#WRD_Bihar works for creation & restoration of #irrigation potential; construction & maintenance of embankments and undertakes necessary #flood protection work.
बिहार में शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़, गुणवत्तापूर्ण एवं छात्र-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
घोषणा-1: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए विशेष समिति
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को हर विद्यालय तक पहुँचाने के लिए राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया है, ताकि प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्टता का केंद्र बनाया जा सके और छात्रों के सीखने के स्तर में निरंतर सुधार सुनिश्चित हो।
घोषणा-2: परीक्षा सुधार
बिहार में परीक्षाओं को सुचारु, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं आधुनिक बनाने के लिए राज्य स्तरीय परीक्षा सुधार समिति का गठन किया गया है। समिति बोर्ड एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ कक्षा-आधारित मूल्यांकन में तकनीक एवं AI के उपयोग के माध्यम से छात्रों के ज्ञान, समझ एवं विश्लेषण क्षमता के बेहतर आकलन के लिए सुझाव देगी।
घोषणा-3: विशेष सहयोग शिविर
शिक्षा सुधार के लिए विशेष सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक एवं छात्रों के साथ संवाद कर उनके सुझाव एवं समस्याएँ सुनी जाएंगी।
घोषणा-4: छात्र कल्याण
छात्रों के कल्याण से जुड़े कार्यों के बेहतर समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों में निदेशालय का गठन किया जाएगा।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर परीक्षा व्यवस्था एवं छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण के लिए बिहार सरकार प्रतिबद्ध है।
भारतीय राष्ट्रगान के रचयिता एवं नोबेल पुरस्कार से सम्मानित 'गुरुदेव' रवीन्द्रनाथ टैगोर की पुण्यतिथि पर शत्-शत् नमन ।
#RavindraNath#Tagore#Gurudev#Punyatithi
जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने AIIMS,दरभंगा परिसर में बाढ़ एवं बारिश के दौरान संभावित जल-जमाव के स्थायी समाधान हेतु मास्टर ड्रेनेज प्लान की कार्ययोजना की समीक्षा की तथा इसके प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
#जलसंसाधनविभाग#डॉचंद्रशेखरसिंह
जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में बटेश्वर स्थान गंगा पम्प नहर योजना (फेज-2) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उन्होंने योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी बाधाओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित कर परियोजना को न्यूनतम समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव, श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में SASCI (Special Assistance to States for Capital Investment) अंतर्गत संचालित योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई।
बागमती–बूढ़ी गंडक रिवर लिंक योजना के तहत बेहतर बाढ़ प्रबंधन के माध्यम से स्थानीय निवासियों को हर वर्ष आने वाली बाढ़ की तबाही से राहत मिलेगी तथा सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी।स्थानीय निवासी की जुबानी कि कैसे यह पहल उनके गांव और क्षेत्रों को बाढ़ के प्रकोप से सुरक्षित बनाएगी।
पहले हर साल बाढ़ आने से खेत डूब जाते थे और किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता था। अब बागमती–बूढ़ी गंडक रिवर लिंक योजना से हालात बदल रहे हैं। बाढ़ का असर कम होने से खेत ज़्यादा सुरक्षित हैं, फसल अच्छी हो रही है और किसानों को राहत मिल रही है।
बागमती–बूढ़ी गंडक (बेलवाधार) रिवर लिंक योजना के माध्यम से बाढ़ के अतिरिक्त पानी का बेहतर उपयोग किया जा रहा है। इससे शिवहर, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है, जिससे खेती आसान हो रही है और फसलों की बेहतर उत्पादन सुनिश्चित हो रही है।
#सिंचाई
डॉ. चंद्रशेखर सिंह, सचिव, जल संसाधन विभाग की अध्यक्षता में नहर अनुरक्षण नीति से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरीय अभियंताओं के साथ नहरों के बेहतर अनुरक्षण हेतु नीति के विभिन्न पहलुओं तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया एवं आवश्यक निर्देश दिए गए।
हिन्दी साहित्य में राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत, काव्य शिरोमणि, 'पद्म भूषण' एवं 'राष्ट्रकवि' मैथिलीशरण गुप्त की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
#MaithiliSharan#HindiSahitya#Jyanti
सोन-कोहिरा लिंक सिंचाई योजना से कैमूर जिले के किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी। सोन नदी के अतिरिक्त पानी का उपयोग कर उसे कोहिरा नदी तक पहुँचाया जाएगा, जिससे खेतों को समय पर पानी मिलेगा। इससे लगभग 970 हेक्टेयर कृषि भूमि को लाभ होगा।
#सोनकोहिरालिंकसिंचाईयना
अपर किउल जलाशय योजना का लक्ष्य सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करना और किसानों को खेती के लिए बेहतर जल उपलब्ध कराना है।
बताइए, इस योजना से कितने हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिलेगा?
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सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की प्रक्षेत्रवार समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को आपात स्थिति पर नजर बनाए रखने, तटबंधों पर पर्याप्त भंडारण, ग्राउंड स्तर पर नियमित आकलन करते रहने के निर्देश दिए।
#बाढ़सुरक्षा
विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में गाद प्रबंधन नीति से संबंधित बैठक आयोजित की गई। बैठक में गाद प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में परामर्शी श्री आई.सी. ठाकुर, परामर्शी श्री रवींद्र शंकर सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कोसी-मेची अंतः राज्यीय लिंक परियोजना की समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव डॉ.चंद्रशेखर सिंह ने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्किंग सीजन से पहले परियोजना से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए,ताकि कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप गति पकड़ सके