इस पर क्या कहेंगे आप ?
"वर्गीकरण की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट से होनी चाहिए, कुछ विशेष परिवारों का दबदबा बना हुआ है सुप्रीम कोर्ट पर।"
~ चंद्रशेखर आज़ाद, लोकसभा सांसद | @BhimArmyChief
जाति जाननी है तो NFS किए गए लोगों की जातियाँ भी बतानी पड़ेगी? आज भी IIT में NFS करके केवल OBC SC ST को ही अनवरत रोका जा रहा है। न्यूनतम पात्रता पूरी किए बहुजन बेदख़ल किए जा रहे हैं। MERIT का रोना रोने वाले इस पर ख़ामोश रहते हैं।
#NFSScam
SC/ST आरक्षण के वर्गीकरण पर मेरी इस बातचीत पर Mass Reporting करके रोकने की कोशिश हो रही है। इसलिए यूट्यूब चैनल के लोग अगर चाहें, तो इसके अपने यहाँ चला सकते हैं।
आरक्षण कोई ग़रीबी हटाओ उन्मूलन कार्यक्रम नहीं है। SC, ST और OBC को मिलने वाले आरक्षण में आर्थिक कसौटियाँ शामिल ही नहीं हैं लेकिन फिर भी सुप्रीम कोर्ट के जज आर्थिक पहलू को आरक्षण से जोड़कर संविधान की मूल भावना के ख़िलाफ़ लगातार अपना फैसला सुना रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद कीजिए और सबसे पहले ख़ुद सुप्रीम कोर्ट को बोलिये कि वो कॉलेजियम सिस्टम को ख़त्म करें..! जोहार-जय भीम.!
#कॉलेजियम_प्रणाली_ख़त्म_करो
सुप्रीम कोर्ट ने SC-ST आरक्षण के भीतर कोटा देने का फैसला तो सुना दिया लेकिन किस आधार पर। क्या सुप्री��� कोर्ट या सरकार के पास आँकड़े हैं?
#SaveReservation
करोलबाग,मुखर्जीनगर नेहरू विहार गांधी विहार ,वजीराबाद और तमाम स्टूडेंट्स एर���या के प्रोपर्टी डीलर विधार्थी को एटीएम समझते हैं
वैसे ही प्रयागराज और लखनऊ,कोटा का हाल है।अगर विधार्थी इन सब जगहों पर जाएं ही नहीं तो इनका रोटी चलना भी मुश्किल हो जाएगा ।।बहुत जल्द इनकी करतूतों के बारे में बताऊंगा आपने एक साल में कितने रूपये प्रोपर्टी डीलर और मकान मालिक को दे दिए। बदले में आ�� अपना 20-32 साल बर्बाद कर चुके होते हैं,,,
कई मकान मालिक रेंट तो ले लेते हैं पर मेंटेनेंस नहीं करवाती, ऐस्पिरेंट पानी की मोटर से लेकर बिजली की अगर तार जल जाएं अपने पैसों से सही करवाते हैं,,,,,
और कोचिंग संस्थान कभी मकान मालिक अपील भी नहीं करते हैं कि आप रूम रेंट कम कर दो।।
सुप्रीम कोर्ट का जज बन जाने के बाद भी जो जज साहब दलित ही बने रहे उन्हें लगता है की ग्रुप D की नौकरी करने वाला दलित अब दलित नही रह गया है
#SaveReservation
हम पहले भी इस सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसलों के ख़िलाफ़ ST-SC एक्ट और रोस्टर आंदोलन के वक्त भी लड़े थे; उस वक्त भी इन्हें हराया था..! हम फिर से लड़ेंगे और फिर से इन्हें हरायेंगे.!
एक बार फिर से लड़ाई सड़क से संसद तक होगी..! इस बार ���रक्षण को तो बचाएँगे ही साथ में कॉलेजियम व्यवस्था को जड़ से ख़त्म कर देंगे..!
#SaveReservation
#कॉलेजियम_प्रणाली_ख़त्म_करो
2017 के ��ाद से सुप्रीम कोर्ट के जजों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना बंद कर दिया है।
क्या छिपा रहे हो मी लॉर्ड?
किस बाद की पर्दादारी है?
अपनी संपत्ति बताए बिना आदमी एमपी-एमएलए नहीं बन सकता। अफ़सरों को भी डिस्क्लोजर देना पड़ता है। पर मी लॉर्ड तो मी लॉर्ड हैं।