फ़िल्म मनोरंजन का साधन है लेकिन भाजपा सरकार ने इसे ���ियासी विचारधारा का हथकंडा बना लिया है। सिनेमा के विषय को ही नहीं, सिनेमा जगत को भी भाजपा की ‘डर और अविश्वास’ फैलानेवाली नफ़रत की तलवार से दो फाड़ किया जा रहा है।
सार्थक सिनेमा उम्मीद और बदलाव लाता रहा है पर भाजपा ये नहीं चाहती।
@myogiadityanath माननीय मुख्यमंत्री जी , upsssc से जनवरी 2019 में वि��्ञापित 01/2019 lower pcs जिसमे कुल 672 पदों के सापेक्ष 1861 अभ्यर्थियों का dv सम्पन्न हो चुका है , का फाइनल परिणाम जल्द जारी कराने की कृपा करें, 42 महीने बीत चुके है अब और इंतजार मत कराइए मुख्यमंत्री जी !
बेशक द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति बनना इस देश की अंतिम पायदान पर बैठी 6 करोड़ आदिवासी महिलाओं का सम्मान होगा। लेकिन इसका वास्तविक असर क्या होगा?
असली सवाल यह है कि किस मार्ग से दलित या आदिवासी कुर्सी तक पहुंचेंगे? क्रांति मार्ग? तेजस्वी मार्ग? या फिर अनुसरण मार्ग?
मेरा लेख:
रुपया पहुंचा 80 पार
गैस वाला मांगे ₹ हज़ार
जून में 1.3 करोड़ बेरोज़गार
अनाज पर भी GST का भार
जनता के मुद्दे उठाने से हमें कोई रोक नहीं सकता, ��रकार को जवाब देना ही पड़ेगा।
संसद में चर्चा और सवालों से भागना सबसे 'असंसदीय' है, प्रधानमंत्री जी।
आज से दूध, दही, मक्खन, चावल, दाल, ब्रेड जैसे पैक्ड उत्पादों पर GST लागू है।
रिकार्डतोड़ बेरोजगारी के बीच लिया गया यह फैसला मध्यमवर्गीय परिवारों और विशेषकर किराए के मकानों में रहने वाले संघर्षरत युवाओं की जेबें और हल्की कर देगा।
जब ‘राहत’ देने का वक्त था, तब हम ‘आहत’ कर रहे हैं।
सवाल मत पूछो
आवाज़ मत उठाओ
शांतिपूर्ण प्रदर्शन मत करो
नए भारत में हक मांगने पर होगी गिरफ़्तारी
युवाओं को बेरोज़गार बना कर, करोड़ों परिवारों की आस तोड़ कर, देश का भविष्य उजाड़ रही है ये तानाशाह सरकार।
नागपुर से दिल्ली, हा���ों में तिरंगा। यह देश के युवा हैं, अधिकार माँग रहे हैं।
2018 से संघर्षरत इन युवाओं में से कितनों ने आत्महत्या कर ली, अब इन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है!
हमारे लोकतांत्रिक मूल्य कहाँ हैं?
हम अपने ही युवाओं के साथ इतना निष्ठुर व्यवहार कैसे कर सकते हैं?
“देश निराशा की गर्त में डूबा है”
ये आपके ही शब्द हैं ना, प्रधानमंत्री जी?
उस वक़्त आप जितना शोर मचाते थे, आज रूपए की कीमत तेज़ी से गिरती देखकर उतने ही 'मौन' हैं।
#अबकी_बार_80_पार
ये डीएम अभद्र हैं , दंभी भी --- लोकसेवक का ये व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता --- जिस देश ने गुरु और गोविंद दोनों को एक माना हो ,वहां गुरु के साथ यह आचरण निंदा का पात्र है ---