19 अप्रैल से पहले लक्ष्य - 1008 कमेंट 🚩
भगवान परशुराम जन्मोत्सव के पावन अवसर पर'
ब्राह्मण एकता का संदेश देने हेतु।
कमेंट में सिर्फ़ 'ब्राह्मण एकता जिंदाबाद' लिखें। 💪
अपने ग्रन्थ 'आर्यभट्टीयम्' में गणितीय सूत्रों में शून्य और दशमलव का प्रयोग करके ब्रह्माण्ड के 'सौर केंद्रित सिद्धांत (Heleocentric theory of Universe)' का सर्वप्रथम प्रतिपादन करने वाले महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट की जन्म जयन्ती के अवसर आप सभी को हार्दिक शुभकामनायें | इस अवसर पर मेरे द्वारा लिखा गया लेख आप सब को अर्पित है.. 💐🙏
#आर्यभट्ट_जयन्ती
14 अप्रैल #आर्यभट्ट_जयंती महान गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री को शत्-शत् नमन।
इन्होंने शून्य (०) के सिद्धान्त को लोकप्रिय बनाया, पाई (π) का सन्निकट मान ज्ञात किया तथा “आर्यभटीय” जैसे महान ग्रन्थ की रचना की।साथ ही, यह बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है और खगोलशास्त्र को नई दिशा दी।
ये आज़ाद सेना के प्रमुख अभिषेक शुक्ला जी हैं। इन्होंने 9 अगस्त 2018 को पूरे देश में SC/ST एक्ट के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया था।
दिल्ली पुलिस ने इनपर देशद्रोह सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। आज इसी मामले में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में तारीख थीं।
9 अगस्त 2018 को पूरे देश में SC ST एक्ट के विरोध में देश व्यापी आंदोलन करने पर फर्जी देशद्रोह सहित तमाम धाराएँ लगाई गई उसी के लिये आज पटियाला कोर्ट दिल्ली में चार्ज और सजा तय करने के लिये तारीख पर आये थे,
8 सालों से हर दिन यही संघर्ष महसूस करते आ रहा हूँ, लेकिन समाज के विभीषणो को आज भी पार्टियों और नेताओं का भाट बनकर मुझे ही गालियाँ देते हैं ll @abhinav_blogger@Shubham_fd@shubhankrmishra
आप सभी को प्रभु श्रीराम जी के परम भक्त, संकट मोचन, भक्तवत्सल श्री हनुमान जी के पावन जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं!
जय बजरंगबली! #jaihanuman
कल लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण समाज के कार्यक्रम का आयोजन ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी द्वारा किया गया था। इनके उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक सहित भाजपा के कई अन्य नेताओं से करीबी संबंध बताए जाते है।
इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व उप-मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद दिनेश शर्मा का विरोध हुआ। वहीं पूर्व SDM अलंकार अग्निहोत्री को सरकार के ख़िलाफ़ बोलने से रोका गया।
समाज का कहना है कि राजेंद्र नाथ त्रिपाठी का पूरा खेल केवल ब्राह्मण वोटों की सौदेबाज़ी तक है। राजेंद्र त्रिपाठी जैसे लोगों को ब्राह्मणों के मुद्दों से कोई मतलब नहीं है। इन्हें तो सिर्फ "जय परशुराम" बोलकर समाज का दोहन करना है।