राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन RPSC में चयन हेतु RPSC बेरोजगारों से 40% अंक मांगती है उसी तरह अब राजस्थान की पब्लिक से नेता का कमीशन भी 40% फिक्स है।
क्या 40% प्रतिशत का कमीशन का नियम हटना चाहिए या नहीं ??
असिस्टेंट प्रोफेसर, स्कूल व्याख्याता, APO के बाद अब वरिष्ठ अध्यापक में 40%
देखो,देखो RPSC ने तो UPSC ही फेल कर दिया । कुल पद 181, पास हुए 04 APO(सहायक अभियोजन अधिकारी) रिजल्ट....
क्या कहेंगे आप ???
पढ़ाई कमजोर या पेपर टफ़ ????
जय हो RPSC की...#RPSC#RSSB#RSSB_चतुर्थ_श्रेणी_पद_70K_करो
RPSC ने APO में 181 पदों पर सिर्फ 04 चयनित किए। इससे पहले पॉलिटिकल साइंस के 225 में से केवल 06 ही पास हुए थे। हर भर्ती में पद खाली—युवाओं के साथ अन्याय! भारी फीस, शून्य चयन—यह लापरवाही नहीं, सुनियोजित उपेक्षा है। सरकार तुरंत कार्रवाई करे, वरना युवा ही बदलाव तय करेगा।
@RajCMO
एक Result RAS Mains का और एक APO NA दोनों एक ही वर्ष की भर्ती है नियम अलग वाह RPSC माननीय मुख्यमंत्री से निवेदन है APO और भी भर्ती मे मिनिमम मार्क हटवाइये या सारी भर्तियां ऐसी ही करवाये टीएसपी के पद तो कभी भर ही नहीं @BhajanlalBjp@roat_mla@hanumanbeniwal@JogarampatelMLA
••••••• राजस्थान भूगोल पुस्तक •••••••
RPSC के पेपर लगातार गहरे,बहु-स्रोत और विश्लेषणात्मक आधारित होते जा रहे हैं।अब प्रश्न सिर्फ़ NCERT तक सीमित नहीं बल्कि गहन शोध, पुराने ग्रंथों, अकादमिक स्रोतों और राजस्थान की प्रामाणिक किताबों से उठाए जा रहे हैं।
ऐसे में सिर्फ़ कोई भी पुस्तक पढ़ने से काम नहीं चलेगा,बल्कि सह��� स्रोत + गहराई + प्रामाणिकता— वाली पुस्तक का चयन बहुत महत्त्वपूर्ण है.
📘 सर्वश्रेष्ठ पुस्तकें — अनुभव और परिणाम आधारित सुझाव
1️⃣ Hindi Granth Academy–H M SAXENA
✔ राजस्थान भूगोल की सबसे प्रामाणिक और स्टैंडर्ड किताब
✔ सरल भाषा, लगातार फ्लो और साफ़ व्याख्या
✔ RPSC Mains, RAS, 1st grade,2nd grade, Asst professor,SI, Patwar, सबमें बार-बार प्रश्न सीधे यहीं से मिलते हैं
✔ लेकिन नवीनतम आंकड़े हर बार अपडेट नहीं होना ही केवल एक कमी है.
2️⃣ Dhindhwal Publication Guide – (Hoshiyar Sir)
✔ कई प्रामाणिक स्रोतों और पुस्तकों का मिश्रित संकलन, NCERT का शानदार मिश्रण, प्रत्येक वर्ष नवीनतम आंकड़���ं के साथ updated
✔ परीक्षा-उन्मुख, पॉइंट-टू-पॉइंट कंटेंट, book बनाने में content ko विस्तार रखते हुए सम्पूर्ण व्याख्या
✔ जल्दी रिवीजन के लिए सर्वश्रेष्ठ
✔ जहाँ विवाद होते हैं, वहाँ स्रोत / पेज-नंबर स्पष्ट रूप से दिया गया—यह इसे सबसे अलग बनाता है
✔ लेआउट, क्वालिटी और कवरेज बेहद मजबूत , Colourful इमेज के साथ हर टॉपिक की व्याख्या
✔ RPSC की तैयारी में सबसे ज़्यादा उपयोग होने वाली गाइड
👉 मैं खुद व्यक्तिगत रूप से इसी को पढ़ता हूँ।
3️⃣ ब्रह्मास्त्र( Rohit sir) और दिव्यास्त्र (Subhash charan & narayan Gurjar) Publication –
✔ लेआउट, पेज क्वालिटी और Colourful मैप सुंदर व आकर्षक
✔ Content को सीमित रखने के कारण RSSB की परीक्षाओं के लिये पर्याप्त लेकिन RPSC के लिये पर्याप्त नहीं है.
🎯 अगर आप Fresher हैं ��ा नई Book खरीदने की सोच रहे है तो
ब्रह्मास्त्र और दिव्यास्त्र जैसी पुस्तकों से थोड़ा दूरी ही रखें।
परीक्षा देने के बाद “पढ़ा तो बहुत था पर काम कुछ नहीं आया” वाला एहसास हो सकता है।
👉 यह सुझाव मैंने
✔ सभी प्रमुख पुस्तकों की तुलना
✔ वास्तविक परीक्षा-अनुभव
इन सबके आधार पर दिए हैं।यदि आपको कोई अन्य पुस्तक अच्छा परिणाम दे रही है,
तो उसी के साथ आगे बढ़िए—क्योंकि रास्ता कोई भी हो, लक्ष्य अंतिम चयन ही है.
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RPSC क्या करना चाहती है ?
Home Science/गृह विज्ञान रिजल्ट में केवल 2 अभ्यर्थी उत्तीर्ण.... इसी तरह चलता रहेगा तो RPSC की
Raj SI भर्ती 2025 का पेपर जाने कितना टफ़ आने वाला है???????
••••••••• RPSC होश मे आओ •••••••••
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) इन दिनों चयन करने के लिए नहीं,बल्कि यह साबित करने के लिए चर्चित है कि कम से कम कितने योग्य अभ्यर्थियों में भी काम चल सकता है।अभी हाल ही मे राजनीति विज्ञान ( asst professor)का पेपर हो, या इससे पूर्व राजनीति विज्ञान ( स्कूल व्याख्याता) ,
Assistant Prosecution officer,
Home Science(व्याख्याता),Drawing या Music (स्कूल व्याख्याता) जैसे विषयों के आये हुए परिणाम हों—
हर परिणाम यही चीख-चीख कर बत�� रहा है कि समस्या विषय की नहीं,परीक्षा की मानसिकता की है।
RPSC के समर्थक अक्सर कहते हैं—
“अभ्यर्थी ऑथेंटिक किताबें नहीं पढ़ते।”
यह सुनकर लगता है कि शायद राजस्थान में कोई गुप्त पुस्तकालय है जिसमें रखी 20 किताबों से हर पेपर के 300-300 प्रश्न निकलते हैं।
अगर ऐसा है,तो आयोग उन पुस्तकों की सूची सार्वजनिक क्यों नहीं कर देता?
क्यों हर परीक्षा के बाद हज़ारों मेहनती छात्र
अपनी मेहनत पर शक करने को मजबूर ह���ते हैं?
आज स्थिति यह है कि 150 प्रश्नों ��ाले एक पेपर में 70–80 प्रश्न ऐसे होते हैं जिन पर न तो पाठ्यक्रम का सहारा मिलता है,न मानक पुस्तकों का,न ही किसी तार्किक संकेत (clue) का।
जब प्रश्न ही “ज्ञान परखने” की बजाय “गलती पकड़ने” की भावना से बनाए जाएँ,
तो फिर Minimum Qualifying Marks
सिर्फ एक औपचारिक शब्द बनकर रह जाता है।
छँटनी ज़रूरी है—
इससे किसी को ऐतराज़ नहीं।
लेकिन जब छँटनी इतनी हो जाए कि
Polity में 225 पदों पर 6,
APO में 181 पदों पर 4,
और दर्जनों पदों पर उँगलियों पर गिने जाने लायक ही अभ्यर्थी बचें, तो सवाल उठना स्वाभाविक है।
पेपर-सेटर से अपेक्षा होती है कि वह प्रश्न में ऐसा संकेत दे जिससे विद्वान और औसत विद्यार्थी के बीच अंतर स्पष्ट हो सके। लेकिन यहाँ तो 140 प्रश्न इस सोच से बनाए जाते हैं कि
“अभ्यर्थी यहाँ कैसे फँसेगा?”
स्थिति इतनी गंभीर है कि ��गर यही प्रश्नपत्र
ChatGPT जैसे आधुनिक AI टूल को दे दिया जाए और नेगेटिव मार्किंग लागू कर दी जाए,
तो वह भी फेल घोषित कर दिया जाएगा।
यह विडंबना नहीं तो और क्या है कि जिस आयोग का उद्देश्य योग्यतम का चयन करना है,
वही आयोग आज योग्यता को संदेह के कठघरे में खड़ा कर रहा है।
अब प्रश्न यह नहीं है कि अभ्यर्थी कितना पढ़ रहा है,प्रश्न यह है कि क्या RPSC वास्तव में चयन के मूड में है भी या नहीं?
अगर यही रवैया जारी रहा,तो भविष्य में RPSC के परिणाम मेरिट सूची नहीं,बल्कि “योग्यता की शोक-सूचना” बनकर रह जाएँगे।
#RPSC
#RPSCEXAM2025
#Rssb
#savepolity
@RPSC1 @kaankit @BhajanlalBjp @Dheersdhabhai @Kapil_Jyani_ @cop_manjumeena @Radhemahwa
असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 2025
आज आयोजित हुई परीक्षाओं में इस प्रकार रही उपस्थिति
किसी भी परीक्षा में 35 फीसदी से ऊपर नहीं रही उपस्थिति
#EducationNagari
RPSC से राजनीति विज्ञान बचाओ
सच में बड़ी विडंबना है कि RPSC राजनीति विज्ञान के ���भ्यर्थियों से आखिर उम्मीद क्या कर रही है— ज्ञान,बुद्धि या फिर 24x7 RAM पर चलने वाले किसी सुपरकंप्यूटर की मेमोरी?
09 दिसंबर को आयोजित Asst. Professor (Political Science) परीक्षा में
पेपर–I को व्याख्याता स्तर से थोड़ा आसान किया, शायद दिखाने के लिए कि “देखो, हम सुधर रहे हैं।”
लेकिन पेपर–II में RPSC ने फिर से वही असली चेहरा दिखा दिया—
कॉन्सेप्ट + फैक्ट + concept के साथ-साथ depth वाली current।
ऐसा लगा मानो पेपर बनाने वाले कह रहे हों—
“राजनी���ि विज्ञान नहीं, ब्रह्मांड विज्ञान पढ़कर आओ।”
36% क्वालिफाई नियम — एक ऐसा जाल जिसमें ��िद्वान भी फँस जाएँ
अभ्यर्थी चाहे कितना ही पढ़ा-लिखा, गंभीर और परिश्रमी क्यों न हो,
पेपर–II की गहराई + 36% की अनिवार्यता मिलकर ऐसा जाल बनाती है कि
छात्र ज्ञान में नहीं, नियमों में फेल हो जाते हैं।
RPSC शायद यह मानकर चल रही है कि—
“जो पेपर–II पार कर ले, वही असली राजनीतिज्ञ है।”
कोचिंग वाले अनुभवी शिक्षकों की भी हालत यह है कि 10 घंटे में भी सभी प्रश्नों के जवाब नहीं खोज पाए।
RPSC आपसे बस एक ही सवाल है कि
जब पढ़ाने वाले ही जवाब नहीं ढूँढ पा रहे,
तो पढ़ने वालों को किस खगोलीय योग्यता के भरोसे पास करवाना चाहते हो?
इस परीक्षा की serious होकर तैयारी कर रहे हुए गंभीर साथियो को देखकर आज यही महसूस होता है कि जैसे उन्होंने गलत विषय नहीं,बल्कि RPSC का मूड गलत चुन लिया हो।
अभ्यर्थी का दिमाग 512 GB का SSD नहीं है कि आप अनलिमिटेड डेटा भरते जाओ।
RPSC को यह समझना चाहिए कि
“विद्यार्थी इंसान है, क्लाउड सर्वर नहीं।”
अब हालत यह है कि खुद राजनीति विज्ञान पढ़ाने वाले टीचर भी कह रहे हैं—
“अगर हम भी यह पेपर देते, तो हम भी पास नहीं होते।”
और सर, ये बात मज़ाक नहीं—
आपके पेपर की असली हकीकत है।
#Savepolity
#RPSC
@RPSC1
@madandilawar
@kaankit
@Dheersdhabhai
RPSC के खतरनाक Results का सिलसिला जारी, सीटे खाली जा रही है
RPSC 1st Grade Home Science Result जारी
कुल पद - 16
कुल उत्तीर्ण अभ्यर्थी - 02
SI , RAS Pre , 2nd Grade , 1st Grade अभ्यर्थी 2026 में सावधान रहना 🙏
इस हिसाब से RPSC की फुल फॉर्म होनी चाहिए 😀
R – RAAH (राह )✅
P – Pattharon Se 🪨 ✅
S – Saji Hai(सजी है )
C – Candidates Ke Liye(कंडीडेट के लिए )✅
😀
देखो,दे��ो RPSC ने तो UPSC ही फेल कर दिया । कुल पद 181, पास हुए 04 APO(सहायक अभियोजन अधिकारी) रिजल्ट....
क्या कहेंगे आप ???
पढ़ाई कमजोर या पेपर टफ़ ????
जय हो RPSC की...
RPSC ने कल Home Science (स्कूल व्याख्याता) का परिणाम जारी किया—
जिसमें 16 पदों पर हुई भर्ती में केवल 02 अभ्यर्थी ही पास हो सके.
हाँ, पढ़कर चौंके नहीं—सिर्फ दो!
और ये कोई पहली बार ऐसा नहीं हुआ है—
इससे पूर्व राजनीति विज्ञान( स्कूल व्याख्याता) में 225 पदो पर केवल 06 अभ्यर्थी ही पास हो सके थे.
तथा अभी 02 दिन पूर्व जारी स��ायक अभियोजन अधिकारी परिणाम में भी 181 पदो पर केवल 04 अभ्यर्थी ही पास हो पाये थे ।
अब कोई RPSC से यह पूछे—
आख़िर ये भर्ती है या ब्रह्मांड के सबसे बुद्धिमान 16 लोगों की खोज?
कभी-कभी तो लगता है RPSC पेपर नहीं बनाती,किसी गुप्त लैब में बैठकर NASA + ISRO + DRDO के वैज्ञानिक मिलकर
क्वांटम लेवल का प्रश्नपत्र तैयार करते होंगे।
और फिर गर्व से घोषणा करते हैं—
“देखो, इस बार भी राजस्थान के लाखों विद्यार्थियों को हमने सफलतापूर्वक ‘अयोग्य’ घोषित कर दिया!”
सच कहें तो –
कमी विद्यार्थियों की पढ़ाई में नहीं है
कमी RPSC की उस सोच में है
जहाँ उन्हें ऐसे अभ्यर्थी चाहिए
जो इंसान कम, “चलता-फिरता सुपरकंप्यूटर” ज़्यादा हों।
लगता है RPSC की अगली योजना यह होगी कि इन चुने हुए 4–6 अभ्यर्थियों से कोई नया रॉकेट इंजन या फिर जीवन के अस्तित्व पर कोई नई थ्योरी लिखवा देंगे।
क्योंकि हम जैसे सामान्य विद्यार्थी तो पेपर खोलते ह�� समझ जाते हैं—
ये व्याख्याता की भर्ती नहीं, मानसिक सहनशक्ति की परीक्षा है।
अब सवाल RPSC से—
विद्यार्थी और कितना पढ़े?
कौन-सी ब्रह्मांड की किताबें उठाए?
दिमाग का RAM कितने GB बढ़ाए?
और यदि साधारण मनुष्य आपकी परीक्षा में फिट नहीं बैठता,
तो कृपा करके पहले ही बता दें—
अगली भर्ती में इंसान चाहिए
या सीधे AI-रोबोट भेजें?
क्योंकि हम जैसे सामान्य लोग तो केवल एक सीमा तक ही पढ़ाई कर सकते है. और यह आपके द्वारा पास होने कें लिये लगाये गये 40 % नियम को इस प्रकार के पेपरो में प्राप्त नहीं कर सकते ।
#RPSC
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@RPSC1