@yadavakhilesh सर्वप्रथम शिक्षक को 30 ई0एल0,हाॅफ सी0एल0,शिक्षक की पूर्व से लम्बित/बाध���त समस्याओं का अतिशीघ्र समाधान किया जाए व परिषदीय शिक्षक का वेतन विसंगति,स्वास्थ बीमा, लिपिक की नियुक्ति एंव प्रदेश के शिक्षक का गंभीर मुददा पुरानी पेंशन बहाल हो।
🙏
वीरेन्द्र प्रताप सिंह
जिलाध्यक्ष
UPPSS-लखनऊ
@yadavakhilesh पूर्व मुख्यमंत्री आदरणीय श्री अखिलेश यादव जी आपने हम शिक्षको की पीड़ा को समझते हुए
डिजिटलाइजेशन/डिजिटल उपस्थिति का मुद्दा बहुत अच्छे से रखा है, जिसके लिए
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ-लखनऊ आपको धन्यवाद और आभार ज्ञापित करता है।
सादर!
शिक्षकों पर विश्वास करने से ही अच्छी पीढ़ी जन्म लेती है।
कोई शिक्षक देर से स्कूल नहीं पहुँचना चाहता है ल���किन कहीं सार्वजनिक परिवहन देर से चलना इसका कारण बनता है, कहीं रेल का बंद फाटक और कहीं घर से स्कूल के बीच की पचासों किमी की दूरी क्योंकि शिक्षकों के पास स्कूल के पास रहने के लिए न तो सरकारी आवास होते हैं, न दूरस्थ इलाकों में किराये पर घर उपलब्ध होते हैं। इससे अनावश्यक तनाव जन्म लेता है और मानसिक रूप से उलझा अध्यापक कभी जल्दबाज़ी में दुर्घटनाग्रस्त भी हो सकता है, जिसके अनेक उदाहरण मिलते हैं।
यदि किसी आकस्मिक कारणवश शिक्षकों को व्यक्तिगत स्वास्थ्य या फिर घर, परिवार और समाजिक कारणों से दिन के बीच में स्कूल छोड़ना पड़े तो पूरे दिन के अनुपस्थित होने की रिपोर्ट भेज दी जाएगी। देर से स्कूल पहुँचने या जल्दी स्कूल से वापस जाने के अनेक कारण हो सकते हैं। यहाँ तक कि विद्युत आपूर्ति के बाधित होने या तकनीकी रूप से भी कभी इंटरनेट जैसी सेवाओं के सुचारू संचालन में समस्या आती है। इसीलिए ‘डिजिटल ��टेंडेंस’ का विकल्प बिना व्यावहारिक समस्याओं के पुख़्ता समाधान के संभव नहीं है। सबसे पहले ये अन्य सभी विभागों के प्रशासनिक मुख्यालयों में लागू किया जाए जिससे उच्चस्थ अधिकारियों को इसके व्यावहारिक पक्ष और परेशानियों का अनुभव हो सके, फिर समस्या-समाधान के बाद ही इसे लागू करने के बारे में कालांतर में सोचा जाए।
सबसे बड़ी बात ये है कि इससे शिक्षकों को भावनात्मक ठेस पहुँचती है, जिससे उनके शिक��षण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बोधपरक शिक्षण के लिए शिक्षकों का भावात्मक रूप से जुड़ना आवश्यक होता है। स्कूल में केवल निश्चित घंटे बिताना ही शिक्षण नहीं हो सकता।
हम इस मुद्दे पर शिक्षकों के साथ हैं!
बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक के साथ दोहरा माप दण्ड अपनाते हुए पंजीकाओं का डिजिटलाइजेशन व डि��िटल उपस्थिति कराया जाना उचित नही है।
वहीं माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार भी किसी भी व्यक्ति का डिजिटल फोटो छायांकन लिया जाना निजता का हनन माना गया है।
#boycottऑनलाइनहाज़िरी
@AdminLKO श्रीमान् जिलाधिकारी महोदय ,
भीषण उमस और गर्मी को देखते हुए आपने
कक्षा 1 से कक्षा 8 तक विद्यालय का समय प्रात:
7:30 से अपराह्न 12:30 कर दिया है।
जिसके लिए छात्र-छात्राओ की ओर से
धन्यवाद और आभार
सादर!
🙏🏻
वीरेन्द्र प्रताप सिंह
जिला अध्यक्ष
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ-लखनऊ
पुरानी पेंशन बहाली हेतु 27 जून को हुंकार महारैली को प्रमुखता से प्रकाशित करने वाले सभी पत्रकार भाइयो का ह्रदय से आभार धन्यवाद
🙏🏻
वीरेन्द्र प्रताप सिंह
जिलाध्यक्ष
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ-लखनऊ
कल विश्व पर्यावरण दिवस है तो आप सबसे सादर निवेदन है कि आप एक पेड़ या प्रकृति सरंक्षण के प्रति आपके योगदान की कोई भी फोटो जो प्रकृति की सुंदरता को बनाये रखने मैं मदद करती हो उस छायाचित्र को #iamwithnature के हेश टैग्ग के साथ शोसल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर जरूर साझा करे।