यूपी में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ते देख लीजिए..खाकी का खौफ तो
मानो बचा ही नहीं..?
ये महायुद्ध पुलिस की मौजूदगी में हो रहा हैं..एक दूसरे पर पत्थरों..डंडो से गिरा गिरा कर पीटा जा रहा है..!
वीडियो प्रयागराज ���ा है..मंदिर विवाद में दो पक्ष आपने सामने है..!
लखनऊ अग्निकांड में 15 युवाओं की मौत के बाद सरकारी व्यवस्था की पोल खोलने वाले प्रत्यक्षदर्शी को अब निशाना बनाया जा रहा है। उसे गालियाँ दी जा रही हैं, जान से मारने की धमक��याँ दी जा रही हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार की ज़िम्मेदारी सिर्फ़ हादसों के बाद बयान देने तक सीमित है, या सच बोलने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी उसकी जिम्मेदारी है?
अब 1947 वाले दलित और आदिवासी नहीं हैं साहब।
डॉ भीमराव अंबेडकर ने शिक्षा का अधिकार दिया है।
अब सब पढ़े लिखे हो गए हैं, rss की दाल ज्यादा दिनों तक नहीं गलने वाली।
बस एक बार evm बंद हो जाए, बीजेपी के लोग नजर नहीं आयेंगे
🔥 BHU में जातिवाद का खुलासा!
प्रोफेसर शोभना नार्लीकर (BHU) ने खुलकर बता दिया -
BHU में जाति पूछकर नंबर दिए जाते हैं... जाति देखकर PhD में एडमिशन दिए जाते हैं... नौकरी भी जाति के आधार पर दी जाती है!
ये कोई आम आरोप नहीं, BHU जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर का बयान है।
शोभना जी के अनुसार -
ये है असली ��ेहरा "हिंदू विश्वविद्यालय" का!
जहाँ मेरिट नहीं, मनुवादी जातिवाद चलता है।
ब्राह्मण संस्कृति में पिछड़े, दलित, ओबीसी को कुचलने की साजिश रची जाती है। PhD, जॉब, नंबर - सब जाति के चश्मे से देखा जाता है।
कितने और सबूत चाहिए बहुजन समाज को?
जब संस्थान खुद जहर उगल रहे हैं तो संविधान बचाओ, मनुवाद हटाओ का नारा और तेज करना होगा।
धन्यवाद प्रोफेसर शोभना नार्लीकर जी सच्चाई बोलने के लिए।
#BanarasHinduUniversity #BHU #ShobhnaNarlikar #Jatiwad #Manuvad #Bahujan #Ambedkarite #CasteCensus #BrahminismExposed
बाड़मेर, राजस्थान में गरीब आदिवासी परिवारों की झोपड़ियाँ बुलडोज़रों से तोड़ी जा रही हैं। महिलाएँ, बच्चे खुले आसमान के नीचे आने को मजबूर हैं। यदि प्रशासन इन बस्तियों को अतिक्रमण मानता है, तो सबसे ब��़ा सवाल यह है कि इन परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था कहाँ है?
जातीय दंश!
MP के मंदसौर में बजरंग धाकड़ और दिलीप धाकड़ नामक गुंडों ने एक दलित को जातिसूचक गालियां देते हुए उस पर निर्ममता से हमला किया। दलित ने उनके डंपर से अपने घर का काम नहीं करवाया, अतः गुंडों का गुरुर आहत हो गया।
इन ससुरों का जातीय दंभ छुईमुई है। रोज आहत हो जाता है।
तेलंगाना में तहसीलदार का वेतन तकरीबन 80,000 और 1,00,000 रुपए के बीच है.
तेलंगाना के तहसीलदार टी.सुचरिता के घर से ACB की रेड में 5,00,00,000 रुपए कैश मिला है.
ACB को इस महिला तहसीलदार के गांव में 3 एकड़ जमीन और हैदराबाद में तीन आलीशान प्लॉट के कागजात मिले है.
नेताओं के अलावा मुझे प्रशासनिक अधिकारियों से भी सख्त नफ़रत है. बिना पैसा लिए कोई काम नही करते. लेखपाल और तहसीलदार सबसे मलाईदार पद माना जाता है. भ्रष्टाचार करने के लिए लाखों बच्चे इस नौकरी की तैयारी कर रहे हैं.
जब तक भ्रस्टाचारियों को फांसी पर चढ़ाया नही जाता तब तक सरकारी नौकरी के लिए कोचिंग मार्केट गर्म रहेगा. जिस दिन भ्रस्टाचारियों को सूली पर लटकाने का सिलसिला शुरू हुआ, उस दिन कोई आईपीएस आईएएस लेखपाल या तहसीलदार नही बनना चाहेगा.
आगरा: BJP पार्षद किशन नायक नाले में खड़े होकर अपना जन्मदिन मना रहे हैं क्योंकि सफाई के लिए 12 बार शिकायत कर चुके मगर कोई एक्शन नहीं हो रहा है।
योगी मोदी के शासन में सरकारी कामकाज कैसा है, खुद उन्हीं के पार्षद एक्सपोज कर रहे हैं।
कोल्हापुर रियासत के 71 उच्च शासकीय पदों में 60 पर ब्राह्मण आओके करीब 500 क्लर्कों में 490 ब्राह्मण थे.
सरकारी व्यवस्था में एक वर्ग का इतना बड़ा वर्चस्व था कि बाकी समाज की भागीदारी लगभग न के बराबर थी.
यही हाल भारत के हर रियासत में था. एक वर्ण के ओवर रिप्रजेंटेशन पर उस दौर में बड़े बड़े समाज सुधारकों का मुंह नही खुला. छत्रपति शाहूजी महाराज ने व्यवस्था बदलने का संकल्प लिया.
1902 में उन्होंने पिछड़े वर्ग के लिए 50% आरक्षण लागू किया. इसका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन बनाए रखना था. आरक्षण व्यवस्था ने कोल्हापुर रियासत में एक वर्ण के वर्चस्व को खत्म कर दिया.
आरक्षण के जनक और महान समाज सुधारक छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती पर उन���हें शत-शत नमन 🙏🏼
केंद्र में भाजपा है ,राज्य में ��ाजपा है ,मेयर भाजपा से है, काउंसिलर तक भाजपा से, उसके बावज़ूद ये हाल है।
भाजपा से काउंसलर किशन नायक अपना जन्मदिन नाले में मना रहे क्योंकि नाले और सफाई की समस्या पर कोई सुनवाई नहीं हो रही।
भाजपा का पर्दाफाश भाजपाई कर रहे!
एक तरफ़ आदिवासी सम्मान के बड़े-बड़े दावे, दूसरी तरफ़ आदिवासियों के उजड़ते घर।
बाड़मेर में भील आदिवासी परिवारों के आशियाने तोड़ दिए गए। महिलाएँ और मासूम बच्चे खुले आसमान के नीचे हैं।
सत्ता से सवाल है - बुलडोज़र चलाने की इतनी जल्दी थी, ��ेकिन पुनर्वास की कोई जल्दी क्यों नहीं थी?
आदिवासी समाज को सिर्फ़ चुनावी मंचों पर याद करना और ज़मीन पर उसे बेघर छोड़ देना, यही क्या "सम्मान" की राजनीति है?
अगर विकास किसी गरीब की छत छीनकर आगे बढ़ता है, तो उस विकास की संवेदनशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
आदिवासी समाज को भाषण नहीं, न्याय चाहिए।
मुर्दा समाज। 💔
मुंबई की एक ट्रैन में बारिश में दरवाजे खुले रखने को लेकर हुए विवाद में रोशन सुवर्णा नामक हैवान ने चाकूओं से वार करके मयंक लोहार की हत्या कर दी। भीड़ देखती रह गई���
अभी यहीं अगर कोई कपल आपस में प्रेम से खड़े भी होते तो इनकी संस्कृति आहत हो जाती और उस पर टूट पड़ते।
कोई मर गया, परिवार शोक में है; किसी तरह रस्म निभा रहा है।
इन गिद्धों को मालपुआ नहीं मिला इसलिए उससे जुड़े परिवारों का हुक्का पानी बंद कर दिए हैं।
अब समझ में आया मृत्यु भोज को हम गिद्ध भोज क्यों कहते हैं?
पत्रकार -: हम दलाल हैं...हम दलाल है...?
सप्लाई इंस्पेक्टर -: हां तुम दलाल हो...दलाल हो...दलाल हो..! 🫣
पत्रकार -: ठीक... हम दलाल हैं...मीडिया दलाल है..भारत के चौथे स्तंभ के लोग दलाल है..!
आपसे हमने कितनी बार दलाली खाया है बस ये बता दीजिए...?
SDM साहब आपके सामने ये महिला होने का फायदा उठा रही हैं..देख लीजिए..!
ये वीडियो यूपी के चंदौली जनपद से वायरल है...!
SDM की मौजूदगी में दलाली पर वार्ता चल रही है..पत्रकार और सप्लाई इंस्पेक्टर मैडम आमने सामने हैं..SDM साहब मुंह पर हाथ धरे मुस्कुराये जा रहे हैं..!
साहब क्यों मुस्कुरा रहें हैं यह तो आप जानते
ही होंगे.....? 🤣
श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी करने वालों पर FIR की गई है.
FIR में इन आठ आरोपियों का नाम है.
• लवकुश मिश्रा
• अनुकल्प मिश्रा
• अविनाश शुक्ला
• करुणेश पांडेय
• सुभाष चंद्र श्रीवास्तव
• रामशंकर (टिन्नू)
• मनीष
देश की जनता को लग रहा था FIR में चंपत राय का नाम जरूर आएगा. लेकिन राममंदिर ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों का नाम FIR में नही है. यहां तक अनिल मिश्रा और गोपाल राय का भी नाम नही है.
आरोप लगाया जा रहा है. बड़ी मछलियों को बचाकर छोटी मछलियों को फंसा दिया गया.