#शराब_पीना_महापाप
शराब छोड़ना सबके बस की बात नहीं क्योंकि काल प्रेरणा से यह नशा होता रहता है जब पूर्ण परमात्मा का साथ मिलता है उनके आशीर्वाद से नशा पूर्ण तरह से छूट जाता है ।
जिसके लिए सत्य साधना जरूरी है। अधिक जानकारी के लिए देखे
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#शराब_पीना_महापाप
शराब छोड़ना सबके बस की बात नहीं क्योंकि काल प्रेरणा से यह नशा होता रहता है जब पूर्ण परमात्मा का साथ मिलता है उनके आशीर्वाद से नशा पूर्ण तरह से छूट जाता है ।
जिसके लिए सत्य साधना जरूरी है। अधिक जानकारी के लिए देखे
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#शराब_पीना_महापाप
🌄🌄
गरीब मदिरा पीवै कड़वा पानी सत्तर जन्म श्वान के जानी।
अर्थात शराब पीने वाला व्यक्ति स्वान/कुत्ते का जीवन प्राप्त करता है।इस तरह के ज्ञान से संत रामपाल जी महाराज के आशीर्वाद व तत्वज्ञान से कई नशेड़ी लोगों ने नशा छोड़कर नया जीवन शुरु किया है।
#शराब_पीना_महापाप
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गरीब मदिरा पीवै कड़वा पानी सत्तर जन्म श्वान के जानी।
अर्थात शराब पीने वाला व्यक्ति स्वान/कुत्ते का जीवन प्राप्त करता है।इस तरह के ज्ञान से संत रामपाल जी महाराज के आशीर्वाद व तत्वज्ञान से कई नशेड़ी लोगों ने नशा छोड़कर नया जीवन शुरु किया है।
#शराब_पीना_महापाप
♦️ कबीर, अमल अहारी आत्मा, कबहूँ ना पावै पार।
कहै कबीर पुकार के, त्यागो सब ही विकार।।
संत रामपाल जी महाराज अपने सत्संगों के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करते हैं, जो लोगों को नशे की लत छोड़ने के लिए प्रेरित करता है।Sa True Story YouTube
#शराब_पीना_महापाप
♦️ नशा करता है नाश
नशा चाहे शराब, सुल्फा, अफीम, हिरोईन आदि-आदि किसी का भी करते हो, यह आपका सर्वनाश का कारण बनेगा। नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है। फिर शरीर का नाश करता है।
-संत रामपाल जी महाराज Sa True Story YouTube
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♦️ नशा करता है नाश
नशा चाहे शराब, सुल्फा, अफीम, हिरोईन आदि-आदि किसी का भी करते हो, यह आपका सर्वनाश का कारण बनेगा। नशा सर्वप्रथम तो इंसान को शैतान बनाता है। फिर शरीर का नाश करता है।
-संत रामपाल जी महाराज Sa True Story YouTube
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शरीर के चार महत्वपूर्ण अंग हैंफेफड़े जिगर (लीवर), गुर्दे हृदय। शराब सर्वप्रथम इन चारों अंगों को खराब करती है। सुल्फा दिमाग को पूरी तरह नष्ट कर देता है। हेरोईन शराब से भी अधिक शरीर को खोखला करती है। अफीम से शरीर कमजोर
-संत रामपाल जी महाराज Sa True Story YouTube
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♦️ कबीर, भांग तमाखू छोतरा, तम्बाखू और शराब।
कबीर कौन करै बंदगी, ये तो घनें खराब।।
संत रामपाल जी महाराज के सत्संगों में ज्ञान और आत्म-जागृति की शक्ति है, जो लोगों को बुरे कर्मों से बचाती है।Sa True Story YouTube
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♦️ गरीब, मदिरा पीवै कड़वा पानी, सत्तर जन्म स्वान के जानी।
अर्थात शराब पीने वाला वुकती स्वान/कुत्ते का जीवन प्राप्त कर्ता है। इस तरह के ज्ञान से संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में कई नशेड़ी लोगों ने नशा छोड़कर नया जीवन शुरू किया है।Sa True Story YouTube
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पीवै तमाखू पड़ै कर्म मार। अमली के मुख में मुत्रा की धार।।
कड़वा ही कड़वा तू करता हमेश। कड़वा ही ले प्यारे कड़वा ही पेश।।Sa True Story YouTube
#शराब_पीना_महापाप
हुक्का हरदम पीवते, लाल मिलांवे धूर।
इसमें संशय है नहीं, जन्म पीछले सूअर।
समाज के व्यक्तियों को देखकर कुछ व्यक्ति हुक्का नशीली वस्तुऐं सेवन करने लग जाते हैंसत्संग सुनकर बुराई त्याग देते हैं तो वे जीव पिछले जन्म में भी मनुष्य थे। उनके अंदर नशे की गहरी लत नहीं बनती
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मानव शरीर को ऑक्सीजन की आवश्यकता है। उसके स्थान पर तम्बाकू का धुँआ (कार्बनडाईऑक्साइड) प्रवेश करता है तो उनको खाँसी रोग हो जाता है। पित्त तथा बाई (बाय) का रोग हो जाता है।Sa True Story YouTube
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संत रामपाल जी महाराज के शिष्य नशे को हाथ तक नहीं लगाते, जो उनकी शिक्षाओं का प्रभाव है। क्योंकि संत रामपाल जी बताते हैं:
गरीब, भांग तम्बाखू पीव हीं, सुरा पान से हेत।
गोश्त मट्टी खाय कर, जंगली बनें प्रेत।।Sa True Story YouTube
#शराब_पीना_महापाप
♦️ संत गरीबदास जी ने कहा है कि:-
तमा + खू = तमाखू।
खू नाम खून का तमा नाम गाय। सौ बार सौगंध इसे न पीयें-खाय।। भावार्थ:- भावार्थ है कि फारसी भाषा में ‘‘तमा’’ गाय को कहते हैं। खू = खून यानि रक्त को कहते हैं। यह तमाखू गाय के रक्त से उपजा है।
#शराब_पीना_महापाप
♦️ संत गरीबदास जी ने कहा है कि:-
तमा + खू = तमाखू।
खू नाम खून का तमा नाम गाय। सौ बार सौगंध इसे न पीयें-खाय।। भावार्थ:- भावार्थ है कि फारसी भाषा में ‘‘तमा’’ गाय को कहते हैं। खू = खून यानि रक्त को कहते हैं। यह तमाखू गाय के रक्त से उपजा है। इसके ऊपर गाय के बाल
#शराब_पीना_महापाप
सौ नारी जारी करै, सुरापान सौ बार।
एक चिलम हुक्का भरै, डूबै काली धार।।
एक चिलम भरकर हुक्का पीने वाले को देने से भरने वाले को जो पाप लगता है, वह सुनो। एक बार परस्त्राी गमन करने वाला, एक बार शराब पीने वाला, एक बार माँस खाने वाला पाप के कारण उपरोक्त कष्ट भोगता है
#शराब_पीना_महापाप
सौ नारी जारी करै, सुरापान सौ बार।
एक चिलम हुक्का भरै, डूबै काली धार।।
एक चिलम भरकर हुक्का पीने वाले को देने से भरने वाले को जो पाप लगता है, वह सुनो। एक बार परस्त्राी गमन करने वाला, एक बार शराब पीने वाला, एक बार माँस खाने वाला पाप के कारण उपरोक्त कष्ट भोगता है
#शराब_पीना_महापाप
♦️ संत गरीबदास जी ने कहा है कि:-
तमा + खू = तमाखू।
खू नाम खून का तमा नाम गाय। सौ बार सौगंध इसे न पीयें-खाय।। भावार्थ:- भावार्थ है कि फारसी भाषा में ‘‘तमा’’ गाय को कहते हैं। खू = खून यानि रक्त को कहते हैं। यह तमाखू गाय के रक्त से उपजा है। इसके ऊपर गाय के बाल