फिर कभी नहीं बसते बो दिल जो एक बार उजड़ जाते हैं ग़ालिब कब्र कितनी भी सजाओ कोई जिंदा नहीं होता!
जहां हमारे लोग एक लंबे ��ंघर्ष के बाद पहुं��े वहां कुछ लोग जम्प लगाकर कर पहुंच गए।
हमें इस बात का दुख है और आजीवन रहेगा
राष्ट्रीय नेतृत् को देखना चाहिए आखिर वंचित पीड़ित तबके के लोगों को आगे नहीं रखा जाएगा तो फिर कथनी और करनी में क्या अंतर है?
आदरणीय @yadavakhilesh जी
सामाजिक न्याय समानता की इस देश में लड़ाई लड़ने वाले लोग ही अगर संगठन में सामंजस्य नहीं बिठा सकते तो सामाजिक न्याय समानता की उम्मीद खोखली नजर आती है!
आखिर कब तक ठगा जाएगा समाज?
क्या हमारा समाज केवल वोट बैंक के लिए है?
क्या हमारे समाज से कोई प्रत्याशी नहीं हो सकता?
क्या हमारे समाज का कोई कार्यकर्ता प्रतिष्ठित पद की जिम्मेदारी संभालने योग्य नहीं है?
बीते 26 वर्षों से समाजवादी पार्टी का झंडा उठाने वाले, श्रीवास्तव समाज के कुशल वक्ता, तेजतर्रार युवा नेता एवं कट्टर समाजवादी बृजेश श्रीवास्तव जी को पार्टी में सम्मान और उचित प्रतिनिधित्व देने में इतनी कंजूसी क्यों?
बृजेश श्रीवास्तव जी ने वर्ष 2001 से 2002 तक समाजवादी छात्र सभा, बरेली के महानगर सचिव के रूप में जिम्मेदारी निभाई।
वर्ष 2002 से 2004 तक समाजवादी छात्र सभा, बरेली के जिला सचिव रहते हुए अनेक छात्र आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई।
वर्ष 2004 से 2007 तक मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के म���ानगर महासचिव तथा वर्ष 2008 से 2011 तक समाजवादी छात्र सभा के महानगर उपाध्यक्ष के रूप में पार्टी के विभिन्न जनआंदोलनों में सक्रिय योगदान दिया।
वर्ष 2014 से 2020 तक समाजवादी युवजन सभा के जिला महासचिव रहते हुए जिला पंचायत, विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में बरेली जिले की एक-एक ग्राम पंचायत तक पहुंचकर समाजवादी पार्टी के पक्ष में प्रचार-प्रसार किया और अपने समाज के मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने का लगातार प्��यास किया।
इसके बाद वर्ष 2020 से 2026 तक समाजवादी पार्टी में जिला सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान भी बृजेश श्रीवास्तव जी ने पूरी कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाया।
अपने समाज के मतदाताओं को समाजवादी पार्टी से जोड़ने के उद्देश्य से बरेली सहित कई जनपदों में सामाजिक सम्मेलन आयोजित कराकर समाजवादी विचारधारा को मजबूत करने का कार्य किया।
हर चुनाव में हमारे समाज ने भी अपने वोट की ताकत से समाजवादी पार्टी का साथ दिया।
लेकिन जब हमारे समाज के प्रतिनिधित्व और सम्मान की बात आती है, तो आखिर हमें बार-बार नजरअंदाज क्यों किया जाता है?
समाज के आग्रह पर बृजेश श्रीवास्तव जी ने समाजवादी पार्टी के बरेली जिलाध्यक्ष पद के लिए आवेदन किया। लेकिन राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व ने उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त नहीं समझा।
यह निर्णय भी समाज ने स्वीकार किया।
लेकिन अब बरेली की नई जिला कार्यकारिणी में बृजेश श्रीवास्तव जी को एक बार फिर जिला सचिव पद पर रिपीट किया जाना नि���्चित रूप से हमारे श्रीवास्तव समाज के लिए निराशाजनक है।
सवाल किसी एक व्यक्ति के पद का नहीं है, सवाल समाज के सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व का है।
जब कोई कार्यकर्ता 26 वर्षों तक पार्टी का झंडा उठाकर, आंदोलनों में संघर्ष करके, चुनावों में ��ेहनत करके और समाज को पार्टी से जोड़ने का कार्य करता है, तो क्या वह सिर्फ सचिव पद तक ही सीमित रहने के योग्य है?
अगर समाज का वोट महत्वपूर्ण है,
तो समाज का सम्मान और प्रतिनिधित्व भी महत्वपूर्ण होना चाहिए।
आज समाज का मतदाता यह सवाल पूछ रहा है—
क्या पीडीए में हमारा प्रतिनिधित्व केवल वोट तक सीमित है?
क्या हमारे समाज को नेतृत्व में उचित हिस्सेदारी नहीं मिलेगी?
आखिर हमारे समाज की राजनीतिक भागीदारी कब बढ़ेगी?
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी,
यह किसी व्यक्ति विशेष की शिकायत नहीं, बल्कि वर्षों से पार्टी के साथ खड़े समाज की सम्मानजनक राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग है।
अब समय आ गया है कि हमारे समाज को केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली राजनीतिक शक्ति और नेतृत्व की जिम्मेदारी के रूप में देखा जाए।
हक मांगना बगावत नहीं,
सम्मानजनक प्रतिनिधित्व लोकतंत्र का अधिकार
@yadavakhilesh @dimpleyadav
@proframgopalya1
#samajwadipartyofficial
#MijiaAirPurifiers
#उन्नाव
थाना माखी
ग्राम बिरसिंहपुर
कुछ दबंगों ने लाठी -डंडे और कुल्हाड़ी लेकर पीड़ित परिवार के घर में घुसकर मार -पीट की इसी दौरान महिला के सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर दिये।
प्रशासन तत्काल संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही करें
@unnaopolice@dgpup@Uppolice
यह स्वतंत्र भारद्वाज है
शान से बता रहा है कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट में प्रदर्शनकारी के पिता पर हमला किया - उन्हें 60 टांके लगे और वह मौत के कगार पर थे
307 के अंतर्गत हाफ मर्डर का मामला बनता था. लेकिन वह जेल नहीं गया - रात भर बेख़ौफ़ घूमता रहा
कपिल मिश्रा के एक फोन के बाद उसे राहत मिल गई
आगे बताता है कि कपिल मिश्रा, चिराग पासवान ही नहीं मोदी जी भी उसके “बड़े भाई” हैं, सबका समर्थन प्राप्त है
क्या मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अब इतना बड़ा अपराध हो गया है कि पत्रकार को पुलिस बेरहमी से पीटेगी?
आज दिल्ली में 4PM की पत्रकार शाहीन के साथ जो हुआ, वह बेहद गंभीर और डराने वाला है.
शाहीन दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल पूछने की कोशिश कर रही थीं. शाहीन का आरोप है कि इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और मारते-पीटते थाने ले गई. उनका यह भी आरोप है कि जब पुलिसकर्मियों ने उनका नाम पूछा और नाम में ‘खान’ सुना, तो उनके साथ मारपीट और बढ़ गई.
अगर एक पत्रकार को सिर्फ इसलिए पीटा जाता है क्योंकि वह मुख्यमंत्री से सवाल पूछ रही है, तो यह मामला सिर्फ शाहीन या 4PM का नहीं है. यह देश की पूरी पत्रकारिता और प्रेस की आजादी का सवाल है.
पिछले दिनों 4PM ने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स��� जुड़े मामलों पर लगातार गंभीर सवाल उठाए और खबरें प्रकाशित की थीं. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक ह��� कि क्या आज की कार्रवाई का उन खबरों और सवालों से कोई संबंध है?
मुख्यमंत्री से सवाल पूछना अपराध कब से हो गया?
पत्रकार का सवाल सत्ता के लिए इतना खतरनाक कब से हो गया?
और किसी पत्रकार के नाम में ‘खान’ होना क्या उसके साथ मारपीट की वजह बन सकता है?
दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को इन सवालों का जवाब देना चाहिए.
हम मांग करते हैं कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो. घटनास्थल और थाने के CCTV सहित उपलब्ध सभी वीडियो फुटेज तत्काल सुरक्षित किए जाएं. यदि किसी पुलिसकर्मी ने शाहीन के साथ मारपीट या उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर दुर्व्यवहार किया है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो.
4PM सवाल पूछता रहा है और सवाल पूछता रहेगा.
पुलिस की ताकत से पत्रकार की आवाज दबाई नहीं जा सकती.
#Shaheen #PressFreedom #DelhiPolice #RekhaGupta #4PMNews #JournalismIsNotACrime
मिटा दो समाज से जाति का नाम, फिर भले छीन लो आरक्षण की ढाल। ताकि
शंभुका का सिर नहीं काटा जाए , एकलव्य का अंगूठा नहीं काटा जाए । ताकि
योग्यता को 'सूतपुत्र' न सुनना पड़े, और रोहित-पायल की साँसें न थमें।
ताकि
पानी के घड़े पर इंदर की जान न जाए, न मनीषा की रीढ़ की हड्डी तोड़ी जाए।
लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी को सादा कपड़ों में पहुँचे पुलिसकर्मियों द्वारा जबरन अस्पताल ले जाना तथा उनके साथियों के साथ मारपीट कर उन्हें हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
इससे पहले वन रैंक वन पेंशन की मांग को ��ेकर महीनों तक धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों के साथ भी यही हुआ। देश का गौरव बढ़ाने वाली महिला पहलवानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को भी इसी तरह बलपूर्वक हटाया गया। अब सोनम वांगचुक जी के सत्याग्रह के साथ भी वही व्यवहार किया जा रहा है।क्या शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार केवल सत्ता की सुविधा तक ही सीमित रह गया?
हम प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि सोनम वांगचुक जी को उत्तम स्वास्थ्य, शक्ति और दीर्घायु प्रद��न करे।
#SonamWangchuk
मा. अखिलेश यादव जी से निवेदन है कि हमारे सविता समाज के छात्रराजनीति ने सक्रिय निवर्तमान जिलासचिव समाजवादी पार्टी बरेली एवं बरेली मंडल के अध्यक्ष AIMCEA (सविता समाज संगठन) श्री बिर्जेश कुमार सविता को समाजवादी पार्टी का जिलाध्यक्ष बनाकर PDA के नारे को मजबूत करें
@yadavakhilesh
नमन उस महान व्यक्तित्व को जिन्होंने हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का मार्ग दिखाया भीमराव अंबेडकर केवल एक नाम नहीं बल्कि एक विचारधारा हैं जो हर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना सिखाती है
"शिक्षित बनो संगठित रहो, संघर्ष करो"
यही उनका संदेश आज भी हर युवा को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है
नमन उस महान व्यक्तित्व को जिन्होंने हमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय का मार्ग दिखाया भीमराव अंबेडकर केवल एक नाम नहीं बल्कि एक विचारधारा हैं जो हर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना सिखाती है
"शिक्षित बनो संगठित रहो, संघर्ष करो"
यही उनका संदेश आज भी हर युवा को आगे बढ़ने की प्रेर��ा देता है
भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार एवं शोषितों वंचितों व महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आम्बेडकर जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन
"समरसता का संदेश, मानवता का कल्याण"
संत शिरोमणि श्रद्धेय श्री सैन जी महाराज ने अपने दिव्य ज्ञान से समाज में अखंड ज्योत प्रज्वलित की। उनकी जयंती पर, आइए हम उनके बताए मार्ग पर चलने और एक समरस समाज के निर्माण का संकल्प लें। उनके चरणों में मेरा क��टिशः नमन!
#समरसता #मानवता
भारत के प्रथम चक्रवर्ती सम्राट एवं केंद्रीय शासन के जनक नंद समाज के प्रेरणा स्रोत महान सम्राट महापदम नंद की जयंती पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं
#सम्राट_महापद्मानंद
प्रकृति भी कभी कभी बड़ा अन्याय करती है 😓😢
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह जी के पिता जी का निधन 4th स्टेज के लीवर कैंसर की वजह से यथार्थ हॉस्पिटल में हो गया है ।
एक पिता ने ताउम्र संघर्ष किया जब सुखद परिणाम आए उन्हें भोगने का समय आया तो इस दुनियां से चल दिए ।
भावभीनी श्रद्धांजलि 🙏🏻
जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
वंचितों और शोषितों के अधिकारों के लिए उनकी लड़ाई और सामाजिक न्याय के लिए उनका संघर्ष सदैव हमारे प्रेरणास्रोत रहेंगे।
प्रसिद्ध सेलेब्रिटी अनीससेन नन्द जी ने तर्क के साथ नन्द राजवंश 🙏 का इतिहास बताया
उहोंने बताया कि समाज के इतिहास से जुड़कर ही बदलाव आ सकता है
वर्तमान में नाई नन्दवंशी समाज,कहीं सेन, श्रीवास, शर्मा ,ठाकुर, वर्मा, यज्ञिक, सिंह, आदि सरनेम से जाना जाता है।।
#NaiSamaj#Nandvansh