चिंदी और पिद्दी मीडिया की किस्मत ही खराब है...
अब तो न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी छाप दिया कि PM मोदी ने ट्रंप को फोन पर खुलकर कह दिया था कि भारत-पाक सीज़फायर में ट्रंप या उनके देश का कोई रोल नहीं था..
बेचारे चिंदी.. भारतीय मीडिया की खबरों को तो गोदी-वोदी कहकर बच लेते हैं पर अब तो उनके चचा ने भी छाप दिया.. गजबे है
नमस्कार मैं खुरपेंच!
इस घोटाले की सूची बहुत लंबी है दिल्ली यूनिवर्सिटी से लेके SSC , railway तक फ़र्ज़ी दस्तावेज का गेम ज़ोरो से चल रहा है इधर पड़ताल भी जारी है।
फ़र्ज़ी लोग तो उजागर हो रहे हैं लेकिन समाज के तौर पर हमारी ये हार हो रही है।
अख़बार तो नहीं लेकिन कुछ दिनों बाद खुरपेंची मैगजीन आप तक ज़रूर पहुचेगी।
(खैर मैं चला अपनी मुजफ्फरपुर की लीची खाने)
Kya bat, abhi logo ko to pata hi nahi hai unke gher me jo undergarments use hote hai wo kis name wale banate hai, jis din pata chala us din to din, iman, dharam aur to aur, kya kya lut jayega....
ये जो सलीम भोजनालय आपको दिख रहा है ये पहले "संगम भोजनालय" हुआ करता था।
25 सालों से मोहम्मद सलीम हिन्दू नाम रखकर खाना बेच रहा था।
25 साल हिन्दू समाज सलीम को संगम समझकर उसके ढाबे पर खाना खा रहे थे।
कल मोहम्मद सलीम ने अपने दुकान का बोर्ड बदल लिया, बोर्ड बदलते ही सच्चाई सामने आ गयी।
कांवड़ यात्रा मार्ग में ऐसे सैकड़ों दुकानें थी जो नाम बदलकर लोगों को बेवकूफ बनाते थे।
@RubikaLiyaquat Ha sahi bat, pariwar me riste hote hai, aur riste ka name bhi hota hai, ab ye ristedar ye bhi bataye ki modi ji ke riste me kya lagte hai, yahi to hamara samaj hai...
हिंदू मुस्लिम और मीडिया में विश्वगुरू बनकर आप मूर्ख बनाकर जनता को आप चुनाव जीत सकते है पर जो सच्चाई है वो नहीं बदलने वाली
हम आपने रीज़न में ही अकेले पड़ रहे है बाक़ी देश को इस से फ़र्क़ नहीं पड़ रहा आज पर भविष्य में फ़र्क़ पड़ेगा
जिनकी नज़र सियासत ही राम है
कुर्सी ही अयोध्या है संसद मक़ाम है।
मुँह में रखे वो राम बग़ल में रखे छुरी!
कल रात मेरे सपने में आये थे राम जी
मुझको थमा गये थे सवालात की पर्ची।
एक सामयिक कविता सुनिये।
इस कवियत्री की ज़िंदाबाद है