संसदीय क्षेत्र के गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत बोर, आखली, कोशले की ढाणी उड़ासर, दूदापूरा उड़ासर, शोभाला जेतमाल में शोकसभाओं में सम्मिलित होकर गमजदा परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त कर संबल प्रदान किया।
हनुमान बेनीवाल और रविंद्र सिंह भाटी….
राजस्थान के दो बेहद लोकप्रिय नेता….
आए दिन लोग दोनों की तुलना करते रहते हैं, जबकि तुलना बनती नहीं है….
रविंद्र सिंह भाटी आज उस दौर में है जिस दौर में हनुमान बेनीवाल 2000-2005 के वक़्त में हुआ करते थे….
हनुमान बेनीवाल जी ने 1995 में राजस्थान कॉलेज के अध्यक्ष बनकर अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की थी…
1995 से लेकर आज तक 30 साल तक दोनों प्रमुख दलों के सामने सफलतापूर्वक अपनी राजनीतिक करियर को बेहतरीन बनाए रखने में कामयाब हुए हैं…
और बीते तीस सालों में लगातार हनुमान बेनीवाल जी की लोकप्रियता में इज़ाफ़ा ही हुआ है….
जहां तक रविंद्र सिंह भाटी की बात है, तो JNVU के पहले निर्दलीय अध्यक्ष से लेकर राजस्थान की विधानसभा में पहुँचने तक का सफ़र बेहतरीन तरीक़े से पार किया है….
और लोकप्रियता भी बरकरार बनी हुई है….
लेकिन रविंद्र सिंह भाटी के लिए अभी ये महज़ शुरुआत है, अभी उन्हें बेहद कठिन रास्ते तय करने बाक़ी है…
राजस्थान की राजनीति दुधारी तलवार की तरह है….
यदि आप निर्दलीय रहकर सफ़र जारी रखते हैं तो बेहद कठिन डगर पार करनी पड़ेगी, और यदि किसी प्रमुख दल का दामन थामते है तो ये लोकप्रियता कहाँ ग़ायब हो जाएगी पता भी नहीं चलेगा….
मौजूदा दौर में हम ये ज़रूर कह सकते हैं कि रविंद्र सिंह भाटी बेहतर दिशा में अग्रसर है….
लेकिन ये बेहद मुश्किल सफ़र कहाँ तक बेहतरीन बना रहता है, ये तो आने वाले भविष्य में ही पता चलेगा…
बाक़ी हमारी शुभकामनाएँ दोनों के साथ है, क्योंकि हमारी शुभकामनाएँ अंततः राजस्थान के साथ जो है…🙏🙏
जोधपुर में अनिता जाट हत्याकांड के प्रकरण में न्याय की मांग को लेकर चल रहे धरने में मौजूद हुं,राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी न्याय की लड़ाई में पीड़ित परिवार के साथ है |