@punamapril17@BeingArun28 Calling everything "hogwash" doesn't answer the questions.
Why isn't there wider VVPAT-EVM matching?
Why isn't polling footage made public? Why are there complaints of names being wrongly deleted during SIR? Transparency builds trust.
2014–2026 के बीच भारत में हुए प्रमुख आतंकी हमले:
• 2014 – चर्च स्ट्रीट ब्लास्ट (बेंगलुरु)
• 2015 – गुरदासपुर हमला (पंजाब)
• 2016 – पठानकोट एयरबेस हमला (पंजाब)
• 2016 – उरी सेना कैंप हमला (जम्मू-कश्मीर)
• 2017 – अमरनाथ यात्रा हमला (जम्मू-कश्मीर)
• 2018 – सुंजवान आर्मी कैंप हमला (जम्मू)
• 2019 – पुलवामा आत्मघाती हमला (जम्मू-कश्मीर)
• 2021 – जम्मू एयरफोर्स स्टेशन ड्रोन हमला
• 2023 – राजौरी हमला (जम्मू-कश्मीर)
• 2024 – रियासी तीर्थयात्री बस हमला (जम्मू-कश्मीर)
• 2024 – बेंगलुरु रामेश्वरम कैफे विस्फोट
• 2025 – पहलगाम पर्यटक हमला (जम्मू-कश्मीर)
अगर कोई भूल गई तो बता देना
पहले मोदी जी के सारे गालीबाज़ों को एक साथ संकलित करके वीडियो बनने लगे.
अब मोदी जी के साथ सारे बलात्कार के आरोपियों को एक साथ दिखाकर भी वीडियो बनने लगे
हैं. मोदी जी, अब आपके बुरे दिन आ गए हैं. आपकी सारी साख खत्म हो चुकी है.
2014-2025 — राहुल गांधी 'पप्पू' हैं, वे अप्रासंगिक हैं, वे किसी काम के नहीं हैं।
2026 — राहुल गांधी ने BJP को इतनी बुरी तरह से ध्वस्त कर दिया है कि मैदान में अनुमति न मिलने के कारण उनकी रैलियां रद्द हो रही हैं। 🤣
BJP को अंदाज़ा हो गया है कि 2029 के लोकसभा चुनाव में उनके साथ क्या होने वाला है।
@epanchjanya वो यार पहले भी पुलवामा के समय एक पुलिस वाला सरदार ऐसा ही वर्दी पहने हुए था शायद DSP या DGP था दविंदर सिंह जो बाद मे आतंकियों के साथ पकड़ा गया था, वैसे वो है कहाँ???
कोई न्यूज नहीं उसके बाद उसकी?
अब ये बता रहे हैं तो पकड़ो ना गुनहगारो को और सजा दिलवाओ जो ऐसा कर रहे थे 😡😡
छात्रों के ख़िलाफ़ पैलेट गन के इस्तेमाल की इजाज़त किसने दी?
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई:
इस सुनवाई में एक ऐसी बात सामने आई जो हर भारतीय के लिए चिंता की बात होनी चाहिए।
वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्होंने 1967 से लेकर आज तक गहरी रिसर्च की है, लेकिन उन्हें दिल्ली पुलिस का ऐसा कोई भी स्टैंडिंग ऑर्डर या नियम नहीं मिला जिसमें पैलेट गन के इस्तेमाल या पैलेट गन हथियार का ज़िक्र हो। एक भी नहीं।
उन्होंने कहा कि पैलेट गन का इस्तेमाल सबसे पहले कश्मीर में हुआ था। बाद में 2016 में, केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता वाली एक टास्क फ़ोर्स की 2011 की SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) और 2016 की एक हाई-पावर्ड कमेटी की रिपोर्ट आई। लेकिन दिल्ली पुलिस का वह स्टैंडिंग ऑर्डर कहाँ है जो प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ इनके इस्तेमाल की इजाज़त देता हो?
अगर ऐसा कोई ऑर्डर है, तो उसे कोर्ट के सामने पेश किया जाए। अगर नहीं है, तो किस कानूनी आधार पर छात्रों पर पैलेट गन चलाई गईं?
यही वह सवाल है जो हर नागरिक को पूछना चाहिए।
कुछ पल के लिए राजनीति को भूल जाइए। ज़रा सोचिए कि उस प्रदर्शन में आपका अपना बेटा या बेटी खड़ी है। जो हथियार आँखों की रोशनी या शरीर के किसी अंग को हमेशा के लिए नुकसान पहुँचा सकता है, वह अपनी बात कहने की माँग कर रहे छात्रों के ख़िलाफ़ कभी भी पहला जवाब नहीं होना चाहिए।
कोई यह नहीं कह रहा कि पुलिस बेबस खड़ी रहे। पुलिस को अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है। लेकिन छात्रों की ज़्यादातर शांतिपूर्ण भीड़ को काबू करने और ऐसे हथियार का इस्तेमाल करने के बीच ज़मीन-आसमान का फ़र्क है, जिसके नतीजे ज़िंदगी भर रह सकते हैं।
जजों ने अब कहा है कि वे एक सही प्रोटोकॉल तय करना चाहते हैं। कि क्या पैलेट गन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए या नहीं, और अगर हाँ, तो किन हालात में।
हर घायल छात्र जवाब पाने का हकदार है।
#DelhiProtests #SupremeCourt #StudentsProtest #PoliceReforms #RuleOfLaw #HumanRights #JusticeForStudents #India
@RahulGandhi@kharge@priyankagandhi@INCIndia
“गुंडे भेजने के बाद एक 15 साल की लड़की को सबके सामने माफ़ी मांगने के लिए मजबूर करना और फिर उस माफ़ी को स्वीकार करना पूरी तरह बकवास है”
@RahulGandhi 🔥🔥🔥🔥
लोकतंत्र ऐसे चलता है - तानाशाहियों से नहीं - कर्नाटक के मुख्यमंत्री @DKShivakumar और गृहमंत्री @PriyankKharge प्रोटेस्ट 🪧 कर रहे छात्रों से संवाद कर समस्या का हल मिलकर निकालते हुए 🇮🇳❤️👍.
हल संवाद है - पेलेट गन-AK-47,आँसू गैस,शॉक बैटन या पुलिस की लाठी नहीं @narendramodi . #SackShah
To dear Trolls & Co., जो पूछ रहे हैं की Jharkhand में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से कब मिलेंगे कांग्रेस वाले
मिलेंगे?🧐Upgrade- Update Trolls- सूत्रोलोक वासी
✋🏼मिल चुके हैं👇🏼
श्री @RahulGandhi जी के बब्बर शेर @nsui, @VinodJakharIN जी झारखंड में छात्र-छात्राओं से मिल चुके है👇🏼
Jo Jharkhand mein Jo student hai paper likh ke bare mein pradarshan kar rahe hain
Inappruti godi Media ka patrakaar Pintu kya bol raha hai suniye 👇👇👇
Desh mein hi aisi nafrat failate Hain log sabse bade Deshdrohi Hai yah Dalal patrakaar 👇👇
#JharkhandPolitics#viralvídeo
झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से झारखंड कांग्रेस प्रभारी श्री @KRajuINC के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों का एक ज्ञापन सौंपा।
जिसके बाद झारखंड सरकार ने सभी छात्रों को बातचीत का न्योता दिया है।