दो शब्द लिख दो बेटियों के साथ हो रहे बलात्कार के बारे में । कह दो वो मेरी ही बहन थी । ये मत सोचो क्या होगा लिख देने से । लिखने से ही क्रांति आती है । हर कोई लिखो, स्याह पिघला दो । इतना जान लो आज न कल उन दानवों के हाथ हमारी सगी बहनों तक भी पहुँचेगा । तब मत कहना कोई नही साथ देता ।
नशा फूंक कर है बढ़ी, किसकी अबतक शान ?।
चिता सरीखा तन जले, घर हौवै शमशान ||
बालीवुड का हित यही, समझो ध्यान लगाय।
सभी नशे से मुक्त हो, ऐसा होय उपाय।।
वीर शिवा की भूमि पर, बंद करो यह पाप।
मर्यादा का जन्म हो, तभी मिटेगा ताप।।