में भारत 180 देशों में 157वें स्थान पर क्यों है।
सबसे चिंताजनक यह है कि उनका कहना है कि उनके मुस्लिम हो��े की जानकारी मिलने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार और बढ़ गया यह भाजपा की मुस्लिम विरोधी मानसिकता और प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सवाल पूछना अपराध नहीं है। पत्रकार की पहचान देखकर उसके साथ भेदभाव करना लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है।
यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है!
यह नफ़रती चिंटू कह रहा है
• मोदी जी ने इशारा कर दिया है, अब हम दिमागी नक्सलियों का इलाज करेंगे
• अभी तक तो कड़ा चलाया है, आगे कट्टा चलायेंगे
• हम खुल कर कैमरे पर कह रहे हैं यह सब करने के लिए गूदा चाहिए
@DelhiPolice - हिंसा और मारने की बात करने वाले को पकड़ने का गूदा है?
दिल्ली पुलिस के अफसर आज डरे सहमे नहीं होंगे, बल्कि शर्मिंदा होंगे कि इसी दिन के लिए वर्दी पहनी थी कि हत्या के प्रयास के आरोपी को एक फोन पर छोड़ देंगे? ऐसा भी क्या है दिल्ली में? जिस शहर में घंटों जाम में रहना पड़ता है, उस शहर में अफसरी करने का ��ही सुख रह गया है कि कोई सर फोड़ने की बात कैमरे पर कर रहा है, पुलिस FIR और गिरफ़्तारी तक नहीं कर पा रही है। दिल्ली पुलिस के बड़े अफ़सरों को ख़र��ब लग रहा होगा? अगर शर्मिंदगी भी महसूस हो रही है तो वह भी बड़ी बात है। बाकी किसी कमज़ोर को पकड़ कर, किसी को उठाकर थाने में बंद करने के लिए IPS होने की ज़रूरत नहीं है। वह काम तो स्वतंत्र भारद्वाज बिना UPSC की परीक्षा में बैठे ही कर रहा है।
Finally, Delhi Police have registered an FIR against the Sanghi goon and said he will be arrested within 72 hours.
It took two months and a protest just to get an FIR registered for a hate crime that happened right in front of the police.
POLICE DEPARTMENT THIK KARO!
आप स्वतंत्र भारद्वाज का वीडियो सुनिए और सोचिए...
खुले मंच से इतना सब कहने के बाद भी दिल्ली पुलिस ने सिर्फ एक मामूली FIR दर्ज की, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया।
जबकि इस मामले में हत्या के प्रयास की ध��रा लगनी चाहिए थी, लेकिन यह धारा नहीं लगाई गई।
स्वतंत्र भारद्वाज ने वीडियो में यह भी बताया कि उसका किन बड़े नेताओं से संपर्क है और उसे किनका संरक्षण प्राप्त है।
उसने अपने वीडियो में दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा से लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान तक का जिक्र किया है।
वीडियो वायरल होने के बाद निशु आज़ाद ने नेता विपक्ष राहुल गांधी जी से न्याय दिलाने की मांग की है।
: महिला कांग्रेस अध्यक्ष @LambaAlka जी
📍 दिल्ली