अरविंद केजरीवाल और अखिलेश, दोनों का पहला टारगेट कांग्रेस है, एक बार कांग्रेस से निबट लिया तो उसके बाद भाजपा से लङा जायेगा। केजरीवाल की पूरी राजनीति ही राष्ट्र के अस्थिरता पर टिकी है।
अखिलेश और राहुल विदेशी इशारे पर देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं।
मोदी जी से लड़कर हारने के बाद केजरीवाल गैंग की नयी रणनीति है कि दीवार न गिरे तो ईंट दर ईंट तोङना शुरु करो। इसी रणनीति के अंतर्गत मंत्री का इस्तीफा मांगा जा रहा है।
जनता को पता है इसलिए आन्दोलन दर आन्दोलन के बावजूद चुनाव में विपक्ष को सफलता नहीं मिल पा रही है।