प्रदेश प्रवक्ता AAP Bihar.....
Adv at Patna High Court /प्रदेश पर्यवेक्षक -जिला पटना(Ex) /जोनल सचिव (Ex)/सचिवालय सचिव (ex)/विधानसभा सचिव (ex)/🇮🇳 optimistic
हमारे नेता दिल्ली के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल जी , पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवत मान जी, राज्यसभा सांसद बड़े भाई संजय भैया एवम राघव चड्डा जी का गुरुगोविन्द सिंह जी की धरती पटना में स्वागत का स्वभाग प्राप्त हुआ🙏🙏
@AAPBihar@ArvindKejriwal@BhagwantMann
ग़ज़ब हाल है।
योगी जी आपका अयोध्या मॉडल “चंपत 420” के नेतृत्व में निर्माण घोटाला, जमीन घोटाला, चढ़ावा घोटाला, भगवान का आभूषण घोटाला करने का मॉडल है इसको @ArvindKejriwal जी कहीं लागू नहीं कर सकते।
केजरीवाल जी के आने के बाद आपने FIR करके छोटी मछलियों को पकड़ने की खानापूर्ति की है,
लेकिन मोदी के द्वारा बनाये गए भ्रष्ट ट्रस्ट के बड़े डकैतों को आप क्यों बचा रहे हैं?
मैंने आज SIT को जमीन घोटाले से संबंधित दस्तावेज़ दिए, जिसमें चंपत राय, अनिल कुमार मिश्रा, भाजपा के पूर्व मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और उसके भतीजे दीप नारायण का फंसना तय था। लेकिन सैकड़ों करोड़ के घोटाले से ध्यान भटकाने के लिए ट्रस्ट ने कुछ कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने का नाटक रचा है। आखिर प्रभु श्री राम जी के मंदिर में डकैती डालने वाले, चंदा चुराने वाले, चंपत राय और उनके साथी जेल कब जाएंगे?
ख़ान Sir की पूरी बात ध्यान से सुनिए एक सच्चे इंसान को बदनाम करने के लिए भाजपा के हिंदू मुस्लिम और युवाओ�� को बाँटने के एजेंडा में मत फँसिए।
ख़ान Sir वही हैं जिन्होंने लाखों बच्चों को न्यूनतम शुल्क में पढ़ाया कभी हिंदू मुसलमान नहीं देखा।
इन्होंने तो सम्राट सरकार की तारीफ़ भी की ऐसे में ख़ान Sir को टारगेट करना ठीक नहीं।
मामले की गहनता से निष्पक्ष जाँच कराई जाए।
BJP इस देश में सबसे बड़ी “पिछड़ा विरोधी” पार्टी है।
पश्चिम बंगाल में सरकार बनते ही BJP ने पिछड़ों का आरक्षण 17 % से घटाकर 7% कर दिया।
देश के पिछड़ों शोषितों को एकजुट होना होगा वरना BJP पूरे देश से दलितों/पिछड़ों/आदिवासियों का आरक्षण खत्म कर देगी।
मॉडल टाउन विधानसभा के लाल बाग में NEET पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाली बेटी अंशिका पांडे के परिवार से आज प्रदेश अध्यक्ष @Saurabh_MLAgk जी के साथ मुलाकात की।
अंशिका डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी, यह उसका चौथा प्रयास था। बार-बार पेपर लीक होने से देश के लाखों युवाओं का भरोसा टूट रहा है।
सरकार को जिम्मेदारी लेते हुए युवाओं को विश्वास दिलाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं होगी। केवल आश्वासन नहीं, अब ठोस कार्रवाई जरूरी है।
NEET पेपर फिर लीक।
और फिर लाखों बच्चों के सपनों के साथ खिलवाड़।
2015, 2021, 2024… और अब 2026।
हर बार पेपर लीक, हर बार “जांच” का वादा, लेकिन आज तक कोई बड़ा आरोपी नहीं पकड़ा गया।
पेपर से पहले सोशल Media पर लीक की खबर चल रही थी, फिर भी NTA कहता रहा — “सब कंट्रोल में है।”
मेहनत बच्चे करें, रातें बच्चे जागें,
और फायदा पेपर लीक माफिया उठाए?
जो सरकार एक परीक्षा ईमानदारी से नहीं करा सकती, वो देश क्या चलाएगी?
देश के नौजवानों को अब चुप नहीं बैठना चाहिए।
आज आवाज नहीं उठी, तो कल फिर एक नया एग्जाम… और फिर एक नया लीक।
LG साहब का यह अहंकार बेहद शर्मनाक है!
एक मासूम बच्ची के न्याय के लिए हम सुबह से उनके घर के बाहर बैठे रहे, पर मिलने का समय नहीं मिला।
सत्ता के नशे में चूर LG साहब को रील्स बनाने की फुर्सत है, पर जनता की सुनने की नहीं। न्याय के लिए हमारी जंग जारी रहेगी।
@Saurabh_MLAgk
यूपी के कुशीनगर में 5 वर्षीय बच्ची से रेप के मामले में नईमुद्दीन अंसारी का नाम सामने आया. सुदर्शन न्यूज़, रिपब्लिक भारत जैसे मीडिया ने घटना को कम्यूनल रंग दिया. लेकिन आखिर में दोषी सुरेंद्र सिंह निकला. देखिए #AltNewsVideoReport#AltNews#AltNewsFactCheck
ये है अनुराग ठाकुर, हिमाचल के बीजेपी के बड़े नेता और केंद्र में मंत्री। और देखिए किस तरह से भगवा पहनकर, चंदन लगाकर मंगलवार के दिन मछली खा रहे हैं! 🐟 🤔
ये वही लोग हैं जो दिल्ली और अन्य शहरों में मांस-मछली की दुकानें बंद कराते फिरते हैं।
अब बंगाल का चुनाव क्या आया, प्रधानमंत्री जी ने सभी को मछली खाने पर लगा दिया।
सत्ता के लिए क्या-क्या करोगे साहब? ये है भाजपाइयों का असली चाल, चरित्र और चेहरा।
थाने में वीडियो-फोटो बनाना अपराध नहीं, नागरिक का अधिकार है: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट में एक सुनवाई के दौरान न्याय की वह तस्वीर उभरी, जो पूरे देश म��ं पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों की मिसाल बन गई है।
माननीय जस्टिस निरजर एस. देसाई की अदालत में जब पुलिस पक्ष की महिला अधिवक्ता ने तर्क दिया कि थाने के अंदर आम नागरिक वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी नहीं कर सकते, तो न्यायाधीश ने सख्त स्वर में पूछा – “बताइए, किस कानून की धारा के तहत वीडियोग्राफी प्रतिबंधित है?”
यह सवाल केवल एक वकील से नहीं, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र से था। मामला हिरासत में यातन�� से जुड़ा था। पुलिस ने अपने बचाव में कहा कि शिकायतकर्ता लोग घटना की वीडियो बना रहे ��े। जस्टिस देसाई ने इस दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अगर पुलिस अपना कानूनी काम कर रही है तो वीडियो से उसे क्या आपत्ति हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के 80 प्रतिशत CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, फिर नागरिकों को रिकॉर्डिंग करने से कैसे रोका जा सकता है।
जब सरकारी वकील ने बार-बार CCTV का हवाला दिया, तो कोर्ट ने साफ कहा कि यह तर्क तभी दिया जा सकता है जब 100 प्रतिशत CCTV कार्यरत हों। लेकिन हकीकत यह है कि 80 प्रतिशत कैमरे खराब पड़े हैं।
भरी अदालत में न्यायाधीश ने स्पष्ट घोषणा की कि थाने में वीडियोग्राफी या फोटोग्राफी करना कोई अपराध नहीं है। कोई भी पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी आम नागरिक को सबूत के रूप में वीडियो बनाने या फोटो खींचने से नहीं रोक सकता। थाना सार्वजनिक स्थान है।
यह बयान न केवल उस मामले में निर्णायक साबित हुआ, बल्कि पूरे देश के लिए एक मजबूत संद���श बन गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस क्लिप को देखकर लाखों नागरिकों ने न्यायाधीश की तार्किक और साहसिक बहस की सराहना की।
यह फैसला इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पुलिस जवाबदेही मजबूत होगी और हिरासत में मारपीट या दुरुपयोग के खिलाफ ठोस सबूत आसानी से तैयार किए जा सकेंगे। साथ ही नागरिकों के अधिकारों को भी मजबूती मिली है। थाना किसी प्रतिबंधित स्थान की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए Official Secrets Act भी यहां लागू नहीं होता।
थाने या किसी सरकारी कार्यालय में शांतिपूर्वक, बिना ड्यूटी में बाधा डाले रिकॉर्डिंग करना कानूनी है। लेकिन हमेशा सावधानी बरतें – शांत रहें, आक्रामक न हों और यदि जरूरी हो तो दूसरे व्यक्ति की मदद लें।
यह सुनवाई सिर्फ एक मुकदमे की नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक सशक्तिकरण की बड़ी जीत है। जस्टिस निरजर एस. देसाई ने एक बार ��िर साबित किया कि अदालत आम आदमी की आवाज और संवैधानिक मूल्यों की रक्षक है।
जागरूक रहिए। सजग रहिए। जब हर नागरिक अपने अधिकारों को जानता और इस्तेमाल करता है, तभी लोकतंत्र सही मायने में मजबूत होता है।
~ साभार: @NCIBHQ